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Brahma Kumaris News

coping with Uncertainty

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* ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से सभी का दिल जीत लिया…
* चेम्बर ऑफ कामर्स और ब्रह्माकुमारीज उद्योग प्रभाग का संयुक्त आयोजन था…
* इण्डोर स्टेडियम में शिवानी दीदी को सुनने भारी तादात में लोग उमड़े…
* व्यवसाय से धन के साथ-साथ लोगों की दुआएं भी अर्जित करें…शिवानी दीदी
रायपुर, २२ दिसम्बर, २०२५: जीवन प्रबन्धन विशेषज्ञा एवं मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने कहा कि सिर्फ अपने लाभ के बारे में न सोचे बल्कि दूसरों के कल्याण के बारे में भी सोचें। इससे आप लोगों का विश्वास जीत सकेंगे। दूसरों के लाभ में आपका कल्याण भी समाया हुआ है। व्यवसाय के साथ लोगों की दुआएं और पुण्य अर्जित करें। इससे धन के साथ घर में खुशी भी आएगी। जैसे व्यवसाय में उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं ऐसे ही अपने विचारों की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें तो जीवन ख्ुशहाल बन जाएगा।
इण्डोर स्टेडियम में शिवानी दीदी को सुनने के लिए लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, छ.ग. चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी, पूर्व विधायक श्रीचन्द सुन्दरानी, पूर्व विधायक श्रीचन्द सुन्दरानी, क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता, बीके आशा, बीके सविता सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। व्याख्यान का विषय था- अनिश्चितता से मुकाबला।
ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने आगे कहा कि जिस प्रकार शरीर की सफाई रोज जरुरी है वैसे ही मन की सफाई भी जरुरी है। रात को सोने से एक घण्टा पहले फोन और टेलीविजन देखना बन्द कर दें। यह हमारी नींद और जीवन की खुशियॉँ छिन रहा है। हम सारा दिन शरीर की खुशी प्राप्त करने के लिए मेहनत करते हैं लेकिन शाम को जब घर आते हैं तो अपना समय परिवारजनों के साथ बिताने की बजाए फोन और टेलीविजन के संग बिताने लगते हैं। हम मोबाईल के गुलाम बन गए हैं। साधन को मालिक बनकर उपयोग करें लेकिन उसके गुलाम नहीं बने। खाली समय का उपयोग पुस्तक पढऩे और संगीत सुनने में करें। नींद की कमी से शरीर बीमार हो रहा है। तनाव और अवसाद बढ़ रहा है। असमय ही हृदय रोग और कैंसर का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कम बोलें, धीरे बोलें और मीठा बोलें। इसीमें जीवन का सुख समाया हुआ है। रास्ते में किसी ने गाड़ी को ठोकर मार दी तो गुस्सा न करें। हमारी खुशी गुम न हो। गाड़ी तो मरम्मत करके ठीक की जा सकती है किन्तु गुस्से के कारण जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचेगा उसकी भरपाई नहीं हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोबाईल की बैटरी को रोज चार्ज करना पड़ता है ठीक वैसे ही आत्मा को भी मेडिटेशन के माध्यम से चार्ज करने की आवश्यकता है। आपके मेडिटेशन करने से आपके घर का वायुमण्डल बदल जाएगा। सबके साथ सम्बन्ध सुधर जाएंगे। एक माह यह करके दखिए। आपका जीवन खुशहाल बन जाएगा। सुबह का समय मोबाईल चेक करने की बजाय परमात्मा को याद करें। आपके पाजिटिव वाईब्रेयरन्स पूरे घर का वायुमण्डल सकारात्मक बना देंगे। हम अपने बच्चों को परिस्थिति का सामना करने की शक्ति नहीं दे पा रहे हैं। हर साल हमारे देश में अनेक बच्चे सुसाईड कर रहे हैं। ऐसे बच्चे व्यवसाय में चुनौतियों का सामना कैसे कर पाएंगे? हमारे मन की स्थिति परिस्थिति पर निर्भर न हो।
प्रारम्भ में छ.ग. चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने शिवानी दीदी का स्वागत किया और चेम्बर की ओर से मोमेन्टो भेंट किया। नगर के बाल कलाकारों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कु. शारदा नाग ने अपनी सुमधुर आवाज में स्वागत गीत प्रस्तुत कर भाव विभोर कर दिया।
कल २३ दिसम्बर से ब्रह्माकुमार शक्तिराज भाई का शिविर:

शिवानी दीदी के कार्यक्रम के बाद इंडोर स्टेडियम में ही २३ से २५ दिसम्बर तक माउण्ट आबू से पधारे मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमार शक्तिराज भाई जीवन का उत्सव विषय पर शिविर कराएंगे। शिविर का समय सुबह एवं शाम को ७ से ८.३० बजे रखा गया है।

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– मन से पुरानी बातों और स्वभाव-संस्कारों की विदाई के संकल्प के साथ मनाया नया वर्ष…
– नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर में हुआ आयोजन…
– नये वर्ष में परमात्मा को देंगे अच्छाइयों का गिफ्ट… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी…
– परमात्मा को मेरा उपहार प्रोजेक्ट का शुभारम्भ किया गया…
नवा रायपुर (अटल नगर): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित नये भवन एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड-शान्ति शिखर में मन से पुरानी बातें, स्वभाव और संस्कार की विदाई के संकल्प के साथ नया वर्ष मनाया गया। साथ ही नये वर्ष में परमात्मा को मेरा उपहार (My Gift to GOD) नामक अनोखे  प्रोजेक्ट का शुभारम्भ भी किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए संस्थान की रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नये साल में सबमें विशेषताएं और अच्छाईयाँ देखने का संस्कार बना लें तो हम विशेष आत्मा बन ही जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ न कुछ कमियाँतो हरेक व्यक्ति में होती है लेकिन हमें उनके गुणों और विशेषताओं पर ही ध्यान केन्द्रित कर उनकी अच्छाईयों अपने जीवन में धारण करना होगा। इस प्रकार हम अनेक गुणों से सम्पन्न और विशेष आत्मा बन जाएंगे। पुरानी बातों को पुराने वर्ष के साथ विदाई देकर अब नये वर्ष में नवीनता करनी है।
उन्होंने सभी को क्षेत्रीय मुख्यालय से प्राप्त साप्ताहिक चार्ट भरने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रोज रात को सोने से पहले ईमानदारी से अपनी चेकिंग अवश्य करें जिससे कि पूरे दिन हमें अपने कर्मों पर अटेन्शन बना रहे। निगेटिव और व्यर्थ विचारों से दूर रहें क्योंकि इनसे आत्मा की शक्ति कम होती है। हमेशा सबके लिए शुभ सोचें। सबके लिए कल्याण की कामना करें तो आपका भी कल्याण स्वत: होता रहेगा। सभी का चार्ट महाशिवरात्रि के अवसर पर माउण्ट आबू में परमात्मा शिवबाबा को अर्पित किया जाएगा।
अन्त में विश्व कल्याण की कामना के साथ सभी साधकों ने मेडिटेशन किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया। इस दौरान रायपुर की गायिका कु. शारदा नाथ ने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत कर सबको उमंग-उत्साह से भर दिया।
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बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

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शांति शिखर में तीन दिवसीय आध्यात्मिक शिविर का समापन: बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

  • स्वयं को पहचानें और परमात्मा से जुड़ें, तभी जीवन में सुख-शांति आएगी: बी.के. श्रेया

  • तीन दिनों तक सुबह और शाम के सत्रों में सैकड़ों लोगों ने लिया राजयोग का लाभ…

  • अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग’ के माध्यम से मानसिक रोगों और तनाव से मुक्ति का मार्ग बताया…

रायपुर, 23 दिसम्बर, 2025: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ‘शांति शिखर’ केंद्र में तीन दिवसीय विशेष आध्यात्मिक शिविर का भव्य समापन हुआ। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी श्रेया

दीदी ने शिविर के दौरान शहरवासियों को तनावमुक्त जीवन जीने और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के गुर सिखाए। यह शिविर प्रतिदिन दो सत्रों में (सुबह 7:00 से 8:30 और शाम 7:00 से 8:30 बजे) आयोजित किया गया था।

तीन दिनों का सफर: स्वयं की खोज से आध्यात्मिक उपचार तक शिविर के पहले दिन का विषय ‘री-कनेक्ट विद योर इनरसेल्फ’ (Reconnect with your Innerself) रहा। दीदी ने बताया कि आज मनुष्य बाहर की दुनिया से तो जुड़ा है, लेकिन स्वयं से दूर हो गया है। जब तक हम अपनी आंतरिक शक्ति को नहीं पहचानेंगे, हम खुश नहीं रह सकते।

दूसरे दिन ‘रीचार्ज द सोल’ (Recharge the Soul) विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोबाइल को चार्ज करने की आवश्यकता होती है, वैसे ही आत्मा को भी राजयोग के माध्यम से परमात्मा से जुड़कर रिचार्ज करना पड़ता है। एकाग्रता और सकारात्मक चिंतन ही आत्मा की बैटरी को चार्ज करने का तरीका है।

शिविर के तीसरे और अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग थ्रू मेडिटेशन’ (Spiritual Healing through Meditation) पर विशेष सत्र हुआ। दीदी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश बीमारियाँ मनोदैहिक (Psychosomatic) हैं, जिनका मूल कारण मन में छिपी चिंता और नकारात्मकता है। मेडिटेशन के माध्यम से हम स्वयं को हील (स्वस्थ) कर सकते हैं और पुराने मानसिक घावों को भर सकते हैं।

राजयोग मेडिटेशन का कराया दिव्य अनुभव:

सत्र की मुख्य विशेषता दीदी द्वारा कराई गई गहन राजयोग कमेन्ट्री रही। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से उपस्थित जनसमूह को शरीर से अलग ‘स्व स्वरूप’ (आत्मा) का अनुभव कराया। परमात्मा के साथ जुड़कर दिव्य किरणों के माध्यम से मन की सफाई और हीलिंग का अभ्यास कराया गया। शिविरार्थियों ने अनुभव किया कि कैसे मेडिटेशन के माध्यम से मन का भारीपन दूर हो गया और शांति का संचार हुआ।

भविष्य के लिए लिया संकल्प:

दीदी ने सभी को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट राजयोग का अभ्यास करने का ‘चैलेंज’ दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिस्थितियाँ कभी भी हमारे हाथ में नहीं होतीं, लेकिन हमारा ‘रिस्पॉन्स’ हमारे हाथ में है। अंत में, शिविर में आए लोगों ने अपने बुरे संस्कारों को छोड़ने और श्रेष्ठ कर्म करने का संकल्प लिया। शांति शिखर के इस आध्यात्मिक उत्सव से लोग नई ऊर्जा और उमंग लेकर विदा हुए।

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Soft Skills for Administators : बी.के. श्रेया दीदी

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CG Prashashan Academy

– प्रशासनिक अधिकारियों को मिला आंतरिक सशक्तिकरण का मंत्र…
– छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में हुआ आयोजन…
– बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया…
– बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक स्थिति में छिपा है…ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी, मुम्बई
नवा रायपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मुम्बई की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी ने कहा कि अपने हर विचार के लिए हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं। मन की शान्ति के लिए जरूरी है कि हम सही सोचें। डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर की हर बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक अवस्था में छिपा हुआ है। इसलिए किसी बात को मन में दबाकर न रखें। उसे किसी के आगे बतलाकर हल्के हो जाएं।
वह ब्रह्माकुमारीज के प्रशासनिक सेवा प्रभाग द्वारा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में शासकीय अधिकारियों के लिए आयोजित वर्कशाप में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था- प्रशासनिक अधिकारियों में आवश्यक व्यक्तिगत कौशल (Soft Skills for Administators)।
ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी ने आगे कहा कि जैसा हमारा चिंतन होगा, वैसा ही हमारा चरित्र और जीवन बनेगा। सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की असली कुंजी है। वर्तमान समय में बाहरी चुनौतियों से अधिक आंतरिक स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम अपने मन को नियंत्रित कर लेते हैं, तो बाहरी परिस्थितियाँ स्वत: ही हमारे अनुकूल होने लगती हैं।
उन्होंने बतलाया कि हमारा मन कमजोर होगा तो छोटी-छोटी समस्याएं भी पहाड़ जैसी महसूस होगी। अपनी कार्यक्षमता और निर्णय शक्ति को बढ़ाने के लिए मेडिटेशन द्वारा आत्मबल को बढ़ाने और उसे मजबूत करने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर बढ़ता दबाव और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना तभी संभव है जब हम प्रतिदिन स्वयं के लिए समय निकालकर मेडिटेशन करेंगे। यदि शासन-प्रशासन में बैठे लोग मानसिक रूप से शांत और प्रसन्न रहेंगे, तो उनकी कार्यक्षमता में न केवल वृद्धि होगी बल्कि समाज को भी एक बेहतर नेतृत्व मिलेगा।
श्रेया दीदी ने विचारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा मन एक उपजाऊ भूमि की तरह है। इसमें हम जैसे विचार बोएंगे, वैसी ही फसल काटेंगे। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी अंतरात्मा की आवाज को पहचानना होगा। यदि हम शान्तचित्त होकर कार्य करेंगे, तो कठिन से कठिन समस्या का समाधान सहजता से मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने वाली चुनौतियों को बाधा मानने के बजाय उन्हें अपनी क्षमता निखारने का अवसर मानना चाहिए। सहनशीलता कमजोरी नहीं, बल्कि एक महान शक्ति है। अच्छा प्रशासक बनने के लिए शान्त रहना जरूरी है। हमने तनाव को नैचुरल समझ लिया है जो कि हमें बीमार कर रहा है। सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करें तो प्रशासन ठीक से चलेगा। सबको सम्मान दें तो आपको भी सम्मान मिलेगा। गुस्से का संस्कार न बनाएं। अपनी उर्जा को व्यर्थ न गवाएं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी को जीवन में स्वच्छता, सादगी और सत्यता को अपनाने का संकल्प दिलाया।
प्रारम्भ में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने गुलदस्ता भेंटकर ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम.के. राउत और अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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