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Brahmakumaris Raipur

एन.एच.गोयल स्कूल

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– एन.एच.गोयल स्कूल के शिक्षकों ने किया राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास…
– तनाव प्रबन्धन कला विषय पर भी हुई चर्चा…
– स्कूल हमारे शिक्षा के मन्दिर की तरह… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– मोबाईल की तरह ही आत्मा रूपी बैटरी को रोजाना चार्ज करने की जरूरत…
रायपुर, 29 अप्रैल 2026: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शान्ति सरोवर रिट्रीट में एन.एच.गोयल स्कूल के शिक्षकों ने राजयोग मेडिटेशन का लाभ लिया। कार्यक्रम में एन.एच.गोयल स्कूल के डायरेक्टर एस.के.तोमर, प्राचार्य डॉ. अविनाश पाण्डे सहित बड़ी संख्या में वहाँ के शिक्षक उपस्थित थे। इस दौरान रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, अदिति दीदी, रश्मि दीदी और स्मृति दीदी ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि स्कूल हमारे शिक्षा के मन्दिर हैं जहाँ पर शिक्षक बच्चों की प्रतिभा को शिल्पकार की तरह तराशने का काम करते हैं। इस प्रकार शिक्षक की भूमिका समाज और राष्ट्र के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। किसी ने ठीक ही कहा है कि देश का निर्माण संसद या विधानसभा में नहीं अपितु स्कूल की कक्षाओं में होता है। शिक्षक उस दीपक की तरह होते हैं जो कि स्वयं जलकर दूसरों को मार्ग दिखाते हैं। स्कूल में हरेक बच्चे का लक्ष्य होता है डॉक्टर, इन्जीनियर बनना। उसी के अनुरूप वह पढ़ाई करता है।
उन्होने बतलाया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान का लक्ष्य है जीवन में दैवीगुणों को धारण कर मनुष्य को देवतुल्य बनना। हमारा शिक्षक स्वयं परमपिता परमात्मा है। वही हमारा माता-पिता, शिक्षक और सद्गुरू है। अब हमें अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाना है। इसके लिए ब्रह्माकुमारीज में राजयोग मेडिटेशन की शिक्षा प्रदान की जाती है। राजयोग मेडिटेशन बहुत ही सहज और सरल है। मेडिटेशन से हमें अपनी आन्तरिक शक्ति की पहचान मिलती है। मन और बुद्घि को परमात्मा में एकाग्र करने से उनकी शक्तियाँ हमारे जीवन में आने लगती हैं। जिस प्रकार की बैटरी को रोजाना चार्ज करना पड़ता है ठीक उसी प्रकार आत्मा की बैटरी को भी राजयोग से रोजाना चार्ज करने की जरूरत है।
ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी ने कहा कि राजयोग ऐसी साधना है जो हमारी सोच को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। हमारे मन में सारे दिन में अनेक प्रकार के विचार पैदा होते हैं। इन विचारों का हमारे शरीर पर बहुत सूक्ष्म और गहरा प्रभाव पड़ता है। यह विचार ही हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। हमारी सोच सदैव रचनात्मक होना चाहिए। सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि सभी की भलाई के लिए सोचें। उन्होंने तनाव से बचने के लिए तीन बातें बतलाईं। पहला हर परिस्थिति को स्वीकार करें, उससे विचलित न हों। दूसरा अपने काम से प्यार करेें, उसको बोझ न समझें और तीसरा किसी से कोई अपेक्षा न रखें।
अन्त में अपने संस्मरण सुनाते हुए एन.एच.गोयल स्कूल के डायरेक्टर एवं प्राचार्य ने कार्यक्रम की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा करते हुए संस्थान से आगे भी उनके लिए ऐसे आयोजन करने का अनुरोध किया। उन्होंने मानसिक शान्ति के लिए राजयोग मेडिटेशन को उपयोगी बतलाते हुए उसके बारे में और अधिक जानने की उत्कण्ठा व्यक्त की।

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जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन के निमंत्रण ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

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रायपुर (छ.ग.): रायपुर जिला प्रशासन द्वारा इण्डोर स्टेडियम में आयोजित सरकारी कार्यक्रम प्रोजेक्ट -छांव में ब्रह्माकुमारी बहनों को आमंत्रित किया गया था। जिसमें रायपुर सेवाकेंद्र की ओर से ब्रह्माकुमारी भावना दीदी और सिमरन दीदी उपस्थित हुईं।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने नशामुक्ति पर भाषण करने के उपरांत सभी को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर रायपुर कलेक्टर भ्राता डा. गौरव सिंह जी, नगर निगम कमिश्नर भ्राता सम्बित मिश्रा जी, आयुष के डायरेक्टर भ्राता राजेन्द्र कुमार कटारा जी, डा. सुनील कालड़ा जी और जिला पंचायत के सीईओ कुमार विश्व रंजन सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

 

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सुहाना सफर-एन एडवेन्चर इन टू अवेयरनेस

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जीवन की राह को आसान बनाने की अनूठी पहल…
– ब्रह्माकुमारीज के यातायात एवं यात्री प्रभाग का आयोजन…
– यात्री कृपया ध्यान दें – के अन्तर्गत सुहाना सफर कार्यक्रम हुआ…
– जीवन के सफर में हमारी मुस्कान ही हमारी असली पहचान… ब्रह्माकुमारी कविता दीदी

रायपुर, छत्तीसगढ़: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के यातायात एवं यात्रा प्रभाग द्वारा जीवन की यात्रा को आसान, आनन्दमय और सफल बनाने के लिए यात्री कृपया ध्यान दें -कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चर्चा का विषय था सुहाना सफर-एन एडवेन्चर इन टू अवेयरनेस। इस कार्यक्रम के माध्यम से भौतिक यात्रा और जीवन यात्रा के बीच समानताएं दर्शाते हुए प्रतिभागियों को आन्तरिक शान्ति और खुशी का मार्ग बतलाया गया।

समारोह में मुम्बई से पधारी यातायात प्रभाग की नेशनल कोआर्डीनेटर ब्रह्माकुमारी कविता दीदी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, एडीआरएम बजरंग अग्रवाल, सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी, ब्रह्माकुमारी सविता दीदी और ब्रह्माकुमार सुवास भाई ने हिस्सा लिया।

यातायात प्रभाग की नेशनल कोऑर्डीनेटर ब्रह्माकुमारी कविता दीदी ने सभी को जीवन में होने वाले बदलाव को स्वीकार करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक यात्री अपनी यात्रा के दौरान टिकट, पहचान पत्र और दवाईयाँआदि लेकर चलता है उसी प्रकार जीवन के सफर में हमारी मुस्कान ही हमारी असली पहचान है और लोगों से मिलने वाली दुआएं ही दवा का काम करती हैं। इस रोमांचक यात्रा में उन्होंने विभिन्न स्टेशन के माध्यम से मानवीय मूल्यों और जीवन दर्शन की शिक्षा भी दी।

आधुनिक चुनौतियों की चर्चा करते हुए उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और अपने कर्मों के प्रति सजगता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने नो नेटवर्क जोन के माध्यम से डिजिटल दुनिया की बजाए वास्तविक सम्बन्धों और राजयोग मेडिटेशन को अपनाने पर जोर दिया। अन्त में प्रतिभागियों को राजयोग के अभ्यास द्वारा स्वयं को परमात्मा से जोडऩे का अनुभव कराया गया ताकि उनका हर पल सुहाना बन सके।

विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि यातायात की समस्या एक जटिल समस्या है। इसे हल करने के लिए सबको संगठित रूप से प्रयास करने की जरूरत है। हमें देशहित और राज्य के हित में एकजुट होकर काम करना होगा इसी में हमारा स्वयं का हित भी निहित है। इसमें जनजागरण की प्रमुख भूमिका हो सकती है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात एक ऐसा प्रभाग है जो कि हम सबके जीवन से जुड़ा हुआ है। हम अक्सर यह सुनते आए हैं कि जितना कम सामान होगा उतना सफर आसान होगा। प्रकृति का स्वभाव है देना। वह हमें हवा, पानी प्रदान करती है। हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है इसलिए हमारा स्वभाव भी देने का होना चाहिए। जीवन में कुछ पाना चाहते हैं तो दूसरों को देना सीखें।

अपर मण्डल प्रबन्धक (एडीआरएम) बजरंग अग्रवाल ने कहा कि हमारा जीवन सरल होना चाहिए जटिल नहीं। सरलता से जीवन में खुशी मिलती है। जीवन में जो कुछ मिला है उस पर सन्तोष रखें। ईश्वर का और प्रकृति का धन्यवाद करें।

वरिष्ठ वाणिज्य प्रबन्धक (सीनियर डीसीएम) अवधेश कुमार त्रिवेदी ने कहा कि जीवन और रेलगाड़ी में काफी समानताएं हैं। हमें पता नहीं है कि जीवन का लक्ष्य क्या है? सब भाग रहे हैं। लेकिन कहीं तो रूकना पड़ेगा। हमेेें ठहरकर जीवन की सार्थकता पर चिन्तन करना होगा।

प्रारम्भ में रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के बाल कलाकारों द्वारा मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यातायात प्रभाग से जुड़े लोग एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सुरक्षा सेवा प्रभाग

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सादर प्रकाशनार्थ
– स्व सशक्तिकरण से राष्ट्र का सशक्तिकरण अभियान का शुभारम्भ हुआ…
– सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने व तनाव मुक्ति हेतु ब्रह्माकुमारीज का प्रयास…
– प्रत्येक कार्य को कर्तव्य समझकर पूरी निष्ठा और तन्मयता के साथ करें… अरूण देव गौतम
– अगले क्षण क्या हो जाए निश्चित नहीं, इसलिए इस क्षण को खुशी से जीयें…ई.वी. स्वामीनाथन
नवा रायपुर 07 जून, 2026: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अनुषांगिक संगठन राजयोगा एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन के सुरक्षा प्रभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में सुरक्षा बलों के मनोबल में वृद्घि करने तथा तनाव मुक्ति हेतु आयोजित विशेष अभियान का शुभारम्भ नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर में किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, सीआईएसएफ के कमाण्डेन्ट मनिन्दर सिंह, बीएसएफ के कमाण्डेन्ट एस.आर. खान सहित बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों के अधिकारी और जवान उपस्थित थे। विषय था: स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र का सशक्तिकरण (Self Empowerment to Nation Empowerment)।
पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने कहा कि मन में जब द्वन्द छिड़ा हो तो उसका समाधान गीता के माध्यम से प्राप्त होता है। मन बड़ा बलवान होता है। इसे बहुत अच्छी तरह से गीता में समझाया गया है। जिस दिन अपने मन को समझ जाएंगे उस दिन बहुत सारी दुविधाओं से मुक्त हो जाएंगे। कभी गुस्सा नहीं आए मन शान्त रहे यह बहुत बड़ी साधना है। प्रत्येक कार्य को कर्तव्य समझकर करें तो मन विचलित नहीं होगा। किसी से दुश्मनी निकालते हैं या मार देते हैं तो मन में पश्चाताप होता है किन्तु देशहित में दुश्मन को कर्तव्य समझकर करेंगे तो मन में पश्चाताप नहीं होगा। अपने कार्य को पूरी निष्ठा और तन्मयता के साथ करें।
उन्होंने योग और निद्रा की चर्चा करते हुए बतलाया कि योग में बुद्घि को जागृत रखें, सजग होकर कर्म करें और अपनी चेतना को बरकरार रखें तो आप जिन्दगी में कभी निराश नहीं होंगे कभी तनाव में नहीं आएंगे।
लाईफ कोच एवं ट्रेनर ई.वी. स्वामीनाथन ने कहा कि देश की रक्षा हम तब कर सकेंगे जब हम स्वयं सुरक्षित रहें और स्वयं की रक्षा के लिए शरीर और मन का स्वस्थ होना जरूरी है। अगर हमने अपने मन का ध्यान नहीं रखा तो कुछ समय बाद हृदयरोग और बाईपास की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए स्वस्थ जीवन शैली का अपनाना होगा ताकि मन के साथ-साथ शरीर भी स्वस्थ रहे। स्वास्थ्य के लिए व्यायाम बहुत महत्वपूर्ण है। जब से हम लोग योग दिवस मनाने लगे हैं तब से लोग ज्यादा हेल्थ कान्सियस हो गए हैं। सुबह-सुबह लोग पैदल चलते हैं लेकिन किस मानसिक अवस्था में वाकिंग कर रहे हैं वह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। उस समय खुशी से अच्छे विचारों में रमण करते हुए वाकिंग करें।
उन्होंने कहा कि जब आप ड्यूटी पूरी करके घर जाते हैं तो आफिस के तनाव को घर लेकर न जाएं।  उन्होंने हर कार्य को बहुत खुशी से करने की सलाह देते हुए कहा कि हमारे जीवन में अगले क्षण क्या हो जाए कुछ भी निश्चित नहीं है इसलिए इस क्षण को खुशी के साथ वाह-वाह करके जीना सीखो।
क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि स्वसशक्तिकरण के लिए स्व की पहचान जरूरी है। प्रेम, सुख, शान्ति आदि आत्मा के मूल गुण है। जब हम धैर्यपूर्वक बहुत सोच-समझकर कोई कार्य करते हैं तब सफलता मिलती है।
सुरक्षा सेवा प्रभाग की गतिविधियों की जानकारी देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के ज्वाइन्ट डायरेक्टर कैप्टन शिव सिंह ने सुरक्षा सेवा प्रभाग की सेवाओं की जानकारी देते हुए बतलाया कि यह विंग २००१ में बना और इसकी प्रेरणा स्वयं फौज के अधिकारी ने दी। आज यह विंग समय-समय पर अभियान के द्वारा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अपनी सेवाएं दे रहा है।
प्रारम्भ में रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने आभार प्रदर्शन किया। सभा का कुशल संचालन सेवानिवृत्त कर्नल बी. सी. सती ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में बच्चों ने नृत्य नाटिका के द्वारा सैनिको के शौर्य और बलिदान को प्रदर्शित किया।
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