Connect with us

Brahma Kumaris News

– शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में तीन दिवसीय शिविर आओ खोलें खुशियों के द्वार…-

Published

on

शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में तीन दिवसीय शिविर आओ खोलें खुशियों के द्वार…-
– हम खुशी की तलाश में भाग रहे हैं लेकिन पता नहीं कहाँ मिलेगी… प्रो. बल्देव भाई शर्मा
– जीवन में खुशी प्राप्त करने के लिए स्वयं की पहचान जरूरी … ब्रह्माकुमारी राधिका दीदी

रायपुर 7 जून, 2024: कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि हम पूरी जिन्दगी खुशी की तलाश में लगे रहते हैं। हम खुशियों के पीछे भाग रहे हैं लेकिन मालूम नहीं है कि खुशी कहॉ और कैसे मिलेगी? इसी उधेड़बुन में सारी जिन्दगी निकल जाती है।

प्रो. बल्देव भाई शर्मा आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा मार्ग पर स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर रायपुर में आयोजित आओ खोलें खुशियों के द्वार- राजयोग अनुभूति शिविर के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि मन की मनमानी को रोकना ही ध्यान है। सारा खेल मन का है। आज राधिका दीदी ने शिविर में सबके लिए खुशियों के द्वार खोल दिए हैं। ब्रह्माकुमारी परिवार सम्पूर्ण मानव जाति को प्रेम, सुख और शान्ति से जीने का मार्ग दिखा रहा है। उसी का यह राजयोग शिविर छोटा सा स्वरूप है।

इस अवसर पर हैदराबाद की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी राधिका दीदी ने कहा कि राजयोग के लिए स्वयं की पहचान जरूरी है। राजयोग मेडिटेशन से जीवन में स्थायी खुशी प्राप्त की जा सकती है। यदि हम अपने जीवन को चिन्ता रहित, सुख-शान्ति सम्पन्न बनाना चाहते हैं तो यह जानना निहायत जरूरी है कि मैं कौन हूॅं?

ब्रह्माकुमारी राधिका दीदी ने आगे कहा कि जब हम कहते हैं कि मुझे शान्ति चाहिए? तो यह कौन है जो कहता है कि मुझे शान्ति चाहिए? शरीर शान्ति नही चाहता। शरीर की शान्ति तो मृत्यु है। उन्होने बतलाया कि आत्मा कहती है कि मुझे शान्ति चाहिए। उन्होने आगे कहा कि आत्मा एक चैतन्य शक्ति है। शक्ति को स्थूल नेत्रों से देखा नही जा सकता लेकिन मन और बुद्घि से उसका अनुभव किया जाता है। उसी प्रकार आत्मा के गुणों का अनुभव करके उसकी उपस्थिति का अहसास होता है। आत्मा का स्वरूप अतिसूक्ष्म ज्योतिबिन्दु के समान है। उसे न तो नष्टï कर सकते हैं और न ही उत्पन्न कर सकते हैं। वह अविनाशी है। आत्मा के शरीर से निकल जाने पर न तो शरीर कोई इच्छा करता हैं और न ही किसी तरह का कोई प्रयास करता है।

ब्रह्माकुमारी राधिका दीदी ने बतलाया कि आत्मा तीन शक्तियों के द्वारा अपना कार्य करती है। वह किसी भी कार्य को करने से पहले मन के द्वारा विचार करती है, फिर बुद्घि के द्वारा यह निर्णय करती है कि उसके लिए क्या उचित है और क्या अनुचित? तत्पश्चात किसी भी कार्य की बार-बार पुनरावृत्ति करने पर वह उस आत्मा का संस्कार बन जाता है।

उन्होंने आगे बतलाया कि आत्मा की सात मूलभूत विशेषताएं होती हैं- ज्ञान, सुख, शान्ति, आनन्द,पवित्रता, प्रेम, और शक्ति। यह सभी आत्मा के मौलिक गुण हैं, जो कि शान्ति की अवस्था में हमें अनुभव होते हैं। उन्होने कहा कि हमारा मन किसी न किसी व्यक्ति, वस्तु या पदार्थ की स्मृति में भटकता रहता है, अब उसे इन सबसे निकालकर एक परमात्मा की याद में एकाग्र करना है। इसी से आत्मा में आत्मविश्वास और शक्ति आएगी।

शिविर का शुभारम्भ जायसवाल निको कम्पनी के प्रेसीडेन्ट (एच. आर.) दिलीप मोहन्ती, प्रो. बल्देव भाई शर्मा, ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, राधिका दीदी और सन्तोष दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया।

Brahma Kumaris News

जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

Published

on

By

बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

Continue Reading

Brahma Kumaris News

द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

Published

on

By

नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

Continue Reading

Brahma Kumaris News

द्वादश ज्योतिर्लिंग

Published

on

By

द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सुखद अनुभूति हुई…संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नर रायपुर
– छः दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव शान्ति सरोवर में शुरू
– पुलिस कमिश्नर, महापौर और निगम सभापति ने किया उद्घाटन

रायपुर, 12 फरवरी 2026:

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शान्ति सरोवर सड्ढू में आयोजित छः दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दिप्ती शुक्ला, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और निगम सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी किरण और भावना दीदी भी उपस्थित थीं।

पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने पन्द्रह फीट ऊंचे पहाड़ पर प्रदर्शित द्वादश ज्योर्तिलिंग की सराहना करते हुए कहा कि इसे देखकर बहुत ही सुखद अनुभूति हुई। एक ही छत के नीचे द्वादश ज्योतिर्लिंग का अवलोकन करके अच्छा लगा। द्वादश ज्योतिर्लिंग को आध्यात्मिकता से जोड़ने का प्रयास अच्छा है।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंग को देखकर असीम शान्ति की अनुभूति हुई।

सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंग की मनमोहक प्रस्तुति दिल को छू लेने वाली है। भगवान शिव की झांकी सभी के लिए प्रेरणादायी है।

Continue Reading

News