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Brahma Kumaris News

समर कैम्प का उद्घाटन

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– ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चौबे कालोनी में समर कैम्प का उद्घाटन हुआ…
– समर कैम्प में मिली आध्यात्मिक शिक्षा पूरे जीवन काम आएगी… प्रो. मनोज दयाल, कुलपति
– बच्चे पढ़ाई में कम और मोबाईल में ज्यादा समय बिता रहे…डॉ. ओ.पी. व्यास, डायरेक्टर,ट्रीपल आईटी
– अच्छा इन्सान बनकर अपने माता-पिता का नाम रौशन करें…हिमांशु भारतीय, जिला शिक्षा अधिकारी
– यह समर कैम्प संस्कारों की पाठशाला है …ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
रायपुर, 01 मई 2026: कुशाभाऊ  ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि सभी बच्चों में कुछ न कुछ खुबियाँजरूर होती हैं। आपको उन खूबियों को पहचान कर आगे बढऩा है। सचिन तेन्दुलकर और अमिताभ बच्चन ने अपनी प्रतिभा को पहचाना और सही मार्ग चुना। उसी तरह आपको भी सही राह चुनना होगा। इसमें मेडिटेशन आपकी बहुत मदद करेगा। भौतिक शिक्षा तो स्कूलों में आपको मिल ही रही है ब्रह्माकुमारीज के समर कैम्प में आपको आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी।
प्रो. मनोज दयाल आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विश्व शान्ति भवन चौबे कालोनी रायपुर में आयोजित समर कैम्प के उद्घाटन अवसर पर बच्चों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि समर कैम्प आपको अपनी प्रतिभा को पहचानने का अवसर देता है। उन्होंने अंग्रेजी के अक्षर चार-सी का उल्लेख करते हुए बतलाया कि सफल होने के लिए इसे जीवन में धारण करें। पहला सी अर्थात करेज यानि निडर व साहसी बनेें, दूसरा सी अर्थात कान्फीडेन्स यानि आत्मविश्वासी बनें, तीसरा सी अर्थात चियरफुल अर्थात खुश रहें और चौथा सी यानि कान्सन्ट्रेशन अर्थात एकाग्रता को बढ़ाएं।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रीपल आईटी) के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश व्यास ने बच्चों में उत्साह का संचार करते हुए कहा कि यहाँसमर कैम्प में जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी जो कि आगे हर कदम पर आपको मदद करेगा। उनके खुद के व्यक्तित्व में भी ब्रह्माकुमारीज की शिक्षाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। यह डिजीटल युग का जमाना है जो कि आप बच्चों को भटकाएगा। लेकिन राजयोग मेडिटेशन मन की एकाग्रता को बढ़ाएगा। हमारे पास अधिकतर अभिभावक शिकायत लेकर आते हैं कि बच्चा पढ़ाई में कम और मोबाईल में ज्यादा समय बिताता है। आजकल यह बहुत बड़ी चुनौति बन गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप बच्चे बहुत ही भाग्यशाली हैं जो यहाँ उच्च आदर्शों वाली ब्रह्माकुमारी संस्थान में आए हैं। यहाँ प्राप्त शिक्षाओं को जीवन में धारण करें। बड़ों का आदर करें और आदर्शों को अपनाएं। अच्छे इन्सान बनकर अपने माता-पिता का नाम रौशन करें। उन्होंने बतलाया कि आप एक चौथाई शिक्षा ही स्कूलों से प्राप्त करते हैं शेष आपको साथियों से और जीवन पर्यन्त अपनी मेहनत से प्राप्त करनी होती है।
रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बतलाया कि शहर में अनेक संगठन समर कैम्प का आयोजन करती हैं लेकिन हमारा यह कैम्प उन सबसे अलग है क्योंकि यहाँ बच्चों को संस्कारित करने का कार्य किया जाता है। उनको नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार छोटे पौधों का रोपण करना सहज होता है। उसी प्रकार बच्चों में अच्छे संस्कारों को रोपित करना आसान होता है। इसलिए आज ऐसे प्रयासों की जरूरत है कि जिसमें मुनष्य गुणवान बनने के लिए प्रेरित हो।
इस अवसर पर बोलते हुए ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने बतलाया कि यह समर कैम्प चौबे कालोनी रायपुर में विगत बीस वर्षों से निरन्तर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक एवं आध्यात्मिक गुणों का समावेश कर उनके व्यक्तित्व का विकास करना है। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी वनिषा दीदी ने किया।

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आर्मी स्कूल

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– स्वयं पर विश्वास ही सफलता की असली कुंजी…ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी
– आत्म-विश्वास हमें चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देता है…
– शान्ति शिखर देखने आए आर्मी के बच्चों के बीच हुआ व्याख्यान…
नवा रायपुर। आत्मविश्वास (Self-Confidence) सफलता की नींव है जो कि खुद की क्षमताओं और निर्णयों पर अटूट भरोसा रखने से उत्पन्न होती है। यह हमें जोखिम उठाने और चुनौतियों का सामना करने तथा लक्ष्य हासिल करने में मदद करता है। यह कोई जन्मजात गुण नहीं, बल्कि छोटे-छोटे लक्ष्य को पूरा करके और सकारात्मक सोच से विकसित किया जा सकने वाला कौशल (हुनर) है।
यह विचार ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के नवा रायपुर सेक्टर-20 स्थित एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड-शान्ति शिखर देखने आए आर्मी स्कूल के बच्चों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने आगे बतलाया कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का सीधा सम्बन्ध उस व्यक्ति के आत्मविश्वास से जुड़ा होता है। विशेषज्ञों और सफल लोगों के अनुभव यह बतलाते हैं कि बुद्धिमत्ता या संसाधनों से भी आगे बढक़र आत्मविश्वास ही वह शक्ति है जो कि एक साधारण व्यक्ति को असाधारण बनाती है। यह न केवल हमारे व्यक्तिगत और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है बल्कि कठिन परिस्थितियों में हमें डटे रहने का साहस भी देता है।
ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने कहा कि आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति न केवल खुद पर भरोसा करता है बल्कि अपने डर पर काबू पाकर जोखिम उठाने से भी नहीं डरता। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सकारात्मक  रूप से आत्म-मंथन करना और छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करना बहुत ज़रूरी है। असफलता से सीखें। गल्तियों को स्वयं को सुधारने का अवसर मानें, उनसे हार नहीं मानें।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास रातों-रात नहीं आता। छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करके अपना हौसला बढ़ाएं। अंत में मैं बस इतना ही कहूँगी कि मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। खुद पर भरोसा रखें, क्योंकि आप अपनी परिकल्पना से कहीं अधिक योग्य और बुद्घिमान हैं।
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आदर्श इन्टरनेशनल स्कूल

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– एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड – -शान्ति शिखर जन मानस को आकर्षित कर रहा…
– ब्रह्माकुमारीज के सदस्यों के अलावा स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में पधार रहे…
– लोग दूर-दूर से बसों में भरकर देखने आ रहे…
नवा रायपुर (छ.ग.): प्रधानमंत्री जी द्वारा उद्घाटन करने के बाद से एकेडमी फॉर ए बेटर वर्ल्ड -शान्ति शिखर भवन ब्रह्माकुमारी संस्थान के विभिन्न सेवाकेन्द्रों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। लोग बड़ी संख्या में इसे देखने के लिए पधार रहे हैं। विशेषकर किसी न किसी स्कूल के बच्चे बसों में भर-भरकर इस भवन का अवलोकन करने के लिए आते हैं और भवन की भव्यता और विशालता को देखकर वास्तुकला की तारीफ करते हैं।
इसी श्रृखंला में कल आदर्श इन्टरनेशनल स्कूल के अध्यापक एवं बच्चे शान्ति शिखर का अवलोकन करने के लिए आए। ब्रह्माकुमारी रश्मि और रूचिका दीदी ने उन्हें संस्थान का परिचय देते हुए ज्ञान से अवगत कराया। सभी ने बाबा के कमरे में बैठकर कुछ क्षण शान्ति की भी अनुभूति की।
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ब्रह्माकुमारीज और नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो का संयुक्त आयोजन

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* ब्रह्माकुमारीज और नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो का संयुक्त आयोजन…
* केन्द्रीय विद्यालय डब्लू.आर.एस. के बच्चों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ…
* नशा मनुष्य को अन्दर से खोखला कर रहा है… ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी
रायपुर, 28 अप्रैल 2026: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय और भारत शासन के नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में केन्द्रीय विद्यालय डब्लू.आर.एस. कालोनी में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति का सन्देश देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के इन्सपेक्टर सुनील कुमार वर्मा, केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार चन्द्राकर, ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी और ब्रह्माकुमारी अनूप बहन उपस्थित थीं।
विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने बतलाया कि जब जीवन में नैतिक मूल्यों का अभाव हो जाता है तो उस खालीपन को भरने के लिए व्यक्ति नशे की ओर आकर्षित हो जाता है। नशा सिर्फ ड्रग्स का ही नहीं होता डिजीटल टेक्नालाजी का भी होता है। आजकल बच्चों के साथ-साथ बड़ों का भी स्क्रीन टाईम बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मोबाईल, टी.वी. और कम्प्यूटर आदि परिवार में एक-दूसरे को दूर कर रहे हैं। एक ही घर में लोग आपस में बात करने की बजाय एस.एम.एस. कर सन्देश भेजने लगे हैं।
उन्होंने नशे की लत या एडीक्शन को स्पष्ट करते हुए कहा कि जब हम किसी चीज पर मानसिक और शारीरिक रूप से इतने ज्यादा निर्भर हो जाते हैं कि उसके न मिलने पर असामान्य महसूस करते हैं। हम बेचैन हो जाते हैं। हमारी खुशी कम हो जाती है। उसी अवस्था को नशे की लत या एडीक्शन कहते हैं। नशा शरीर और मस्तिष्क दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है। यह मनोबल, याददाश्त और एकाग्रता को कमजोर कर रहा है।
ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने चिन्ता व्यक्त करते हुए बतलाया कि आजकल बहुत से युवा संगदोष में आकर अथवा फैशन के नाम पर नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। ज्यादातर व्यसनों की शुरूआत किशोरावस्था में ही होती है। किशोरावस्था कच्ची मिट्टी के समान है। इस समय बच्चों को उचित मार्गदर्शन और समाज को दिशा देने वाले महापुरूषों का जीवन पढ़ाने की आवश्यकता है। नैतिक शिक्षा उन्हें सही दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा देगी। इसी तरह ब्रह्माकुमारीज में निशुल्क सिखलाया जाने वाला राजयोग मेडिटेशन भी लाभदायक है। यह हमें आत्म बल प्रदान करता है और नशामुक्त होने में मदद करता है।
इस अवसर पर नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो के इन्सपेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने भी अपने विचार रखे। ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने बच्चों को नशा से दूर रहने की प्रतिज्ञा भी कराई।
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