Brahma Kumaris News
संकल्प से सिद्घि
– ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने संकल्प से सिद्घि विषय पर उद्बोधन दिया…
– प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद नवा रायपुर के शान्ति शिखर में पहला आयोजन हुआ…
– हमारे जीवन की क्वालिटी हमारी सोच पर निर्भर… ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी
– भोजन और पानी को मेडिटेशन द्वारा चार्ज कर प्रसाद की तरह ग्रहण करें…
रायपुर, 23 दिसम्बर, 2025: जीवन प्रबन्धन विशेषज्ञा एवं मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने कहा कि हमारे जीवन की क्वालिटी हमारी सोच पर निर्भर करती है। हम जैसा सोचते हैं वैसा ही बन जाते हैं। विचारों में बहुत शक्ति होती है। श्रेष्ठ विचारों के माध्यम से हर कार्य में सफलता या सिद्घि प्राप्त की जा सकती है।
नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर में आयोजित समारोह में संकल्प से सिद्घि विषय पर शिवानी दीदी का दिव्य उद्बोधन सुनने के लिए जिन्दल स्टील के प्रेसीडेण्ट प्रदीप टण्डन, मुख्यमंत्री जी के मीडिया सलाहकार पंकज झा, सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक हरीलाल, सेना के ब्रिगेडियर तेजीन्दर सिंह बावा, बैंक आफ इण्डिया की महाप्रबन्धक श्रीमती गायत्री काम्पा, छ.ग. ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष विनोद अरोरा, अपेक्स बैंक के प्रबन्ध संचालक कमल नारायण काण्डे, क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, ब्रह्माकुमारी आशा दीदी और रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी सहित भारी संख्या में प्रबुद्घ नागरिक उपस्थित थे।
ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने आगे कहा कि जब हम अपनी सोच को बदलते हैं तो चमत्कार हो सकता है। असम्भव भी सम्भव हो जाता है। असम्भव भी सम्भव करने का नाम है संकल्प से सिद्घि। इसलिए कभी भी व्यर्थ विचारों में अपनी शक्ति को गंवाना नहीं चाहिए। हम जो चाहते हैं वही सोचें। कुछ लोग हर बात में निगेटिव सोचते हैं। लेकिन बार-बार निगेटिव बातों के बारे में न सोचें अन्यथा वह सिद्घ हो जाएगा। हमारा मस्तिष्क हमारी सोच के अनुसार ढल जाता है। हमारे सोच हमारा भाग्य बनाते हैं। क्योंकि जैसा सोचेंगे वैसा निर्णय करेंगे। जैसा निर्णय करेंगे वैसा कर्म करेंगे और कर्म से भाग्य जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि हम पाजिटिव सोच से अपने स्वभाव, संस्कार, व्यवसाय, कारोबार और रिश्ते आदि सबको ठीक कर सकते हैं। पहले बारिस नहीं होती थी तो गांवों में रामायण सप्ताह करते थे, हवन आदि करते थे, मंत्र पढ़ते थे। उसी प्रकार मन की शक्ति के माध्यम से हम मुश्किल कार्य को सहज बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन वास्तव में संस्कार परिवर्तन करने की विधि है। इससे कड़े से कड़े पुराने संस्कार को भी बदला जा सकता है। विपरीत परिस्थितियों में भी खुशी को अपना सामान्य स्वभाव बनाना ही जीवन जीने की सच्ची कला है। रात को सोने से पहले और सुबह सोकर उठने के तुरन्त बाद अपने संकल्पों पर अटेन्शन दें। इस समय हमारा अवचेतन मन सक्रिय रहता है। इसलिए सकारात्मक संकल्प करें। सबके लिए अच्छा सोचें और शुभ संकल्प करें।
उन्होंने कहा कि भोजन और पानी को प्रसाद की तरह स्वीकार करें। हमारे शरीर का सत्तर प्रतिशत हिस्सा पानी है इसलिए पानी को मेडिटेशन से चार्ज करने के बाद पीएं। भोजन परमात्मा की याद में बनाएं। भोजन बनाते समय अच्छे विचार करें और भजन सुनें तो भोजन प्रसाद बन जाएगा। बाहर जाकर दूषित भोजन खाने की बजाए घर का बना प्रसाद जैसा भोजन ग्रहण करें। अन्न का मन पर गहरा असर पड़ता है।
Brahma Kumaris News
महिला दिवस
ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
Brahma Kumaris News
जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री
बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .
Brahma Kumaris News
द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर
नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।
-
Brahmakumaris Raipur3 months agoशिवरात्रि पर्व घूमधाम से मनाया गया
-
Brahmakumaris Raipur3 months agoगणतंत्र दिवस
-
Brahma Kumaris News2 months agoद्वादश ज्योतिर्लिंग
-
Brahma Kumaris News2 months agoद्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर
-
Azadi ke amrit mahotsav2 months agoअभिनन्दन समारोह…शांति शिखर
-
Brahma Kumaris News2 months agoजन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री
-
Brahma Kumaris News2 months agoमहिला दिवस














