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सकारात्मक सोच से आएगा व्यक्तित्व में निखार… बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, अपर कलेक्टर

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सादर प्रकाशनार्थ

 

सकारात्मक सोच से आएगा व्यक्तित्व में निखार… बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, अपर कलेक्टर

रायपुर, 04 मई : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद सेवा प्रभाग द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विश्व शान्ति भवन चौबे कालोन रायपुर में समर कैम्प आयोजित किया गया है। जिसका शुभारम्भ आज अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, संयुक्त कलेक्टर उज्जवल पोरवार और क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया।

 

इस अवसर पर बोलते हुए अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई ने कहा कि व्यक्तित्व में निखार लाने के लिए सकारात्मक सोच और आत्म विश्वास जरूरी है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। हमेशा सीखने के लिए तैयार रहे। ईश्वर ने हमें दो कान और एक मुंह दिए हैं ताकि हम सुनें ज्यादा और बोलें कम।

श्री पंचभाई ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चरित्र निर्माण की शिक्षा प्राप्त करने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान का समर कैम्प सबसे अच्छी जगह है। आप लोग जब बड़े होकर किसी जिम्मेदार पद पर कार्य करेंगे तब आप लोगों को यहाँ से प्राप्त शिक्षाएं बहुत काम आएंगी।

 

समारोह में उपस्थित संयुक्त कलेक्टर उज्जवल पोरवार ने कहा कि जीवन में नैतिकता का गुण सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यह व्यक्तित्व विकास के लिए भी जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए अपने लक्ष्य पर फोकस करें, रोज उसके लिए समय निकालें तो दिन-प्रतिदिन आपको सुधार दिखाई देगा और कुछ समय बाद आप उस क्षेत्र में मास्टर बन जाएंगे। हमें हर परिस्थिति का मुकाबला करना चाहिए। सीखिए और अपने में सुधार करिए। इससे जीवन में आगे बढऩे में मदद मिलेगी।

 

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने बच्चों को अपने आशीर्वचन में कहा कि हरेक माता-पिता की यह शुभ इच्छा होती है कि उनका बच्चा बड़ा होकर किसी उँचे पद पर आसीन हो और उनका नाम रौशन करे। इसलिए वह लोग बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए पूरा प्रयास भी करते हैं। किन्तु बच्चों के चारित्रिक एवं नैतिक उन्नति के लिए वह लोग पर्याप्त ध्यान नहीं देते। जिसके परिणामस्वरूप आध्यात्मिक शिक्षा से वंचित होने के कारण बच्चों का नैतिक उत्थान नहीं हो पाता है और उनका व्यक्तित्व अधूरा रह जाता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार छोटे पौधों का रोपण करना सहज होता है। उसी प्रकार बच्चों में अच्छे संस्कारों को रोपित करना आसान होता है। इसलिए आज ऐसे प्रयासों की जरूरत है कि जिसमें मुनष्य गुणवान बनने के लिए प्रेरित हो।

 

इस अवसर पर बोलते हुए ब्रह्माकुमारी चित्रलेखा दीदी ने बतलाया कि यह समर कैम्प चौबे कालोनी रायपुर में विगत पन्द्रह वर्षों से निरन्तर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक एवं आध्यात्मिक गुणों का समावेश कर उनके व्यक्तित्व का विकास करना है। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने किया।

 

प्रेषक : मीडिया प्रभाग

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय

फोन: 0771-2253253, 2254254

 

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महिला दिवस

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ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
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जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

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बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

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द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

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नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

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