Connect with us

Brahma Kumaris News

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व क्षेत्रीय निदेशिका की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में आयोजित श्रद्घाजंलि समारोह

Published

on

 

– कमला दीदी ने अपना सम्पूर्ण जीवन मानवता की सेवा में अर्पण कर दिया…प्रो. बल्देव भाई शर्मा
– शान्ति सरोवर में आने मात्र से मन की शान्ति मिलती है… न्यायमूर्ति गौतम चौरडिय़ा
– कमला दीदी का सान्निध्य तनाव को दूर कर देता था… डॉ. किरणमयी नायक
– बाल कलाकारों ने कमला दीदी की जीवन गाथा को प्रस्तुत किया।
– रूप एक, स्वरूप अनेक नृत्य नाटिका ने लोगों को भावुक कर दिया।

रायपुर, 10 दिसम्बर 2024: कुशाभाऊ  ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि कमला दीदी की उपस्थिति मात्र से वातावरण आल्हादित हो जाता था।उनका व्यक्तित्व उर्जा से भरपूर था। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन गांव-गांव मेंं सेवाकेन्द्र खेलकर अनगिनत लोगों को मानवीय मूल्यों की शिक्षा देने में लगा दिया।

प्रो. बल्देव भाई शर्मा आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व क्षेत्रीय निदेशिका की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में आयोजित श्रद्घाजंलि समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि कमला दीदी का जीवन लोगों को व्यक्ति से मनुष्य बनने की प्रेरणा देता था। उनके व्यक्तित्व में जीवन्तता और अपनापन था। उन्होंने छोटे से छोटे गाँवों तक ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाओं को फैलाया। हम सब अच्छा इन्सान बनें, यही उन्हें सही अर्थों में हार्दिक श्रद्घाजंलि होगी।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौतम चौरडिय़ा ने कहा कि  आदरणीय कमला दीदी ने इतना सुन्दर शान्ति सरोवर बनवाया है कि यहाँ आने मात्र से ही मन को शान्ति मिल जाती है। यहाँ पर जो ज्ञान और योग की शिक्षा दी जाती है उसे सब धारण कर अपने जीवन को सुख और शान्ति से सम्पन्न बनाएं। यही कमला दीदी को श्रद्घाजंलि होगी।

महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि उनका व्यक्तित्व इतना आकर्षक था कि उनसे मिलते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। मन का तनाव दूर हो जाता था। उनका जीवन, व्यक्तित्व और आचरण एक समान था। वह जिस आत्मियता से मिलती थीं वह बेमिसाल था।

कुशाभाऊ  ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मानसिंह परमार ने बतलाया कि कमला दीदी के व्यक्तित्व में सौम्यता, सरलता और वात्सल्यभाव का समावेश था। जब वह कुलपति बनकर छत्तीसगढ़ में आए तो यहाँ सबसे पहली मुलाकात विमानतल पर ब्रह्माकुमारी बहनों से ही हुई। तब से मेरा आत्मिय सम्बन्ध रहा। उनमें सेवा करने की लगन और उर्जा थी। उनसे जो भी मिलता था वह जरूर प्रभावित होता था।

स्मार्ट सिटी रायपुर के मुख्य परिचालन अधिकारी उज्जवल पोरवाल ने कहा कि कमला दीदी का व्यक्तित्व अत्यन्त सरल था। उनके अन्दर जो संगठन और नेतृत्व की कला थी वह सीखने लायक था।

इस अवसर पर बालाजी हास्पीटल के डॉ. देवेन्द्र नायक, पार्षद अमर बंसल, समाजसेवी छगन मुंदड़ा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, भिलाई की ब्रह्माकुमारी आशा दीदी, उज्जैन की ब्रह्माकुमारी उषा दीदी, इन्दौर की ब्रह्माकुमारी शशि दीदी, जबलपुर की ब्रह्माकुमारी विमला दीदी और ब्रह्माकुमारी भावना दीदी, कोरबा की ब्रह्माकुमारी रूक्मणी दीदी, रायगढ़ की ब्रह्माकुमारी चित्रा दीदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन धमतरी की ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी ने किया।

 

Brahma Kumaris News

महिला दिवस

Published

on

By

ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
Continue Reading

Brahma Kumaris News

जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

Published

on

By

बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

Continue Reading

Brahma Kumaris News

द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

Published

on

By

नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

Continue Reading

News