Brahmakumaris Raipur
बेटों को महिलाओं की इज्जत करना सिखलाना होगा…श्रीमती किरणमयी नायक
बेटों को महिलाओं की इज्जत करना सिखलाना होगा…
– जीवन में खुशहाली के लिए लैंगिक समानता जरूरी…
– अध्यात्म से दूर होने के कारण परिवारों में बिखराव …
रायपुर, 5 मार्च: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा अन्र्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। विषय था- खुशहाल महिला, खुशहाल परिवार।
समारोह में बोलते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक ने कहा कि हम बेटा और बेटी में भेद करना बन्द करें। इस बदलाव की शुरूआत अपने घर से करनी होगी। जब तक यह भेदभाव करना खत्म नहीं करेंगे महिलाएं खुशहाल नहीं बन सकती है। आज जरूरत है कि हम बेटियों को दुर्गा के रूप में संस्कारित करें। बेटों को बेटियों की तरह और बेटियों को बेटों की तरह पालना शुरू करें। घर में बेटों को परिवार की महिलाओं की इज्जत करना सीखलाएं। जब घर में वह महिलाओं की इज्जत करना सीखेंगे तब वह बाहर जाकर महिलाओं का सम्मान करेंगे।
उन्होंने कहा कि आजकल विज्ञापनों और टेलीविजन सीरियल्स में महिलाओं को उपयोग और उपभोग की वस्तु के रूप में चित्रित किया जाता है। उससे महिलाओं की मानसिकता कुण्ठित हो रही है। आजकल पश्चिमी देशों की घटिया संस्कृति हमारे देश में आ गई है जिसे लिव इन रिलेशनशीप कहते हैं। ऐसे समय बेटियों को सुस्ंकारित करने की बहुत बड़ी चुनौती पैदा हो गई है।
हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा ने कहा कि हम लैंगिक समानता की बात करते हैं किन्तु पहले महिलाओं को पुरूषों के बराबर खड़ा करना होगा। उन्हें पुरूषों के बराबर खड़ा किए बिना समानता की बात करना बेईमानी होगी। उन्होंने बतलाया कि दीक्षान्त समारोहों में देखा जाता है कि साठ प्रतिशत से अधिक गोल्ड मेडल लड़कियाँ को ही मिलता है। इसका मतलब यह है कि लड़कियाँ पढऩा-लिखना सीख गई हैं। परन्तु जिस चीज की उनमें कमी है वह है संस्कार। घर में हम लड़कियों को उनकी जरूरत की हर चीज दे रहे हैं किन्तु अच्छे संस्कार नहीं दे पा रहे हैं।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि एक समय था जब समाज में खुशहाली थी। संयुक्त परिवार में सभी मिल-जुलकर रहते थे। एक दूसरे का सम्मान करते थे। किन्तु आज आध्यात्मिक शिक्षा से दूर होने के कारण परिवारों में बिखराव आ रहा है। जीवन में खुशी के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी है। सकारात्मक सोच रखें, एक-दूसरे की भावना का सम्मान करना सीख जाएं तो परिवार में खुशहाली आ सकती है।
चिकित्सक डॉ. सीमा मेघानी ने कहा कि परिवार में महिलाएं हरेक सदस्य की पसन्द और नापसन्द का ध्यान रखती हैं किन्तु उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं होता। इसलिए उन्हें स्वयं ही अपना ध्यान रखना होगा। उन्होंने अपना अनुभव बतलाते हुए कहा कि जीवन को खुशहाल बनाने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान में आकर राजयोग मेडिटेशन सीखें। हम खुश रहेंगे तो परिवार खुश रहेगा।
राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी स्मृति बहन ने कहा कि समाज में नारी का स्थान महत्वपूर्ण है। नारी के बिना परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती। खुशहाल महिला की चर्चा करते हुए उन्होंने बतलाया कि खुशी के बना जीवन नीरस हो जाता है। बेलगाम इच्छाएं मनुष्य को दुखी कर रही हैं। खुशी को हम बाहरी भौतिक वस्तुओं में ढूंढ रहे हैं जबकि खुशी आन्तरिक अनुभूति है।
इस अवसर पर स्थानीय बाल कलाकारों ने महिला सशक्तिकरण पर आधारित लघु नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। ब्रह्माकुमारी अदिति बहन ने संस्था का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि बहन ने किया।
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सुहाना सफर-एन एडवेन्चर इन टू अवेयरनेस
जीवन की राह को आसान बनाने की अनूठी पहल…
– ब्रह्माकुमारीज के यातायात एवं यात्री प्रभाग का आयोजन…
– यात्री कृपया ध्यान दें – के अन्तर्गत सुहाना सफर कार्यक्रम हुआ…
– जीवन के सफर में हमारी मुस्कान ही हमारी असली पहचान… ब्रह्माकुमारी कविता दीदी
रायपुर, छत्तीसगढ़: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के यातायात एवं यात्रा प्रभाग द्वारा जीवन की यात्रा को आसान, आनन्दमय और सफल बनाने के लिए यात्री कृपया ध्यान दें -कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चर्चा का विषय था सुहाना सफर-एन एडवेन्चर इन टू अवेयरनेस। इस कार्यक्रम के माध्यम से भौतिक यात्रा और जीवन यात्रा के बीच समानताएं दर्शाते हुए प्रतिभागियों को आन्तरिक शान्ति और खुशी का मार्ग बतलाया गया।
समारोह में मुम्बई से पधारी यातायात प्रभाग की नेशनल कोआर्डीनेटर ब्रह्माकुमारी कविता दीदी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, एडीआरएम बजरंग अग्रवाल, सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी, ब्रह्माकुमारी सविता दीदी और ब्रह्माकुमार सुवास भाई ने हिस्सा लिया।
यातायात प्रभाग की नेशनल कोऑर्डीनेटर ब्रह्माकुमारी कविता दीदी ने सभी को जीवन में होने वाले बदलाव को स्वीकार करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक यात्री अपनी यात्रा के दौरान टिकट, पहचान पत्र और दवाईयाँआदि लेकर चलता है उसी प्रकार जीवन के सफर में हमारी मुस्कान ही हमारी असली पहचान है और लोगों से मिलने वाली दुआएं ही दवा का काम करती हैं। इस रोमांचक यात्रा में उन्होंने विभिन्न स्टेशन के माध्यम से मानवीय मूल्यों और जीवन दर्शन की शिक्षा भी दी।
आधुनिक चुनौतियों की चर्चा करते हुए उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और अपने कर्मों के प्रति सजगता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने नो नेटवर्क जोन के माध्यम से डिजिटल दुनिया की बजाए वास्तविक सम्बन्धों और राजयोग मेडिटेशन को अपनाने पर जोर दिया। अन्त में प्रतिभागियों को राजयोग के अभ्यास द्वारा स्वयं को परमात्मा से जोडऩे का अनुभव कराया गया ताकि उनका हर पल सुहाना बन सके।
विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि यातायात की समस्या एक जटिल समस्या है। इसे हल करने के लिए सबको संगठित रूप से प्रयास करने की जरूरत है। हमें देशहित और राज्य के हित में एकजुट होकर काम करना होगा इसी में हमारा स्वयं का हित भी निहित है। इसमें जनजागरण की प्रमुख भूमिका हो सकती है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात एक ऐसा प्रभाग है जो कि हम सबके जीवन से जुड़ा हुआ है। हम अक्सर यह सुनते आए हैं कि जितना कम सामान होगा उतना सफर आसान होगा। प्रकृति का स्वभाव है देना। वह हमें हवा, पानी प्रदान करती है। हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है इसलिए हमारा स्वभाव भी देने का होना चाहिए। जीवन में कुछ पाना चाहते हैं तो दूसरों को देना सीखें।
अपर मण्डल प्रबन्धक (एडीआरएम) बजरंग अग्रवाल ने कहा कि हमारा जीवन सरल होना चाहिए जटिल नहीं। सरलता से जीवन में खुशी मिलती है। जीवन में जो कुछ मिला है उस पर सन्तोष रखें। ईश्वर का और प्रकृति का धन्यवाद करें।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबन्धक (सीनियर डीसीएम) अवधेश कुमार त्रिवेदी ने कहा कि जीवन और रेलगाड़ी में काफी समानताएं हैं। हमें पता नहीं है कि जीवन का लक्ष्य क्या है? सब भाग रहे हैं। लेकिन कहीं तो रूकना पड़ेगा। हमेेें ठहरकर जीवन की सार्थकता पर चिन्तन करना होगा।
प्रारम्भ में रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के बाल कलाकारों द्वारा मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यातायात प्रभाग से जुड़े लोग एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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सुरक्षा सेवा प्रभाग
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