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रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ समर कैम्प का समापन…

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सादर प्रकाशनार्थ

 

ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ समर कैम्प का समापन…

 

नैैतिक मूल्यों की शिक्षा देने का समर कैम्प अच्छा माध्यम है…प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक

बच्चों के चारित्रिक विकास के लिए ऐसे कैम्प बार-बार हों… उज्जवल पोरवाल, एडीशनल कलेक्टर

माता-पिता का जीवन बच्चों के लिए प्रेरणादायी होना चाहिए… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, 16 मई: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित प्रेरणा समर कैम्प का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकम के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, एडीशनल कलेक्टर उज्जवल पोरवाल और क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने समर कैम्प आयाजित करने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय इसकी बहुत अधिक आवश्यकता है। बच्चों में अच्छे गुणों और संस्कारों का बीज बोने का यह सही समय है। इस समय उनके अन्दर लचीलापन होता है। सच्चे अर्थों में व्यक्तित्व का निर्माण और जीवन को दिशा देने का काम इसी अवधि में हो सकता है। हम जैसा बनना चाहें वैसा अपने को बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया में बच्चे अपना कीमती समय नष्ट कर रहे हैं। अभिभावक और शिक्षक चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इसमें बच्चों में रचनात्मकता दिखाई देती है।

एडीशनल कलेक्टर उज्जवल पोरवाल ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के चारित्रिक विकास में समर कैम्प मददगार बनेगा। उन्हें एकाग्रता विकसित करने में राजयोग साधना सहायक सिद्घ होगा। योग हमें कर्म कुशल बनाता है। यह प्रतिस्पर्धा का जमाना है इसमें सिर्फ सफलता ही नहीं बल्कि असफलता को भी सहन करने की क्षमता हमारे अन्दर होनी चाहिए। दुनिया में हर समस्या का समाधान है इसलिए कभी निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रम बार-बार आयोजित करने की जरूरत बतलाई।

क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि बच्चों को सबसे ज्यादा प्रेरणा माता-पिता से मिलती है। उनको देखकर वह वैसा ही बनने का प्रयास करते हैं। ब्रह्माकुमारी संस्थान में आकर उन्होंने यह सीखा कि जो कर्म मैं करूंगी मुझे देखकर अन्य लोग करेंगे। इससे उन्हें अपने कर्मों पर बहुत अटेन्शन बना रहता है। उन्होंने समारोह में उपस्थित माता-पिता से अनुरोध किया कि अपना समय टीवी और मोबाईल में व्यर्थ नष्ट करने की बजाय बच्चों के संग बांटें ताकि बच्चों को प्यार मिले और अपनापन पैदा हो। समारोह को ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर कुछ बच्चों ने भी अपने संस्मरण सुनाए। कु. नीलम साहू ने बतलाया कि वह तीसरी कक्षा में थी तब से ब्रह्माकुमारीज के समर कैम्प में भाग ले रही है। राजयोग साधना से उसने एकाग्रता हासिल की। फलस्वरूप इस वर्ष दसवीं बोर्ड में उसने 94% अंक हासिल किए हैं। कु. चंचल जेठवानी ने बतलाया कि उसने अनेक समर कैम्प अटेण्ड किए हैं परन्तु जो लक्ष्य मैं प्राप्त करना चाहती थी वह ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प में आकर मिली। एकाग्रता को बढ़ाने का तरीका यहाँ बतलाया गया। रूपेश कश्यप ने सुनाया कि राजयोग मेडिटेशन सभी बच्चों को सीखना चाहिए। इससे रिजल्ट पर अच्छा असर पड़ता है।

सर्वश्रेष्ठ छात्र रूपेश कश्यप को और सर्वश्रेष्ठ छात्रा कु. चंचल जेठवानी को चुना गया।

 

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,

प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज, सम्पर्क:0771-2253253,2254254

 

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– मन से पुरानी बातों और स्वभाव-संस्कारों की विदाई के संकल्प के साथ मनाया नया वर्ष…
– नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर में हुआ आयोजन…
– नये वर्ष में परमात्मा को देंगे अच्छाइयों का गिफ्ट… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी…
– परमात्मा को मेरा उपहार प्रोजेक्ट का शुभारम्भ किया गया…
नवा रायपुर (अटल नगर): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित नये भवन एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड-शान्ति शिखर में मन से पुरानी बातें, स्वभाव और संस्कार की विदाई के संकल्प के साथ नया वर्ष मनाया गया। साथ ही नये वर्ष में परमात्मा को मेरा उपहार (My Gift to GOD) नामक अनोखे  प्रोजेक्ट का शुभारम्भ भी किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए संस्थान की रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नये साल में सबमें विशेषताएं और अच्छाईयाँ देखने का संस्कार बना लें तो हम विशेष आत्मा बन ही जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ न कुछ कमियाँतो हरेक व्यक्ति में होती है लेकिन हमें उनके गुणों और विशेषताओं पर ही ध्यान केन्द्रित कर उनकी अच्छाईयों अपने जीवन में धारण करना होगा। इस प्रकार हम अनेक गुणों से सम्पन्न और विशेष आत्मा बन जाएंगे। पुरानी बातों को पुराने वर्ष के साथ विदाई देकर अब नये वर्ष में नवीनता करनी है।
उन्होंने सभी को क्षेत्रीय मुख्यालय से प्राप्त साप्ताहिक चार्ट भरने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रोज रात को सोने से पहले ईमानदारी से अपनी चेकिंग अवश्य करें जिससे कि पूरे दिन हमें अपने कर्मों पर अटेन्शन बना रहे। निगेटिव और व्यर्थ विचारों से दूर रहें क्योंकि इनसे आत्मा की शक्ति कम होती है। हमेशा सबके लिए शुभ सोचें। सबके लिए कल्याण की कामना करें तो आपका भी कल्याण स्वत: होता रहेगा। सभी का चार्ट महाशिवरात्रि के अवसर पर माउण्ट आबू में परमात्मा शिवबाबा को अर्पित किया जाएगा।
अन्त में विश्व कल्याण की कामना के साथ सभी साधकों ने मेडिटेशन किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया। इस दौरान रायपुर की गायिका कु. शारदा नाथ ने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत कर सबको उमंग-उत्साह से भर दिया।
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बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

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शांति शिखर में तीन दिवसीय आध्यात्मिक शिविर का समापन: बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

  • स्वयं को पहचानें और परमात्मा से जुड़ें, तभी जीवन में सुख-शांति आएगी: बी.के. श्रेया

  • तीन दिनों तक सुबह और शाम के सत्रों में सैकड़ों लोगों ने लिया राजयोग का लाभ…

  • अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग’ के माध्यम से मानसिक रोगों और तनाव से मुक्ति का मार्ग बताया…

रायपुर, 23 दिसम्बर, 2025: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ‘शांति शिखर’ केंद्र में तीन दिवसीय विशेष आध्यात्मिक शिविर का भव्य समापन हुआ। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी श्रेया

दीदी ने शिविर के दौरान शहरवासियों को तनावमुक्त जीवन जीने और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के गुर सिखाए। यह शिविर प्रतिदिन दो सत्रों में (सुबह 7:00 से 8:30 और शाम 7:00 से 8:30 बजे) आयोजित किया गया था।

तीन दिनों का सफर: स्वयं की खोज से आध्यात्मिक उपचार तक शिविर के पहले दिन का विषय ‘री-कनेक्ट विद योर इनरसेल्फ’ (Reconnect with your Innerself) रहा। दीदी ने बताया कि आज मनुष्य बाहर की दुनिया से तो जुड़ा है, लेकिन स्वयं से दूर हो गया है। जब तक हम अपनी आंतरिक शक्ति को नहीं पहचानेंगे, हम खुश नहीं रह सकते।

दूसरे दिन ‘रीचार्ज द सोल’ (Recharge the Soul) विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोबाइल को चार्ज करने की आवश्यकता होती है, वैसे ही आत्मा को भी राजयोग के माध्यम से परमात्मा से जुड़कर रिचार्ज करना पड़ता है। एकाग्रता और सकारात्मक चिंतन ही आत्मा की बैटरी को चार्ज करने का तरीका है।

शिविर के तीसरे और अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग थ्रू मेडिटेशन’ (Spiritual Healing through Meditation) पर विशेष सत्र हुआ। दीदी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश बीमारियाँ मनोदैहिक (Psychosomatic) हैं, जिनका मूल कारण मन में छिपी चिंता और नकारात्मकता है। मेडिटेशन के माध्यम से हम स्वयं को हील (स्वस्थ) कर सकते हैं और पुराने मानसिक घावों को भर सकते हैं।

राजयोग मेडिटेशन का कराया दिव्य अनुभव:

सत्र की मुख्य विशेषता दीदी द्वारा कराई गई गहन राजयोग कमेन्ट्री रही। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से उपस्थित जनसमूह को शरीर से अलग ‘स्व स्वरूप’ (आत्मा) का अनुभव कराया। परमात्मा के साथ जुड़कर दिव्य किरणों के माध्यम से मन की सफाई और हीलिंग का अभ्यास कराया गया। शिविरार्थियों ने अनुभव किया कि कैसे मेडिटेशन के माध्यम से मन का भारीपन दूर हो गया और शांति का संचार हुआ।

भविष्य के लिए लिया संकल्प:

दीदी ने सभी को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट राजयोग का अभ्यास करने का ‘चैलेंज’ दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिस्थितियाँ कभी भी हमारे हाथ में नहीं होतीं, लेकिन हमारा ‘रिस्पॉन्स’ हमारे हाथ में है। अंत में, शिविर में आए लोगों ने अपने बुरे संस्कारों को छोड़ने और श्रेष्ठ कर्म करने का संकल्प लिया। शांति शिखर के इस आध्यात्मिक उत्सव से लोग नई ऊर्जा और उमंग लेकर विदा हुए।

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Soft Skills for Administators : बी.के. श्रेया दीदी

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CG Prashashan Academy

– प्रशासनिक अधिकारियों को मिला आंतरिक सशक्तिकरण का मंत्र…
– छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में हुआ आयोजन…
– बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया…
– बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक स्थिति में छिपा है…ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी, मुम्बई
नवा रायपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मुम्बई की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी ने कहा कि अपने हर विचार के लिए हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं। मन की शान्ति के लिए जरूरी है कि हम सही सोचें। डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर की हर बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक अवस्था में छिपा हुआ है। इसलिए किसी बात को मन में दबाकर न रखें। उसे किसी के आगे बतलाकर हल्के हो जाएं।
वह ब्रह्माकुमारीज के प्रशासनिक सेवा प्रभाग द्वारा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में शासकीय अधिकारियों के लिए आयोजित वर्कशाप में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था- प्रशासनिक अधिकारियों में आवश्यक व्यक्तिगत कौशल (Soft Skills for Administators)।
ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी ने आगे कहा कि जैसा हमारा चिंतन होगा, वैसा ही हमारा चरित्र और जीवन बनेगा। सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की असली कुंजी है। वर्तमान समय में बाहरी चुनौतियों से अधिक आंतरिक स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम अपने मन को नियंत्रित कर लेते हैं, तो बाहरी परिस्थितियाँ स्वत: ही हमारे अनुकूल होने लगती हैं।
उन्होंने बतलाया कि हमारा मन कमजोर होगा तो छोटी-छोटी समस्याएं भी पहाड़ जैसी महसूस होगी। अपनी कार्यक्षमता और निर्णय शक्ति को बढ़ाने के लिए मेडिटेशन द्वारा आत्मबल को बढ़ाने और उसे मजबूत करने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर बढ़ता दबाव और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना तभी संभव है जब हम प्रतिदिन स्वयं के लिए समय निकालकर मेडिटेशन करेंगे। यदि शासन-प्रशासन में बैठे लोग मानसिक रूप से शांत और प्रसन्न रहेंगे, तो उनकी कार्यक्षमता में न केवल वृद्धि होगी बल्कि समाज को भी एक बेहतर नेतृत्व मिलेगा।
श्रेया दीदी ने विचारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा मन एक उपजाऊ भूमि की तरह है। इसमें हम जैसे विचार बोएंगे, वैसी ही फसल काटेंगे। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी अंतरात्मा की आवाज को पहचानना होगा। यदि हम शान्तचित्त होकर कार्य करेंगे, तो कठिन से कठिन समस्या का समाधान सहजता से मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने वाली चुनौतियों को बाधा मानने के बजाय उन्हें अपनी क्षमता निखारने का अवसर मानना चाहिए। सहनशीलता कमजोरी नहीं, बल्कि एक महान शक्ति है। अच्छा प्रशासक बनने के लिए शान्त रहना जरूरी है। हमने तनाव को नैचुरल समझ लिया है जो कि हमें बीमार कर रहा है। सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करें तो प्रशासन ठीक से चलेगा। सबको सम्मान दें तो आपको भी सम्मान मिलेगा। गुस्से का संस्कार न बनाएं। अपनी उर्जा को व्यर्थ न गवाएं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी को जीवन में स्वच्छता, सादगी और सत्यता को अपनाने का संकल्प दिलाया।
प्रारम्भ में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने गुलदस्ता भेंटकर ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम.के. राउत और अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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