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नशाखोरी रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी… – शम्भु साह, सहायक वाणिज्यिक प्रबन्धक, रेल्वे

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सादर प्रकाशनार्थ

 

नशाखोरी रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी…

– शम्भु साह, सहायक वाणिज्यिक प्रबन्धक, रेल्वे

रायपुर, 31 मई 2022: विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल भाठागांव और रेल्वे स्टेशन रायपुर के मुख्य प्रवेश द्वार क्रमांक-2 में एक दिन के लिए नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

 

रेल्वे स्टेशन में आयोजित नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का उद्घाटन छ.ग. गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रेल्वे के सहायक वाणिज्यिक प्रबन्धक शम्भु साह, वाणिज्यिक निरीक्षक एच.एन. मिश्रा और क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने किया। इसी तरह अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल में आयोजित प्रदर्शनी का शुभारम्भ अपर कलेक्टर एन.आर.साहू ने किया। बाद में जोन कमिश्नर एम.आर.चन्द्राकर और टिकरापारा के पार्षद मनोज वर्मा भी बस स्टैण्ड में प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए आए।

 

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए रेल मण्डल रायपुर के सहायक वाणिज्यिक प्रबन्धक शम्भु साह ने कहा कि समाज से नशाखोरी की समस्या को खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। विशेषकर तम्बाकू से होने वाले नुकसान के बारे में सचेत करके ही लोगों को इसके सेवन से बचाया जा सकता है। प्रदर्शनी के माध्यम से नशा करने के कारण के साथ व्यक्ति और समाज पर उसके दुष्प्रभाव तथा उसके निवारण के बारे में वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया गया है।

 

विधायक एवं छ.ग. गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा ने प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि नशाखोरी करना मौत को आमंत्रण देना है। रेल्वे स्टेशन ऐसी जगह है जहॉं पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है, ऐसी जगह पर नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन करने से निश्चित रूप से हजारों यात्रियों को प्रेरणा मिलेगी।

 

अपर कलेक्टर एन.आर. साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी मानव कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। यह यात्रियों के लिए प्रेरणादायक है। ऐसी प्रदर्शनियाँ निरन्तर आयोजित होते रहना चाहिए।

 

क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि हमारा शरीर एक मन्दिर के समान है जिसमें चैतन्य आत्मा विराजमान रहती है, अत: हमें दुव्र्यसनों का सेवन कर इस मन्दिर को अपवित्र नही करना चाहिए। उन्होने बतलाया कि संयुक्त राष्टï्र द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक नशाखोरी करने वाले लोगों में 75 प्रतिशत संख्या ऐसे युवकों की पाई गई जिनकी उम्र 25 वर्ष से कम थी।

 

उन्होने युवाओं को नशाखोरी से बचाने के लिए अभिभावकों को सुझाव देते हुए कहा कि प्रतिदिन समय निकालकर थोड़ा समय उनके साथ व्यतीत करें, घर में नशे की कोई भी सामग्री नही रखें और स्वयं व्यसनों से मुक्त रहकर अपने बच्चों के आगे अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करें।

 

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय

रायपुर फोन: 0771 – 2253253, 2254254

 

 

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महिला दिवस

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ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
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जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

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बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

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द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

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नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

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