Connect with us

Brahma Kumaris News

परीक्षा से डरे नहीं, उसे आगे बढऩे का पायदान समझें … ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी

Published

on

सादर प्रकाशनार्थ

 

ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प

 

परीक्षा से डरे नहीं, उसे आगे बढऩे का पायदान समझें … ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी

रायपुर, 14 मई: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में आयोजित प्रेरणा समर कैम्प के दसवें दिन राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने भयमुक्त जीवन विषय पर बोलते हुए बच्चों को परीक्षा के भय से बचने का तरीका समझाया।

 

राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि विद्यार्थियों को सबसे अधिक भय परीक्षा का होता है। किसी विषय को जब हम पूरी तरह से नहीं जानते हैं तब हमारे अन्दर भय उत्पन्न होता है। परीक्षा का मतलब है स्वयं को परखना। परीक्षा एक ऐसा शब्द है जिससे हर कोई डरता है, किन्तु यह याद रहे कि परीक्षा ही वह पायदान है जिस पर पैर रखकर आगे बढ़ा जाता है।

 

उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का अभिन्न अंग है। परीक्षा के बिना जीवन में आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने परीक्षा को सकारात्मक ढंग से लेते हुए कहा कि जब किसी का प्रमोशन होता है और उसे आगे बढऩे का मौका मिलता है तो उसे आन्तरिक खुशी होती है। इसी प्रकार परीक्षा को भी प्रमोशन या आगे बढऩे का माध्यम समझें। जब भी कोई परीक्षा आए तब उसे खुशी से पार कर आगे बढ़ जाएँ।

 

उन्होंने कहा कि दुनिया में भय नाम की कोई चीज नहीं होती यह सिर्फ हमारे मन की कल्पना है। यह नकारात्मक सोच से उत्पन्न होता है। परीक्षा के पहले अच्छी तरह से तैयारी करने के लिए बच्चों को टिप्स देते हुए उन्होंने बतलाया कि परीक्षा से वही लोग डरते हैं जिनकी तैयारी पूरी नहीं होती है।

 

ऐसे करें परीक्षा की तैयारी:

सबसे पहले अपनी दिनचर्या सेट कर लें। इसमें पढ़ाई के साथ-साथ थोड़ा समय खेलकूद के लिए भी रखें। पढ़ाई शुरू करने से पहले अपने मन को सकारात्मक विचारों से भर लें-जैसे कि सफलता मेरा जन्म सिद्घ अधिकार है। मैं जो चाहूँ वह कर सकता हूँ, भगवान मेरा साथी है आदि। पढ़ाई की शुरूआत दो मिनट राजयोगा मेडिटेशन के साथ करें क्योंकि राजयोग मन को एकाग्र करने की सुन्दर विधि है। जो विषय कठिन लगते हैं, उसमें किसी टीचर या अपने से बड़ों की मदद जरूर लें। सन्तुलित और सुपाच्य भोजन करें, पानी अधिक से अधिक पीएँ।

 

ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि बीच-बीच में स्वयं ही टीचर बनकर अपनी जाँच करें। पिछली गल्तियों का विश्लेषण कर उन्हें सुधारें। परीक्षा के एक दिन पहले सारी आवश्यक सामग्री एक जगह इक_े कर लें। रात को भरपूर नीेद लें और चूँकि आपने तैयारी पूरी की हुई है अत: बिना किसी भय के अगले दिन परीक्षा हॉल में जाएँ। क्योंकि भय होने से याद किया हुआ पाठ भी भूल जाता है।

 

रविवार को शाम को 5.30 बजे शान्ति सरोवर में समर कैम्प का समापन समारोह

 

रविवार, १५ मई को शाम 5.30 बजे विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण एवं अभिभावक मिलन समारोह आयोजित किया गया है जिसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता और जिला शिक्षा अधिकारी ए.एन. बंजारा, उपस्थित रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी करेंगी।

 

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय

दूरभाष: 0771-2253253,2254254

 

 

for media content and service news, please visit our website-

www.raipur.bk.ooo

Brahma Kumaris News

महिला दिवस

Published

on

By

ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
Continue Reading

Brahma Kumaris News

जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

Published

on

By

बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

Continue Reading

Brahma Kumaris News

द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

Published

on

By

नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

Continue Reading

News