समर कैम्प का समापन समारोह बचपन से ही नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की आवश्यकता… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

 

समर कैम्प का समापन समारोह
बचपन से ही नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की आवश्यकता… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, १२ मई: वर्तमान समय बच्चों को ऐसी शिक्षा देने की जरूरत है जो कि मानवीय और नैतिक मूल्यों से भरपूर हो। जो बच्चों को चरित्रवान बनाने में मदद करे। ऐसे प्रयासों से ही आने वाले समय में हमारा देश अपने खोए हुए गौरव को पुन: प्राप्त कर सकेगा।
यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने शान्ति सरोवर में आयोजित समर कैम्प के समापन अवसर पर व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर के विधायक श्री विकास उपाध्याय उपस्थित थे। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और नाटक के साथ-साथ रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। बच्चों ने बहुत ही सुन्दर ढंग से योग नृत्य भी प्रस्तुत किया। जिसमें बतलाया गया कि स्वस्थ रहने के लिए योग बहुत जरूरी है और यह सहज भी है।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में आगे कहा कि बच्चों को चरित्रवान और ईमानदार बनाने पर ध्यान दें तो आदर्श समाज बनाने में मददगार बन सकते हैं। इसके लिए बचपन से ही आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की जरूरत है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी बच्चों को अपनी शुभकामनाएं दीं।
विधायक विकास उपाध्याय ने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित समर कैम्प की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा प्रेरणा समर कैम्प के माध्यम से बच्चों को शास्वत आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देने का प्रयास सराहनीय है। यहाँ पर बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा के साथ ही आत्म ज्ञान भी सीखने को मिला। जो कि कहीं और सम्भव नहीं था। ब्रह्माकुमारी संगठन की बहनें पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति को फैलाने का सराहनीय काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि लोग प्रावीण्य सूची में आने वाले छात्रों को बघाई देते हैं किन्तु कम अंक पाकर उत्तीर्ण होने वाले लोगों के प्रति भी हमारी सद्भावना होनी चाहिए। ताकि ऐसे बच्चे हताश न हों और उन्हें भी आगे बढऩे की प्रेरणा मिल सके।
अन्त में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी बच्चों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किया गया। सर्वश्रेष्ठ छात्र का पुरस्कार अक्षर मिश्रा और सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार कु. रचना साहू को मिला। मंच संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
दूरभाष: ०७७१-२२५३२५३,२२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

समय का सदुपयोग करने वाला ही सफलता प्राप्त करता है… ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी

प्रेस विज्ञप्ति

रायपुर, ११ मई : राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन हमारी जिन्दगी का सबसे सुनहरा समय होता है। इसलिए वर्तमान समय के एक-एक सेकण्ड का सदुपयोग अपने भविष्य को संवारने के लिए करना चाहिए। इससे ही जीवन में सफलता प्राप्त होगी।
ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में आयोजित समर कैम्प में विद्यार्थी जीवन सबसे अच्छा (स्टुडेन्ट लाईफ इज द बेस्ट) विषय पर बच्चों को सम्बोधित कर रही थीं।
उन्होंने आगे कहा कि समय बहुत मूल्यवान होता है। जो इसके महत्व को समझता है, उसका जीवन मूल्यवान बन जाता है। समय को टेलीविजन देखने और मोबाईल में गेम खेलने में व्यतीत करना वास्तव में समय को बर्बाद करना है। जो महान लोग होते हैं, वह अपने एक-एक मिनट का हिसाब रखते हैं। उसे सफल करने के लिए अपनी दिनचर्या बनाते हैं। इससे उनका जीवन सुव्यवस्थित हो जाता है।
ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी ने बच्चों को भी अपने समय का सही उपयोग करने के लिए प्रतिदिन की दिनचर्या बनाने का सुझाव दिया और कहा कि हमें हरेक कार्य का समय निश्चित कर लेना चाहिए। ताकि हमें पता रहे कि कब पढऩा है और कब खेलना तथा कितनी देर तक खेलना है। पढऩे के लिए सुबह का समय बहुत अच्छा होता है। क्योंकि उस समय हमारा दिमाग पूरी तरह से ताजगी से भरा (फ्रेश) होता है। इसलिए सुबह का पढ़ा हुआ विषय हमें अच्छी तरह से याद रहता है। इसके बाद सुबह के पढ़े हुए चेप्टर को सारे दिन में जब भी समय मिले दोहराने का अभ्यास करना चाहिए।

रविवार को शाम को ६ बजे शान्ति सरोवर में समर कैम्प का समापन समारोह

रविवार, १२ मई को शाम ६ बजे विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण एवं अभिभावक मिलन समारोह आयोजित किया गया है, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर के विधायक विकास उपाध्याय उपस्थित रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी करेंगी।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
दूरभाष: ०७७१-२२५३२५३,२२५४२५४


for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo The YouTube ID of Insert video URL or ID here is invalid.

व्यक्तित्व विकास के लिए अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

 

प्रेस विज्ञप्ति

ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प

व्यक्तित्व विकास के लिए अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर, १० मई: वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि अपने आचरण, व्यवहार और सोच को सकारात्मक बनाकर बुरी आदतों, व्यसनोंं आदि से स्वयं को मुक्त करना ही सच्चे अर्थों में व्यक्तित्व का विकास करना है। हमारे शारीरिक, बौद्घिक और व्यक्तित्व विकास के लिए राजयोग की साधना बहुत ही उपयोगी है।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित समर कैम्प में अपनी विशेषताओं को जानें विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने स्वयं में विशेषताएं भरकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहुत ही उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जैसे लोग अपने बाह्ïय स्वरूप को सजाने सॅंवारने के लिए ब्यूटी पार्लर में जाते है उसी प्रकार अपने आंतरिक स्वरूप को निखारने के लिए ऐसे पार्लर की आवश्यकता है, जहॉं अंतर्मन को दिव्य गुणों और मानवीय मूल्यों से सजाया जा सके। सम्मान एवं आज्ञाकारिता का महत्व बताते हुुए उन्होंंने कहा कि हमेंं अपने बड़ोंं का आदर करना चाहिए तथा उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए इससे न केेवल बड़े-बुजुर्गों की बल्कि भगवान की दुआएं भी मिलती हैैंं।
सविता दीदी ने कहा कि हरेक व्यक्ति को जीवन में अपना लक्ष्य अवश्य बनाना चाहिए। लक्ष्य निर्धारित करने से आगे बढऩे का मार्ग सुनिश्चित हो जाता है। इससे मन यहाँ-वहाँ भटकने की अपेक्षा शान्त चित्त होकर एक ही दिशा में अर्थात लक्ष्य को प्राप्त करने पर विचार करेगा। ऐसा करने से सफलता प्राप्त करना सहज हो जाएगा। जीवन में लक्ष्य नहीं बनाया तो उम्र में बड़े तो हो जाएंगे किन्तु सफल व्यक्ति नहीं कहलाएंगे।
उन्होने सभी बच्चों को व्यक्तिगत डायरी रखने का सुझाव देते हुए कहा कि एकान्त में बैठकर रोजाना उसमें अपने मन की बातें लिखने की आदत डालें। इससे मन हल्का रहेगा और आपकी कल्पनाशक्ति बढ़ जाएगी। अगर भाषा अच्छी होगी तो भविष्य में आप अच्छे लेखक या कवि भी बन सकते हैं।
अन्य सत्र में मोटिवेशनल स्पीकर बहन चांदनी दुबे और मनोवैज्ञानिक डॉ. शर्मिला पल्लई ने बच्चों के प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करते हुए उनकी कैरियर काउसिंलिंग की।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
दूरभाष: ०७७१-२२५३२५३,२२५४२५४


for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

मेडिटेशन से बढ़ती है मानसिक एकाग्रता … ब्रह्माकुमारी स्नेहा दीदी

 

प्रेस विज्ञप्ति

ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प

मेडिटेशन से बढ़ती है मानसिक एकाग्रता … ब्रह्माकुमारी स्नेहा दीदी

रायपुर, ०९ मई: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी स्नेहा दीदी ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन से एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा तनाव खत्म हो जाता है। हम जिस समय और जो कार्य करते हैं, उस समय केवल उसी कार्य के विषय में ध्यान केन्द्रित होना चाहिए। मन को नियंत्रित करने के लिए अच्छा तरीका यह है कि मन को अपना दोस्त बना लें। अपने मन से बातें करें उसे खाली न रखें।
ब्रह्माकुमारी स्नेहा दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित समर कैम्प में एकाग्रता की शक्ति (क्कश2द्गह्म् शद्घ ष्टशठ्ठष्द्गठ्ठह्लह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ) विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने एकाग्रता के लाभ गिनाते हुए कहा कि इससे कार्यक्षमता का विकास होता है, कार्य में परिपूर्णता आती है। निर्णय क्षमता का विकास होता है। स्मरण शक्ति बढ़ती है और मन के संकल्प शान्त होते हैं।
स्नेहा दीदी ने एकाग्रता की शक्ति बढ़ाने के उपायों की चर्चा करते हुए कहा कि हमें वही बातें याद रहती हंै जिसमें हमारी रूचि होती है। इसलिए सबसे पहले पढ़ाई के प्रति रूचि पैदा करना जरूरी है। कभी भी पढ़ाई को बोझ न समझें। स्वयं पर विश्वास रखें। जो कुछ भी याद रखना चाहते हैं उसका चित्र अपने मन में चित्रित करने का प्रयास करें। साथ ही अकेले में चार-पाँच बार उसको दोहराने का प्रयास करें। पढ़ते समय टेबल पर पीने का पानी जरूर रखें । ज्यादा से ज्यादा पानी पीएँ क्योंकि पानी पीने से सुस्ती नहीं आएगी, माइण्ड भी फ्रेश रहेगा। लगातार न पढ़ें। बीच में कुछ विराम अवश्य दें। लगातार पढऩे से मस्तिष्क की ग्रहण करने की क्षमता कम हो जाती है।
उन्होने कहा कि एकदम से पढ़ाई शुरू नहीं करना चाहिए। पढ़ाई शुरू करने से पहले पाँच मिनट राजयोग मेडिटेशन अवश्य करें। इससे अपना ध्यान पढ़ाई में एकाग्र करने में मदद मिलेगी। पहले मानसिक रूप से तैयार होने के लिए मेडिटेशन बहुत फायदेमंद हो सकता है।
अन्य सत्र में मोटिवेशनल स्पीकर बहन चांदनी दुबे ने बच्चों को स्वयं में विशेषताएं भरकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहुत ही उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का बहुत अधिक महत्व है। माता-पिता की आज्ञा का पालन करें। टेलीविजन देखने और मोबाईल पर एक घण्टे से ज्यादा समय व्यतीत करने से एकाग्रता कम होने लगती है। इन संचार माध्यमों पर ज्यादा समय देना ठीक नहीं है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
दूरभाष: ०७७१-२२५३२५३,२२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

दिव्य गुणों से निखरता है आन्तरिक सौन्दर्य…. ब्रह्माकुमारी प्रभाती दीदी

 

प्रेस विज्ञप्ति

दिव्य गुणों से निखरता है आन्तरिक सौन्दर्य…. ब्रह्माकुमारी प्रभाती दीदी

रायपुर, ०८ मई : राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्रभाती दीदी ने कहा कि अच्छा व्यक्तित्व उसे माना जाएगा, जो कि दिव्य गुणों से ओतप्रोत हो। बहुत से लोग सुन्दर कपड़ों और रूप, रंग के आधार पर व्यक्तित्व का आंकलन करते हैं किन्तु यह स्थायी सौन्दर्य नहीं है।
ब्रह्माकुमारी प्रभाती दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित समर कैम्प में आन्तरिक सौन्दर्य विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने आगे बतलाया कि प्रतिवर्ष विभिन्न सौन्दर्य प्रतियोगिताओं में विश्व स्तर पर अनेक लोग विजयी होते हैं लेकिन कितने लोग उन्हें याद रख पाते हैं। जल्दी ही लोग उन्हें भुला भी देते हैं। जबकि महात्मा गाँधी जैसे लोग अत्यन्त साधारण होते हुए भी अपने सद्गुणों और अच्छे कार्यों के कारणमहान बने और आज दिन तक भी याद किए जाते हैं। इसी प्रकार हमें भी अपने आन्तरिक सौन्दर्य को बढ़ाना होगा।
ब्रह्माकुमारी प्रभाती दीदी ने आगे बतलाया कि महत्व इस बात का नहीं होता है कि हमने कितनी महंगी चीजें धारण की हैं। वरन् महत्व इस बात का होता है कि हमारे संस्कारों में कितनी दिव्यता है। वास्तव में हमारा व्यक्तित्व बाहरी चीजों से नहीं अपितु आन्तरिक गुणों से बनता है। वर्तमान समय लोग अपने रूप रंग को संवारने में बहुत धन और श्रम जाया करते हैं किन्तु आन्तरिक सौन्दर्य के प्रति उदासीन बने रहते हैं। आन्तरिक सौन्दर्य को बढ़ाने के लिए चाहिए साइलेन्स पॉवर अर्थात राजयोग मेडिटेशन जिसके आधार पर हम अपने अवगुणों को परख कर सद्गुणों को धारण कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे कर्म ऐसे होने चाहिए कि जब हम इस दुनिया से जाएँ तो लोग हमें याद करें। समाज में हम अपनी छाप छोड़कर जाएँ। लक्ष्य उँचा रखने से वैसे लक्षण भी आ जाएंगे। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कहते थे कि जीवन में उँचा लक्ष्य लेकर चलो। छोटा लक्ष्य रखना भी एक अपराध के समान है।
उन्होंने बतलाया कि दुुनिया में जितने भी महान पुरूष हुए हैं, उनके जीवन में सहनशीलता का गुण देखने को मिलता है। इस एक गुण के फलस्वरूप अन्य दूसरे गुण स्वत: खींचे चले आते है। सहनशीलता का गुण पत्थर को पूज्यनीय मूर्ति बना देता है।

प्रेषक : मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

भविष्य में सड़क पर जगह की कमी ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है… – टी. के. भोई, यातायात प्रशिक्षक

 

भविष्य में सड़क पर जगह की कमी ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है…
– टी. के. भोई, यातायात प्रशिक्षक

रायपुर, ०७ मई :यातायात प्रशिक्षक टी. के. भोई ने दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण मन की अशान्ति को बतलाते हुए कहा कि आने वाले दिनों में सड़कों में जगह की कमी ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है। क्योंकि सड़कों का विकास उस अनुपात में नहीं हो रहा है जिस अनुपात में गाडिय़ों की संख्या बढ़ रही है। दुर्घटनाओं के कारण अकेले छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में चार हजार से अधिक लोग में मारे गए। पूरे देश में यह संख्या एक लाख तीस हजार है। इस प्रकार प्राकृतिक आपदाओं से भी ज्यादा लोग प्रतिदिन दुर्घटनाओं में मारे जा रहे हैं।
उन्होंने बतलाया कि लोगों की मृत्यु का पांचवा सबसे बड़ा कारण सड़क दुर्घटना है। मरने वालों में अस्सी प्रतिशत संख्या युवाओं की होती है। इन दुर्घटनाओं से देश को प्रतिवर्ष लगभग अस्सी हजार करोड़ रूपयों का नुकसान होता है जो कि सकल विकास दर (जीडीपी) के दो प्रतिशत के बराबर है। उन्होंने कहा कि रायपुर में हर महिने हजारों की संख्या में नई गाडिय़ाँ पंजीकृत होती हैं। किन्तु सड़कों की संख्या ज्यों की त्यों बनी हुई हैै। अगर यही हाल रहा तो कुछ दिनों में सड़कों पर चलने के लिए जगह नहीं बचेगी।
उन्होंने बतलाया कि ज्यादातर दुर्घटनाएं चालक की लापरवाही से होती है। यदि चालक अच्छा हो और वह यातायात नियमों का पालन करता हो तो दुर्घटनाओं की सम्भावना कम हो जाती है। दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमें यातायात संकेतों का ज्ञान होना जरूरी है। उन्होंने विस्तार से बच्चों को ÓÓप्रोजेक्टरÓÓ के माध्यम से यातायात संकेतों का परिचय दिया तथा उनका पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने बतलाया कि यह संकेत संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों में एक समान होते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पार करने के लिए जेब्रा कासिंग का ही उपयोग करना चाहिए। आधी सड़क दाँयी ओर देखते हुए और शेष आधी सड़क बाँयी ओर देखते हुए पार करना चाहिए।
उन्होंने बतलाया कि छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार सोलह साल से कम उम्र के लोगों को लाइसेन्स नहीं मिल सकता है। किन्तु वह बिना गियर वाली गाड़ी चला सकते हैं। गियर वाली गाड़ी चलाने के लिए अठारह साल से अधिक का उम्र होना जरूरी है। उन्होंने बतलाया कि अगर आपके पास लाइसेन्स अंगे्रजी में प्रिंटेड है तो आप इण्डिया के लाइसेन्स पर ही दुनिया के कई देशों में निर्र्धारित अवधि तक वाहन चला सकते हैं।

इन्टरनेट का उपयोग जानकारी प्राप्त लेने के लिए करें लेकिन एडिक्ट न बनें…

इसके बाद अन्य सत्र में ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने इन्टरनेट बनाम इनरनेट विषय पर बोलते हुए बच्चों को बहुत ज्यादा इन्टरनेट का उपयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संचारक्रान्ति के युग में जानकारी प्राप्त करने के लिए इन्टरनेट सबसे अच्छा माध्यम है। किन्तु उसमें सारी दुनिया का कचरा भी भरा हुआ है। जो कि हमारे मस्तिष्क को कचरा पेटी बना देंगे। फिर ऐसी गन्दगी के बीच ज्ञान की देवी सरस्वती नहीें बैठ सकेगी। हमारा दिमाग खाली रह जाएगा। अच्छा होगा कि रोजाना थोड़ा सा समय निकालकर अपने अन्तर्मन की सैर करें। मेडिटेशन करने से तो शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहेंगे।

प्रेषक : मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

मेमोरी पावर बढ़ाने के लिए कल्पना शक्ति का उपयोग करें… ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह

 

प्रेस विज्ञप्ति

ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प

मेमोरी पावर बढ़ाने के लिए कल्पना शक्ति का उपयोग करें… ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह The YouTube ID of Insert video URL or ID here is invalid.

रायपुर, ०६ मई : मेमोरी गुरू ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह ने कहा कि मेमोरी पावर को बढ़ाने के लिए कल्पना शक्ति बहुत सहयोगी सिद्घ हो सकती है। इसके लिए रिकालिंग पावर का उपयोग करना चाहिए।
ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में आयोजित समर कैम्प में मेमोरी मैनेजमेन्ट विषय पर बच्चों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिमाग सभी के पास लेकिन उसका सही उपयोग बहुत कम लोग कर पाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कई बार ऐसा होता है कि जो हम पढ़ कर जाते हैं वही परीक्षा में आता है किन्तु हम पेपर देखकर पढ़ा हुआ उत्तर भूल जाते हैं। घर में आकर जब पेपर को दुबारा पढ़ते हैं तो लगता है कि यह सब तो हमें मालूम था। काश हम इसका उत्तर लिख पाते। बड़ा अफसोस होता है। इसलिए यदि याद रखने का कोई सहज तरीका पता चल जाए तो मजा आ जाए। उन्होंने कहा कि लोग आपका मजाक उड़ाएंगे। आपको निगेटिव रिमार्क देंगे कि ये तो गधा है आदि। किन्तु आप उसे स्वीकार मत करना नहीं तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। सदैव पाजिटिव सोचना कि मैं बहुत अच्छा हूँ। मेरे जैसा कोई नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि मेमोरी पावर को बढ़ाने के लिए कल्पना शक्ति बहुत सहयोगी सिद्घ हो सकती है। इसके लिए रिकालिंग पावर का उपयोग करें। मेमोरी बढ़ाने के लिए प्रतिदिन ब्रह्माकुमारी संस्थान में सिखलाए जा रहे राजयोग का अभ्यास भी मददगार हो सकता है। मेमोरी पावर को बढ़ाने के लिए रोज सोने से पहले बिस्तर बैठकर सारी दिनचर्या को याद करने की कोशिश करें। ऐसा लगातार करने से 15-16 दिनों में ही मेमोरी बढऩे लगेगी।

समर कैम्प का दूसरा सत्र:
जीवन की सबसे बड़ी सम्पत्ति है खुशी … ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी

  1. रायपुर, ०६ मई : राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी ने कहा कि जीवन की सबसे बड़ी सम्पत्ति होती है-खुशी। खुश रहकर लगनपूर्वक काम करने से उस काम में सफलता अवश्य मिलेगी। यदि सफल नहीं भी हुए तो निराशा या हताशा से तो बच ही जाएंगे। खुश रहने से हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहेगा।
    ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में बच्चों के लिए आयोजित समर कैम्प के दूसरे सत्र में खुशी सबसे बड़ी सम्पत्ति विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने बतलाया कि अगर आपको अभी मुस्कुराने के लिए कहें तो मुस्कुरा देंगे किन्तु क्रोध करने के लिए कहें तो नहीं कर पाएंगे। इसके पीछे मनोवैज्ञनिक कारण है। वह यह कि गुस्सा किसी कारण की वजह से आता है। जैसे किसी कार्य में असफल होना, मनचाही चीज नहीं मिलना अथवा अपमान होना आदि। गुस्सा करना स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। खुश रहेंगे तो हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। दवाई या गोली आदि खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
    ब्रह्माकुमारी स्नेहमयी दीदी ने जीवन को हार और जीत का खेल बतलाते हुए कहा कि जीतने पर तो सभी मुस्कुराते हैं किन्तु हारने पर मुस्कुराते हुए आगे बढऩा ही सच्चे अर्थों में जिन्दगी जीना है। उन्होंने बच्चों को बतलाया कि मुस्कुराना तो अच्छी बात है लेकिन किसी को मजबूर देखकर या किसी की लाचारी पर कभी नहीं मुस्कुराना चाहिए। ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए।
    प्रेषक : मीडिया प्रभाग
    प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
    फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४

    for media content and service news, please visit our website-
    www.raipur.bk.ooo

हमारे कर्म इतने अच्छे हों कि देखने वाले कहें वन्स मोर … ब्रह्माकुमारी गंगा दीदी

हमारे कर्म इतने अच्छे हों कि देखने वाले कहें वन्स मोर … ब्रह्माकुमारी गंगा दीदी

रायपुर, ०५ मई : राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी गंगा दीदी ने कहा कि बच्चों को प्रेरणा देते हुए कहा कि हमारे कर्म ऐसे अच्छे और सुखदायी हों कि देखने वाले सभी वन्स मोर करें। इसके लिए यह याद रहे कि जो कर्म मैं करूँगा मुझे देखकर अन्य लोग करेंगे। अगर सभी के प्रिय बनना है तो इस बात का ध्यान रखें कि हमारे कर्मों से किसी को दुख नहीं पहुँचे। हमारे बोल भी सबको सुख देने वाले एवं मधुर होने चाहिए।
ब्रह्माकुमारी गंगा दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में आयोजित समर कैम्प में कर्मोंका महत्व विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि हम जो भी कर्म करते हैं उसका कार्मिक एकाउण्ट बनता है। चूंकि हरेक व्यक्ति अपने कर्मों के लिए स्वयं ही जिम्मेदार होता है। इसलिए उसका फल सुख या दु:ख के रूप में उसे ही भोगना पड़ता है।
उन्होंने आगे बतलाया कि हाथों से जो कर्म करते हैं सिर्फ वही कर्म नहीं है। बल्कि देखना, सुनना, खाना-पीना यह सभी कर्म हैं। कोई भी व्यक्ति कर्मों के बन्धन से छूट नहीं सकता। हमें जो दु:ख अथवा सुख मिलता है उसके लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं। हमेशा समझो कि मैं एक्टर हॅूं और विश्व के रंगमंच पर अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा हूँ। मुझे सब देख रहे हैं। इससे हमारा कर्मों पर अटेन्शन बना रहेगा। कोई गलत काम भी नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता के आशीर्वाद से बढ़कर संसार में कुछ नहीं है। इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। उनकी दुआएं प्राप्त करने के लिए आज्ञाकारी बनो। मनुष्य पुरूषार्थ करे तो अपने हाथों की लकीरों को भी बदल सकता है। सिर्फ उसके अन्दर लगन होना जरूरी है।
दूसरे सत्र में आज बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता रखी गई थी जिसमें बच्चों ने देश भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़े गीतों पर नृत्य के द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन बढ़-चढ़कर किया। इनमें कु. तृप्ति सिंह ने कान्हा सो जा रे… पर नृत्य किया। कु. पूर्वी नामदेव ने कहते हैं हमकों प्यार से दुनिया वाले..गीत पर डांस किया। कुशाग्र सरकार ने ये देश है वीर जवानों का… गीत पर डांस करके अपनी देशभक्ति का परिचय दिया। कु. परिणिता साहू और सुमन साहू ने भी नृत्य के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
दूरभाष: ०७७१-२२५३२५३,२२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

परिस्थितियों से विचलित न हों बल्कि उन्हेें चुनौती समझकर आगे बढ़ें … ब्रह्माकुमार शक्तिराज

परिस्थितियों से विचलित न हों बल्कि उन्हेें चुनौती समझकर आगे बढ़ें … ब्रह्माकुमार शक्तिराज

रायपुर, ५ मई, २०१९: मेमोरी मैनेजमेन्ट ट्रेनर ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। परिस्थितियों को चुनौती समझकर आगे बढ़ें। जो चुनौतियों का सामना करते हैं वही जीवन में सफल होकर समाज के आगे लीडर बनकर सामने आते हैं।
ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा मार्ग पर स्थित शान्ति सरोवर मेंं आयोजित खुशियों की चाबी नामक कार्यक्रम में अन्तर्मन में छिपे लीडर की खोज विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग परिस्थितियों के आगे हारकर सरेण्डर हो जाते हैं वह जीवन में असफल हो जाते हैं। आगे नहीं बढ़ पाते। उन्हें लोग याद भी नहीं करते। उन्होंने सचिन तेन्दुलकर, अमिताभ बच्चन, धीरूभाई अम्बानी आदि लोगों का उदाहरण देते हुए बतलाया कि यह लोग परिस्थितियों से विचलित होने की बजाए उनका सामना करते हुए आगे बढ़े और अपने-अपने क्षेत्र में सफल रहे। यदि हार मानकर बैठ जाते तो कोई उन्हें जानता भी नहीं।

आत्म बल बढ़ाने के लिए सदैव अपने को लीडर समझो:
उन्होंने कहा कि हम लोग वही करते हैं जो कि हम चाहते हैं परन्तु होता वह है जो परमात्मा की इच्छा होती है। तो क्यों न हम वही कार्य करें जो कि परमात्मा चाहते हैं। देखा गया है कि मनुष्य अपनी अन्तर्चेतना का सिर्फ दो प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग कर पाता है। शेष हिस्सा बिना उपयोग के ही रह जाता है। आत्मबल बढ़ाने के लिए सदैव यह सोचो कि मैं सफल हूँ ही। अपने को हीरो अथवा लीडर समझें।

शरीर से अलग होने का दिव्य अनुभव कराया :
आज के कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही कि ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह ने सभी को बचपन से लेकर मुत्यु तक की अवस्था का प्रभावशाली ढंग से कमेन्ट्री के द्वारा चित्रण कर शरीर से अलग स्थिति का दिव्य अनुभव कराया। इसमें उन्होंने मुत्यु के पश्चात शरीर को छोड़कर परमात्मा के पास जाने और वहाँ पर हमारे कर्मों का कैसे हिसाब किताब होता है? और उस समय के अनुभव को रियलाईज कराया। इस प्रकार का अनुभव सभी के लिए अद्भुत था। शिविरार्थियों ने मन ही मन अपनी गल्तियों के लिए माफी मांगी तथा दूसरों को उनकी गल्तियों के लिए माफ किया और आगे से सदा श्रेष्ठ कर्म करने का संकल्प लिया। उन्होंने बतलाया कि जीवन का कोई भरोसा नहीं है इसलिए हर घड़ी को अन्तिम घड़ी मानकर चलो।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
फोन: ०७७१- २२५३२५३, २२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo