आधुनिकता से नहीं अपितु अध्यात्म से होगा महिला सशक्तिकरण…श्रीमती छाया वर्मा

प्रेस विज्ञप्ति

आधुनिकता से नहीं अपितु अध्यात्म से होगा महिला सशक्तिकरण…श्रीमती छाया वर्मा

रायपुर, १२ मार्च: राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण आधुनिकता से नहीं अपितु अध्यात्म से होगा । हम आधुनिकता में इतना न रम जाएं कि अपनी संस्कृति को ही भुल जाएं।
श्रीमती छाया वर्मा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शान्ति सरोवर में आयोजित महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन में बोल रही थीं। विषय था -वर्तमान बदलती परिस्थितियों में आध्यात्मिकता की आवश्यकता। उन्होंने बतलाया कि पहले सामाजिक सरंचना ऐसी होती थी कि खुलकर हंसने और बोलने तक की स्वतंत्रता महिलाओं को नहीं होती थी। किन्तु आज समय बदल चुका है। पहले महिलाएं अपनी इच्छाओं को दबाकर रखती थीं। लेकिन आज वह पुरूषों की तरह ही हर काम कर सकती हैं। पण्डवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। एक गरीब घर की गांव की महिला ने अनपढ़ होते हुए भी देश-विदेश में खूब नाम कमाया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संगठन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्मïाकुमारी कमला दीदी ने कहा कि वर्तमान समय संसार में समस्याओं की भरमार है इसलिए ऐसे समाज में रहने के लिए जीवन में आध्यात्मिकता का होना जरूरी है। इससे जीवन में सहनशीलता, नम्रता, मधुरता आदि दैवी गुण आते हैं। उन्होंने कहा कि आदि काल में जब महिला आध्यात्मिक शक्ति से सम्पन्न थी तब उसकी पूजा होती थी। मनुष्य शक्ति मांगने के लिए दुर्गा या अन्य देवियों के पास जाते हैं, किसी को धन चाहिए तो लक्ष्मी के पास जाते हैं, बुद्घि चाहिए तो सरस्वती की अराधना करते हैं। किन्तु आज की नारी अध्यात्म से दूर होने के फलस्वरूप पूज्यनीय नही रही। भौतिक दृष्टिï से नारी ने बहुत तरक्की की है किन्तु आध्यात्मिकता से वह दूर हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा ने कहा कि परमात्मा ने पुरूष और स्त्री दोनों को समान रूप से शरीर दिया है फिर हम दोनों में भेदभाव क्यों करते हैं? दोनों के साथ समानता का व्यवहार क्यों नहीं करते हैं? घरों में बेटों को ज्यादा स्वतंत्रता होती है किन्तु बेटियों को घर के काम-काज में सारा दिन हम व्यस्त रखते हैं। बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी घर का काम सिखलाना चाहिए। उन्होंने समारोह में उपस्थित महिलाओं से देवत्व की शुरूआत अपने घर से करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि मांस, मदिरा और अन्य सामाजिक कुरीतियों का परित्याग कर अपने परिवार और समाज को देवत्व की ओर ले जाने का कार्य करें।
पूर्व महापौर एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती किरणमयी नायक ने कहा कि वह अपने दिन की शुरूआत मेडिटेशन से करती हैं जिससे उन्हें सारा दिन आत्मविश्वास के साथ तनावमुक्त रहकर कार्य करने में मदद मिलती है। उन्होंने बतलाया कि लोग अपने दिमाग का बहुत ही कम उपयोग कर पाते हैं। बच्चा चार-पांच साल की उम्र तक पचास प्रतिशत जीवनोपयोगी बातों को सीख चुका होता है, शेष पचास प्रतिशत बातों को सीखने में उसकी पूरी उम्र निकल जाती है। इसका कारण है कि बाल्यावस्था में हमारा ब्रेन सुपर एक्टिव होता है। पाजिटिव थिंकिंग से जीवन को सुख और शान्ति सम्पन्न बनाकर हम अपनी आध्यात्मिक यात्रा की शुरूआत कर सकते हैं।
राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी दीक्षा बहन ने कहा कि महिलाओं को पाश्चात्य संस्कृति का अन्धानुकरण नहीं करना चाहिए बल्कि अपने जीवन में भौतिकता और आध्यात्मिकता का सन्तुलन बनाकर चलना चाहिए। स्वतंत्रता का मतलब स्वच्छंदता नहीं है।

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रायपुर :शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले को देखने श्रद्घालुओं की भीड

प्रेस विज्ञप्ति

शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले को देखने श्रद्घालुओं की भीड उमड़ रही…
परमात्मा के दिव्य अवतरण की यादगार है शिवरात्रि- ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, ०३ मार्च: ब्रह्माकुमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि महाशिवरात्रि त्यौहार परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण का यादगार है। जब इस धरा पर चारों ओर अज्ञान अन्धकार छाया होता है तथा मनुष्यात्माएं काम, क्रोध, लोभ, मोह एवं अहंकार रूपी विकारों के वशीभूत हो जाती हैं। तब ऐसे अतिधर्मग्लानि के समय पर मनुष्यों को निर्विकारी और पवित्र बनाने के लिए परमात्मा शिव का दिव्य अवतरण इस धरा पर होता है।
कमला दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड पर आयोजित शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार रख रही थीं। उन्होंने विश्व में अलग-अलग धर्मों में परमात्मा के बारे में प्रचलित मान्यताओं को स्पष्ट करते हुए बतलाया कि सर्व शक्तिवान परमात्मा एक है। उनका रूप ज्योर्तिंबिन्दु के समान है, जिसे सभी धर्मों में स्वीकार किया गया है।
शिवरात्रि से सम्बन्धित रस्म-रिवाजों को स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने बतलाया कि शिवलिंग पर पानी मिश्रित दूध और दही की धार टपकाने का अभिप्राय है कि हम अपनी बुद्घि का तार सतत् रूप से परमात्मा से जोड़कर रखें, बेलपत्र चढ़ाने का तात्पर्य है कि परमात्मा के प्रति समर्पित भाव रखें तथा अक, धतूरा जैसे सुगन्धहीन और काँटेदार फूल भेंट करने का रहस्य है कि अपनी बुराइयों और विकारों को जो कि हमें दु:ख पहुँचाते हैं, परमात्मा को अर्पित कर निर्विकारी और पवित्र बनें। इसी प्रकार सिर्फ एक रात जागने से अविनाशी प्राप्ति नहीं होगी बल्कि अब तो कलियुग रूपी महारात्रि चल रही है, उसमें आत्मा को ज्ञान द्वारा जागृत करना ही सच्चा जागरण है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड पर आयोजित शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले के उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए पहुँच रहे हैं। मेले में बहुरंगी चित्रों और कलात्मक मूर्तियों के माध्यम से आत्मा, परमात्मा और राजयोग की शिक्षा दी जा रही है। यहाँ पर समझाने के लिए गाईड की भी व्यवस्था रखी गई है।

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर
सम्पर्क: ९४२५५-०२२५५

शान्ति सरोवर में १ से १० मार्च तक महाशिवरात्रि महोत्सव

शान्ति सरोवर में १ से १० मार्च तक महाशिवरात्रि महोत्सव

रायपुर, २८ फरवरी: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर परिसर में १ से १० मार्च तक महाशिवरात्रि महोत्सव के अन्तर्गत शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला का आयोजन किया जाएगा। मेले को देखने का समय प्रतिदिन सायं सायं ६ से रात्रि १० बजे तक रखा गया है।
यह जानकारी देते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बतलाया कि मेले का उद्घाटन ०१ मार्च को सायं ६ बजे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी. एस. सिंहदेव और नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया तथा क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी करेंगी। मेले का प्रमुख आकर्षण ४० फीट उँचा शिवलिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग, शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला, समुद्र मंथन और गंगा अवतरण मण्डप होंगे।
सविता दीदी ने आगे बतलाया कि शिव दर्शन मेले में आध्यात्मिक ज्ञान को विज्ञान की सहायता से सहज, सरल और बोधगम्य ढंग से समझाने का यह संस्थान का प्रयास किया गया है। मेले के अन्तर्गत परमपिता परमात्मा शिव की यादगार द्वादश ज्योतिर्लिंगों के इतिहास एवं महत्व को संगीतमय कमेन्ट्री के माध्यम से बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। मेले में कलात्मक एवं दर्शनीय मॉडल्स के द्वारा गंगा अवतरण, समुद्र मंथन का चलित मॉडल और गहन शान्ति अनुभूति कक्ष आदि मण्डप मेले को दर्शनीय, शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक बनाते हैं। यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी दर्शनीय है।

सात दिवसीय राजयोग अनुभूति शिविर

अत्यन्त अनुभवी राजयोग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में जीवन में सुख और शान्ति का अनुभव करने के लिए ११ मार्च से शान्ति सरोवर और चौबे कालोनी स्थित सेवाकेन्द्रों में सात दिवसीय राजयोग अनुभूति शिविर का नि:शुल्क आयोजन किया गया है। शिविर में भाग लेने के लिए प्रात: ७ से ८.३० अथवा सायं ७ से ८.३० बजे में से कोई भी एक समय चुनकर लाभ लिया जा सकता है।

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर फोन: २२५३२५३, २२५४२५४



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Raipur : Mahashivaratri Mahotsava

Name- Mahashivaratri Mahotsava
Date – 1st March to 10 March 2019
Main Attraction- Ganga Avataran Moving Model, Sagar Manthan moving model, Rajyoga Hut, Dwadash Jyotirlinga Darshan etc.
Venue- Shanti Sarovar, VidhanSabha Road, Saddhu, Raipur (C.G.)
 
And Rajyoga Shivir from 11th March 2019
at Choubey Colony and Shanti Sarovar, Vidhan Sabha Road, Raipur.

मंत्रियों और विधायकों का शान्ति सरोवर में सम्मान समारोह सम्पन्न

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मंत्रियों और विधायकों का शान्ति सरोवर में सम्मान समारोह सम्पन्न
विज्ञान के बल पर नहीं अपितु नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों से करें राज्य का विकास …
रायपुर, ११ फरवरी, २०१९: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अतिरिक्त महासचिव ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं से अत्यन्त भरपूर राज्य है। इसका विकास विज्ञान के बल पर नहीं अपितु नैतिक और आध्यात्मिकता के आधार पर करने की जरूरत है ताकि यह राज्य सारे देश के लिए रोल मॉडल बन सके।
ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ब्रह्माकुमारी संगठन के राजनीतिक सेवा प्रभाग द्वारा विधानसभा रोड पर स्थित शान्ति सरोवर में मंत्रियों एवं विधायकों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने बतलाया कि कल उन्हें दिल्ली में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित ग्लोबल समिट में भाग लेने का अवसर मिला वहाँ उन्हेें यह जानने को मिला कि टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में हमारे देश ने बहुत तरक्की की है। विज्ञान के सहयोग से तरक्की करना अच्छा है किन्तु आध्यात्मिक मूल्यों का विकास भी जरूरी है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को नैतिक और आध्यात्मिकता के आधार पर भयमुक्त, पाप मुक्त, दु:खमुक्त और विकारमुक्त बनाएं। उन्होंने लोगों के जीवन को मूल्यनिष्ठ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य के मस्तिष्क को परिवर्तन करने के लिए नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विधायकों को पुन: माउण्ट आबू में आने का निमंत्रण दिया ताकि वहाँ से नवीन प्रेरणाएं प्राप्त कर सकें।
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ नया राज्य है, नया रायपुर में नई राजधानी बहुत सुन्दर बनी है। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी की ओर से सभी को शुभकामना देते हुए कहा कि उनकी शुभ इच्छा है कि छत्तीसगढ़ राज्य नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों के बल पर खूब विकास करे, नम्बर वन बने और सारे देश के लिए यह राज्य रोल माडल बने।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संक्षिप्त सम्बोधन में कहा कि ब्रह्माकुमारी संगठन नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। हम सभी इससे भलीभॉति परिचित हैं। इसलिए इस संगठन की सेवाओं को दोहराने की जरूरत नहीं है। प्रथम विधानसभा के समय से तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल के समय से यह परम्परा बनी हुई है कि बजट सत्र के अवसर पर हम सभी ब्रह्मा भोजन के लिए यहाँ एकत्रित होते हैं। उसी परम्परा के निर्वहन के लिए हम यहाँ उपस्थित हैं।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महन्त, नेता प्रतिपक्ष श्री धरम लाल कौशिक और पूर्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित समस्त मंत्रियों और विधायकों का शॉल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया। प्रारम्भ में क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने समस्त अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी और भिलाई सेवाकेन्द्र की इन्चार्ज ब्रह्माकुमारी आशा दीदी भी उपस्थित थीं।
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यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, १८ जनवरी: ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है। इस समय विश्व इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय संधिकाल अथवा संगमयुग चल रहा है। जबकि निराकार परमपिता परमात्मा अपने साकार माध्यम प्रजापिता ब्रह्मा के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर संस्कार परिवर्तन और नई सतोप्रधान दुनिया की पुर्नस्थापना करा रहे हैं।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी आज इस संस्थान के संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की ५० वीं पुण्यतिथि पर शान्ति सरोवर में आयोजित सद्भावना समारोह में अपने विचार रख रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्मा को इस संस्थान में परमात्मा, भगवान अथवा गुरु का दर्जा नहीं दिया जाता है। अपितु वह भी एक इन्सान थे जिन्होंने नारी शक्ति को आगे कर ईश्वरीय सेवा के द्वारा महिला सशक्तिकरण का कार्य किया। उन दिनों समाज में महिलाओं की स्थिति दोयम दर्जे की थी किन्तु ब्रह्माबाबा ने उनमें छिपी नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों को सामने लाकर विश्व में एक नई शुरुआत की।
उन्होंने वैश्विक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि जब सृष्टि प्रारम्भ हुई तो सतोप्रधान थी। उस समय यह दैवभूमि कहलाती थी। सभी प्राणी मात्र दैवी गुणों से सम्पन्न होने के कारण देवी और देवता कहलाते थे। चहुं ओर सुख शान्ति व्याप्त थी। किन्तु द्वापर युग से समाज में नैतिक पतन होने से दु:ख-अशान्ति की शुरुआत हुई। तब विभिन्न धर्म पैगम्बरों ने अपने-अपने धर्मों की शिक्षा देकर नैतिक और सामाजिक गिरावट को रोकने का कार्य किया। इससे अधोपतन की गति में कमी जरुर आयी लेकिन पूरी तरह से उस पर रोक नही लग सकी।
कमला दीदी ने कहा कि आज विश्व में भौतिक चकाचौंध बहुत है लेकिन दु:ख, अशान्ति, तनाव, बिमारी आदि की भी कमी नहीं है। अब यह सृष्टि इतनी पुरानी और जर्जर हो चुकी है कि इसका विनाश ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय न तो राजनीतिक नेता विश्व का उद्घार कर सकते हैं, न ही कोई वैज्ञानिक अथवा धार्मिक नेता ही यह कार्य करने में सक्षम हैं। यह परमपिता परमात्मा का कार्य है। जो कि वह वर्तमान संगमयुग पर आकर कर रहे हैं।

ब्रह्मा बाबा महामानव थे जिन्होंने समाज को निर्विकारी बनने के लिए प्रेरित किया: डॉ. मानसिंह परमार

कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि ब्रह्मा बाबा एक महामानव थे जिन्होंने समाज को सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। आजकल दुनिया में चारों ओर अशान्ति का महौल है। प्रतिस्पर्धा का जमाना है। ऐसे समय पर उन्होंने लोगों को काम, कोध, लोभ, मोह और अहंकार को छोड़कर निर्विकारी पवित्र और राजयोगी बनने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नारी शक्ति को आगे करके महिला सशक्तिकरण का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। आज यह संस्था विश्व के एक सौ तीस देशों में नौ हजार से अधिक सेवाकेन्द्रों के माध्यम से सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने बतलाया कि पहले उन्हें गुस्सा बहुत आता था किन्तु राजयोग मेडिटेशन से उन्हें इस पर नियंत्रण प्राप्त करने में सफलता मिली।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी अदिति बहन ने कहा कि वर्तमान संसार में कोई सार नहीं बचा है। जीवन में दिनों-दिन बढ़ रही चिन्ता, तनाव, दु:ख और अशान्ति ने समाज को नर्कतुल्य बना दिया है। ऐसे समय प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के द्वारा समाज को एक नई राह दिखाई है। समारोह का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।

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मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे प्रजापिता ब्रह्मा की ५० वीं पुण्यतिथि पर १७ जनवरी को सद्भावना समारोह

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मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे
प्रजापिता ब्रह्मा की ५० वीं पुण्यतिथि पर १७ जनवरी को सद्भावना समारोह

रायपुर, १७ जनवरी: अन्तर्राष्टï्रीय संगठन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सदस्य १८ जनवरी २०१९ को अपने संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की ५० वीं पुण्य तिथि को विश्व शान्ति दिवस के रूप में मनाएंगे। इस अवसर पर विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में कल (१७ जनवरी को) सद्भावना समारोह आयोजित किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल होंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा जारी विज्ञप्ति में बतलाया गया है कि कार्यकम के विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव और कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे होंगे। अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी करेंगी। चर्चा का विषय होगा – सामाजिक सद्भावना का आधार आध्यात्मिकता।
उल्लेखनीय है कि पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने १८ जनवरी १९६९ को अथक पुरूषार्थ से सम्पूर्ण अवस्था को प्राप्त कर पार्थिव देह का कलेवर त्यागा था। इसलिए यह दिवस मानव जाति के लिए दिव्यता सम्पन्न जीवन बनाने का सन्देश लेकर आता है। विश्व के पांचों महाद्वीपों में १३० देशों में विस्तारित ८५०० (साढ़े आठ हजार) से भी अधिक सेवाकेन्द्रों और उपसेवाकेन्द्रों में इस अलौकिक संस्थान के दस लाख सदस्य १८ जनवरी को सारा दिन आत्म चिन्तन में बिताएंगे तथा राजयोग के अभ्यास के द्वारा विश्व में शान्ति के प्रकम्पन फैलायेंगे।
राजधानी रायपुर में यह आयोजन ब्रह्माकुमारी संस्थान के सभी पन्द्रह सेवाकेन्द्रों में किया जाएगा। सुबह से ही सेवाकेन्द्रों में मेडिटेशन सभाओं का दौर शुरू हो जाएगा। इसके पश्चात ब्रह्मा बाबा को श्रद्घाजंलि अर्पित की जाएगी एवं परमात्मा को भोग स्वीकार कराया जाएगा। संस्था के मुख्यालय माउण्ट आबू में भी व्यापक स्तर पर श्रद्घाजंलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भाग लेने के लिए विभिन्न देशों से लाखों लोग माउण्टआबू में पहुँचे हुए हैं।

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर नये वर्ष का स्वागत किया।

छोटे-छोटे बाल कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया
१. अच्छा चलता हूँ, दुवाओं में याद रखना… गीत के साथ पुराने वर्ष को दी विदाई…
२. ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाएं सराहनीय… विकास उपाध्याय, विधायक

रायपुर, ३० दिसम्बर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वर्ष २०१८ को विदाई एवं नये वर्ष का स्वागत किया। अटल नगर (नया रायपुर) के सेक्टर-२० में निर्माणाधीन शान्ति शिखर परिसर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि विधायक विकास उपाध्याय थे।
नये वर्ष के स्वागत में बाल कलाकारों ने कव्वाली के साथ-साथ गीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से अटल नगर एक चमकता सितारा नामक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर बोलते हुए विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि आजकल दुनिया में तनाव, दुख और अशान्ति बढ़ती जा रही है। समस्याएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे समय पर ब्रह्माकुमारी संगठन लोगों को मेडिटेशन सिखाकर सुख और शान्ति की अनुभूति कराने का सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे विश्व कल्याण के कार्य में वह भी सहभागी बनना चाहते हैं। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का वातावरण किसी मन्दिर से कम नहीं है। उसी की तरह पवित्र है। बड़ी बात यह है कि यह संगठन पूरे विश्व में हमारी भारतीय संस्कृति को फैलाने की सेवा कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। इसे जानने के लिए लोग विदेशों से यहाँखींचे चले आते हैं। उनके लायक कोई भी कार्य होगा तो वह जरूर मदद करना चाहेंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की स्थापना के सफलतापूर्वक ८२ वर्ष पूरे होने पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी को बधाई देते हुए नये वर्ष में पुरूषार्थ में भी नवीनता लाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो समय बीत रहा है वह वापस नहीं आ सकता। इसलिए अपने संस्कारों में परिवर्तन लाकर सम्पूर्ण बनने के लिए भरसक पुरूषार्थ करने की जरूरत है। उन्होंने सभा में पहली बार पधारे विधायक विकास उपाध्याय का स्वागत करते हुए शान्ति शिखर में हो रहे निर्माण कार्याें से उन्हें अवगत कराया।

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Felicitation to Hon’ble CM Bhupesh Baghel Ji

रायपुर (छ. ग.): छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने के बाद माननीय भ्राता भूपेश बघेल जी को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी। साथ में उपस्थित हैं- ब्रह्माकुमारी सविता एवं रश्मि दीदी।   Continue reading

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया संवाद 

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया संवाद
मीडिया मनोरंजन के साथ ही मानवीय मूल्यों को जागृत करने में योगदान दे…
ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी
रायपुर, ४ दिसम्बर: माउण्ट आबू से प्रकाशित ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने कहा कि समाज में मीडिया का बहुत प्रभाव है। मीडिया द्वारा प्रसारित बातों का हमारे मन पर गहरा असर होता है। इसी से व्यक्तित्व का निर्माण होता है और समाज को भी दिशा मिलती है। आज समय की मांग है कि मीडिया ऐसी सामग्री दे जो मानवीय मूल्यों को जागृत करे। तब ही समाज में बदलाव आएगा।
ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी आज विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में बोल रही थीं। चर्चा का विषय था सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका।
उन्होंने आगे कहा कि मीडिया दुव्र्यसनों से होने वाली बुराइयों को उजागर कर लोगों को उससे दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकता है। समाज में उँचे पदों पर बैठे लोग भी निराश और हताश होकर नशे का सहारा लेने लगते हैं। अत: लोगों को व्यसनों से दूर रहने के लिए सचेत करने की आवश्यकता है।
कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी को श्रद्घाजंलि देते हुए कहा कि उन्होंने मूल्यनिष्ठ मीडिया के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने आगे बतलाया कि नैतिक मूल्यों की पुर्नस्थापना से ही समाज में बदलाव आएगा। पत्रकारिता के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी मूल्यों का समावेश होना चाहिए।
माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि मीडिया को वर्तमान सामाजिक जरूरत के अनुरूप अपना एजेण्डा पुन: निर्धारित करने की जरूरत है। यदि लोगों के जीवन में सुख शान्ति नहीं है तो ऐसे विकास का कोई महत्व नहीं है। नैतिक मूल्यों में गिरावट आने से समाज में निराशा और हताशा बढ़ रही है। आज मीडिया में अस्सी प्रतिशत सामग्री राजनीतिक समाचारों पर केन्द्रित होती हैं। शेष बाजार से प्रभावित सामग्री होती है। अब उसे आम आदमी से जुड़ी सामग्री देने के बारे में सोचना चाहिए।
दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने कहा कि मीडिया और समाज एक दूसरे के पूरक हैं। समाज में बदलाव आता है तो मीडिया में भी परिवर्तन आता है। इसीलिए समाज में जो नकारात्मक बातें आ रही हैं उसे ही मीडिया अपने ढंग से दिखाता है। इन सबसे अलग जिन्होंने अपने विचार समाज में लादने की कोशिश की वह आज परिदृश्य से गायब हो गए हैं। इसलिए जैसे जैसे समाज में बदलाव आएगा वैसे वैसे मीडिया में भी परिवर्तन आएगा।
वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में व्यवसायियों के आ जाने से पेन तो पत्रकारों का है लेकिन स्याही मालिक की हो गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति इलेक्ट्रानिक मीडिया की है। वह अपना ज्यादा समय विवादों में चर्चा पर लगाने की बजाए समाज की विसंगतियों को उठाने पर दे तो अच्छा होगा।
आकाशवाणी के समाचार सम्पादक विकल्प शुक्ला ने कहा कि मीडिया को समाज का दर्पण कहा जाता है लेकिन क्या आज मीडिया समाज का सही बिम्ब दिखाने में सक्षम सिद्घ हो रहा है? बाजारवाद और पूंजीवाद के प्रभाव में आकर हम आज समाज से दूर हो गए हैं। समाज को उठाना भी मीडिया की जिम्मेदारी होती है।
आई.बी.सी.२४ न्यूज चैनल के संपादक रविकान्त मित्तल ने कहा कि वर्तमान मीडिया सिर्फ मनोरंजन और ग्लैमर तक सिमट कर रह गया है। इसी कारण उद्देश्य से दूर हो गए हैं। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझकर बैलेन्स बनाकर चलना होगा। फेक न्यूज समाज को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसे हमें पहचानना होगा।
प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया के सदस्य प्रदीप जैन ने कहा कि सामाजिक बदलाव एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान समय संचार क्रान्ति के युग में एक सेकण्ड में देश-विदेश की खबरों को हम जीवन्त देख लेते हैं। तार्किक और सतत् इन बातों का ध्यान रखकर मीडिया सामग्री को तैयार करें तो समाज की प्रगति में योगदान कर सकते हैं। समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को देखते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी अपने तर्कपूर्ण विचारों की सहायता से न्यूज बनाएं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी मीडिया कर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया समाज का महत्वपूर्ण इकाई है। मीडिया की विश्वसनीयता के कारण उसकी बातों को समाज महत्व देता है। इसलिए उसे सामाजिक परिवर्तन के कार्य में मददगार अवश्य बनना चाहिए।
मीडिया संवाद कार्यक्रम में पायोनियर के सम्पादक गंगेश द्विवेदी, बंसल न्यूज के स्टेट हेड जयप्रकाश पाराशर, क्लीपर टाइम्स २८ के सम्पादक श्याम वेताल, इण्डिया न्यूज के सम्पादक संजय शेखर, मुख्यमंत्री के पीआरओ उमेश मिश्रा, अमृत सन्देश के स्थानीय सम्पादक संजीव वर्मा, हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, ग्लीब्स न्यूज पोर्टल की सम्पादिका प्रियंका कौशल, वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, रवि भोई, भाग्योत्कर्ष के सम्पादक आशुतोष मिश्रा, केटीयू में सहायक प्राध्यापक नरेन्द्र त्रिपाठी, मितान एक्सप्रेस के सम्पादक के. वी. टी. श्रीधर राव, नव प्रदेश के सम्पादक यशवन्त धोटे आदि ने भाग लिया।
प्रेषक : मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर

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