Raipur – Train The Trainers Programme of Shipping Aviation & Tourism Wing Inaugurated

पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ देश का सबसे खूबसूरत क्षेत्र… डॉ. संजय सिह

रायपुर, १ जुलाई, २०१८: छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के महाप्रबन्धक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन के लिए देश का सबसे खूबसूरत क्षेत्र है। यह प्राकृतिक दृष्टि से अत्यन्त सम्पन्न है। जरूरत सिर्फ इन क्षेत्रों का विकास कर लोगों के सम्मुख लाने की है।
डॉ. संजय सिंह आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिपिंग एविएशन एण्ड टूरिज्म प्रभाग द्वारा आयोजित ट्रेन द ट्रेनर्स (Train the Trainer) कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बतलाया कि वह देश-विदेश घूम चुके हैं किन्तु उनमें सबसे खूबसूरत उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ही लगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान पर्यटन के माध्यम से लोगों में परस्पर प्रेम और भाई-चारा बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है।IMG-20180701-WA0015

उन्होंने पर्यटन को जीवन जीने का तरीका बतलाते हुए कहा कि इसे किताबों में नहीं पढ़ाया जा सकता है। बस्तर, सरगुजा ऐसे सुन्दर क्षेत्र हैं जहाँ पर प्रकृति के बीच जाकर रहें तो तनाव और द्वेष आदि सब भूल जाएंगे। चित्रकोट हिन्दुस्तान का सबसे अच्छा जलप्रपात है। पर्यटन मण्डल ने इसे इतना सुन्दर विकसित किया है कि वहाँ जाने पर लगता है कि विदेश में आ गए हों। ऐसा ही एक और क्षेत्र भद्रसाली है। यहाँ पर इन्द्रावती और गोदावरी का संगम होता है। इस जगह पर हर साल आदिवासियों का बहुत बड़ा मेला लगता है जो कि देखने लायक होता है।
मुम्बई से पधारी शिपिंग एण्ड एविएशन विंग की समन्वयक ब्रह्माकुमारी प्रशान्ति दीदी ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को पुर्नजीवित कर देश के गौरव को वापस लौटाना ही इस विंग का मुख्य उद्देश्य है। ताकि भारत देश फिर से महान बन सके। इसके लिए प्रदर्शनी भी बनाई गई है। संसार में सद्भावना फिर से कायम हो और पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों का सशक्तिकरण ही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है।
ब्रह्माकमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि मन के भावों को बदलने के लिए पर्यटन बहुत ही अच्छा माध्यम है। भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ सचमुच ही सुन्दर प्रदेश है। उन्होंने कहा कि यहाँ के पर्यटन स्थल मन को लुभाते हैं। लेकिन इनका प्रचार-प्रसार और ज्यादा करने की जरूरत है।

Train The Trainers programme of Shipping Aviation & Tourism Wing Inaugurated.

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पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ देश का सबसे खूबसूरत क्षेत्र… डॉ. संजय सिह
रायपुर, १ जुलाई, २०१८: छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के महाप्रबन्धक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन के लिए देश का सबसे खूबसूरत क्षेत्र है। यह प्राकृतिक दृष्टि से अत्यन्त सम्पन्न है। जरूरत सिर्फ इन क्षेत्रों का विकास कर लोगों के सम्मुख लाने की है।

डॉ. संजय सिंह आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिपिंग एविएशन एण्ड टूरिज्म प्रभाग द्वारा आयोजित ट्रेन द ट्रेनर्स (Train the Trainer) कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बतलाया कि वह देश-विदेश घूम चुके हैं किन्तु उनमें सबसे खूबसूरत उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ही लगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान पर्यटन के माध्यम से लोगों में परस्पर प्रेम और भाई-चारा बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

उन्होंने पर्यटन को जीवन जीने का तरीका बतलाते हुए कहा कि इसे किताबों में नहीं पढ़ाया जा सकता है। बस्तर, सरगुजा ऐसे सुन्दर क्षेत्र हैं जहाँ पर प्रकृति के बीच जाकर रहें तो तनाव और द्वेष आदि सब भूल जाएंगे। चित्रकोट हिन्दुस्तान का सबसे अच्छा जलप्रपात है। पर्यटन मण्डल ने इसे इतना सुन्दर विकसित किया है कि वहाँ जाने पर लगता है कि विदेश में आ गए हों। ऐसा ही एक और क्षेत्र भद्रसाली है। यहाँ पर इन्द्रावती और गोदावरी का संगम होता है। इस जगह पर हर साल आदिवासियों का बहुत बड़ा मेला लगता है जो कि देखने लायक होता है।

मुम्बई से पधारी शिपिंग एण्ड एविएशन विंग की समन्वयक ब्रह्माकुमारी प्रशान्ति दीदी ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को पुर्नजीवित कर देश के गौरव को वापस लौटाना ही इस विंग का मुख्य उद्देश्य है। ताकि भारत देश फिर से महान बन सके। इसके लिए प्रदर्शनी भी बनाई गई है। संसार में सद्भावना फिर से कायम हो और पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों का सशक्तिकरण ही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है।

ब्रह्माकमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि मन के भावों को बदलने के लिए पर्यटन बहुत ही अच्छा माध्यम है। भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ सचमुच ही सुन्दर प्रदेश है। उन्होंने कहा कि यहाँ के पर्यटन स्थल मन को लुभाते हैं। लेकिन इनका प्रचार-प्रसार और ज्यादा करने की जरूरत है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रायपुर
सम्पर्क: ९६४४९६४६७४

ब्रह्माकुमारी ओम राधे की पुण्य तिथि श्रद्घापूर्वक मनाई गई…

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FB_IMG_1530021947286आध्यात्म के गहन रहस्यों को मम्मा ने सहज रीति से समाज के सामने प्रस्तुत किया..

रायपुर, २४ जून: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी ओम राधे की ५३ वीं पुण्य तिथि श्रद्घापूर्वक मनाई गई।
चौबे कालोनी स्थित सेवाकेन्द्र विश्व शान्ति भवन में एक सादे समारोह में ब्रह्माकुमारी ओम राधे (मातेश्वरी) के चित्र पर माल्यार्पण कर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने श्रद्घासुमन अर्पित किए। उन्होंने मातेश्वरी जी के जीवन से सम्बन्धित संस्मरण सुनाकर सभी को उनके द्वारा बतलाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। सभा में राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी भावना, ब्रह्माकुमारी रश्मि, ब्रह्माकुमारी चित्रलेखा और ब्रह्माकुमारी सौम्या बहन सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बतलाया कि मातेश्वरी जी का जीवन अत्यन्त आदर्श होने के कारण सभी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने एक माँ की तरह से ब्रह्मावत्सों की पालना की। उन्होंने अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को अत्यन्त सहज रीति से समाज के सामने प्रस्तुत किया ताकि साधारण से साधारण आदमी भी उसे समझकर जीवन में अपना सके। उनके जीवन में अपनाए गए सिद्घान्त आज संस्था के लिए प्रमुख सूत्र बन चुके हैं। जिसके आधार पर संस्था का संचालन किया जाता है। उन्होंने २४ जून को अपने पार्थिव शरीर का त्याग किया था। तब से ही इस दिन उनकी पुण्यतिथि पर सारे सेवाकेन्द्रों में विशेष आयोजन किया जाता है।
इससे पहले मातेश्वरी जी की पुण्य स्मृति में परमपिता परमात्मा शिवबाबा को भोग स्वीकार कराया गया। जिसे बाद में सभा में उपस्थित सभी लोगों में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। पश्चात उनके प्रवचनों से लिए गए प्रेरणादायक महावाक्यों को भी अलग-अलग वरदान के रूप में लोगों को बांटा गया। जिसे प्राप्त कर सभी ने उसी वरदान के अनुरूप पुरूषार्थ करने का सकंल्प किया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: २२५३२५३, २२५४२५४

ब्रह्माकुमारी संस्थान के साधकों ने शान्ति सरोवर में मनाया योग दिवस

 

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राजयोग से मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, २१ जून, २०१८: आज विश्व योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साधकों ने विधानसभा रोड पर शान्ति सरोवर में योग दिवस मनाया। क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन हेतु मार्गदर्शन किया । साधकों ने राजयोग के माध्यम से शान्ति एवं पवित्रता के प्रकम्पन फैलाकर वायुमण्डल को शुद्घ और पवित्र बनाने में सहयोग दिया। इस दौरान राजयोग मेडिटेशन के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योगासनों का भी अभ्यास किया गया।
क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम जीवन पद्घति है। इससे मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में मदद नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन सभी को करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अस्सी प्रतिशत बीमारियों का मूल कारण व्यर्थ और नकारात्मक सोच ही होता है। राजयोग का अभ्यास करने से हमारे सोच और विचार दोनों समर्थ बनते हैं। इस प्रकार हम मनोविकारों के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों से बच सकते हैं।
इस अवसर पर योग शिक्षक विपुल भट्ट द्वारा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए विभिन्न योगासनों का भी अभ्यास कराया गया। उन्होंने बतलाया कि चूंकि हम लोग नियमित रूप से प्रतिदिन योगाभ्यास नहीं करते हैं इसलिए योग करने से पहले शरीर की स्ट्रेचिंग करना जरूरी है। योग से शरीर के समस्त अंगों तक ऑक्सीजन और खून को पहुँचाने में मदद मिलती है। राजयोग मेडिटेशन के साथ-साथ योगासन भी शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इसलिए इसे अपनी दिनचर्या का अंग बना लेना चाहिए।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय,
रायपुर सम्पर्क मो.: ९६४४९६४६७४

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग महोत्सव का शुभारम्भ

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Photo 2योग मनुष्य को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग… न्यायमूर्ति श्रीवास्तव, प्रमुख लोकायुक्त

रायपुर, १७ जून, २०१८: प्रमुख लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस. एन. श्रीवास्तव ने कहा कि योग मानव मात्र को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग है। यह मन बुद्घि और चित्त को स्वस्थ बनाता है। इससे ही सशक्त और मानवतावादी समाज बनाने में मदद मिलेगी।
न्यायमूर्ति श्रीवास्तव आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में आयोजित योग महोत्सव का शुभारम्भ करने के बाद अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। चर्चा का विषय था – स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और सुखी जीवन का आधार राजयोग। उन्होंने आगे कहा कि योग एक संस्कृत शब्द युज धातु से बना है जिसका अर्थ होता है मिलन। समाज के एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से जोडऩे की कला हमें योग से मिलती है। योग चित्त को अच्छे कार्य में प्रवृत्त करता है। ताकि आगे चलकर पश्चाताप न करना पड़े।
उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थानों के प्रयासों से ही हमारी भारतीय संस्कृति और प्राचीन योग बचा हुआ है। यह संस्थान पूरे विश्व में समर्पित भाव से योग का प्रसार करने में योगदान दे रही है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम योग पद्घति है। इससे मनुष्य का तन और मन दोनों स्वस्थ और सात्विक बनता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में पूर्ण सफलता नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन अत्यन्त लाभकारी सिद्घ हुआ है।
उन्होंने कहा कि हमारे हर संकल्प से पाजिटिव या निगेटिव एनर्जी उत्पन्न होती है और वो हमारे शरीर में हार्मोन्स पैदा करती है। अस्सी प्रतिशत बीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोच से उत्पन्न उर्जा ही है। राजयोग का अभ्यास करने से हमारे सोच और विचार दोनों पाजिटिव हो जाते हैं। इस प्रकार मनोविकारों के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों से बच सकते हैं।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए इन्दौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि राजयोग में सभी योग समाहित हैं। यह सभी योगों का राजा है। क्योंकि इसके  द्वारा हम कर्मेन्द्रियों के राजा बन जाते हैं। राजयोग के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। इस योग से तन और मन दोनों के रोगों को ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राजयोग एक जीवन पद्घति है। यह कोई सन्यास मार्ग नहीं है। यह हमें कर्मयोगी बनाता है। जिससे हम हर कार्य परमात्मा की याद में रहकर कर सकते हैं। योग से दूर हो जाने के कारण जीवन में तनाव बढ़ रहा है। जिसके परिणामस्वरूप हमारा शरीर अनेक रोगों का शिकार होता जा रहा है।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय,
रायपुर सम्पर्क मो.: ९६४४९६४६७४

 

ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जी की ५३ वीं पुण्यतिथि आज

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रायपुर, २३ जून २०१८: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी ओमराधे, जो कि मातेश्वरी जी के नाम से लोकप्रिय थी, की ५३ वीं पुण्यतिथि पर रविवार, २४ जून को इस संस्थान के सभी सेवाकेन्द्रों में विशेष आयोजन किया गया है। आज ही के दिन सम्पूर्ण स्वरूप को प्राप्त करने के उपरान्त उन्होंने २४ जून १९६५ को अपने नश्वर शरीर का त्याग किया था।
राजधानी रायपुर में मुख्य आयोजन इस संस्थान के शान्ति सरोवर और चौबे कालोनी स्थित सेवाकेन्द्रों में किया जाएगा। इस दिन प्रात:कालीन सभा में मातेश्वरी जी के व्यक्तित्व एवं सेवाओं से सम्बन्धित संस्मरण सुनाया जाएगा। पश्चात परमपिता परमात्मा को भोग लगाने के बाद सुबह ९ बजे तक विश्व कल्याण और विश्व शान्ति हेतु गहन योग साधना का कार्यक्रम रखा गया है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन : ०७७१- २२५३ २५३, २२५४ २५४