मंत्रियों और विधायकों का शान्ति सरोवर में सम्मान समारोह सम्पन्न

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मंत्रियों और विधायकों का शान्ति सरोवर में सम्मान समारोह सम्पन्न
विज्ञान के बल पर नहीं अपितु नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों से करें राज्य का विकास …
रायपुर, ११ फरवरी, २०१९: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अतिरिक्त महासचिव ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं से अत्यन्त भरपूर राज्य है। इसका विकास विज्ञान के बल पर नहीं अपितु नैतिक और आध्यात्मिकता के आधार पर करने की जरूरत है ताकि यह राज्य सारे देश के लिए रोल मॉडल बन सके।
ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ब्रह्माकुमारी संगठन के राजनीतिक सेवा प्रभाग द्वारा विधानसभा रोड पर स्थित शान्ति सरोवर में मंत्रियों एवं विधायकों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने बतलाया कि कल उन्हें दिल्ली में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित ग्लोबल समिट में भाग लेने का अवसर मिला वहाँ उन्हेें यह जानने को मिला कि टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में हमारे देश ने बहुत तरक्की की है। विज्ञान के सहयोग से तरक्की करना अच्छा है किन्तु आध्यात्मिक मूल्यों का विकास भी जरूरी है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को नैतिक और आध्यात्मिकता के आधार पर भयमुक्त, पाप मुक्त, दु:खमुक्त और विकारमुक्त बनाएं। उन्होंने लोगों के जीवन को मूल्यनिष्ठ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य के मस्तिष्क को परिवर्तन करने के लिए नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विधायकों को पुन: माउण्ट आबू में आने का निमंत्रण दिया ताकि वहाँ से नवीन प्रेरणाएं प्राप्त कर सकें।
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ नया राज्य है, नया रायपुर में नई राजधानी बहुत सुन्दर बनी है। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी की ओर से सभी को शुभकामना देते हुए कहा कि उनकी शुभ इच्छा है कि छत्तीसगढ़ राज्य नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों के बल पर खूब विकास करे, नम्बर वन बने और सारे देश के लिए यह राज्य रोल माडल बने।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संक्षिप्त सम्बोधन में कहा कि ब्रह्माकुमारी संगठन नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। हम सभी इससे भलीभॉति परिचित हैं। इसलिए इस संगठन की सेवाओं को दोहराने की जरूरत नहीं है। प्रथम विधानसभा के समय से तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल के समय से यह परम्परा बनी हुई है कि बजट सत्र के अवसर पर हम सभी ब्रह्मा भोजन के लिए यहाँ एकत्रित होते हैं। उसी परम्परा के निर्वहन के लिए हम यहाँ उपस्थित हैं।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महन्त, नेता प्रतिपक्ष श्री धरम लाल कौशिक और पूर्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित समस्त मंत्रियों और विधायकों का शॉल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया। प्रारम्भ में क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने समस्त अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी और भिलाई सेवाकेन्द्र की इन्चार्ज ब्रह्माकुमारी आशा दीदी भी उपस्थित थीं।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज, शान्ति सरोवर, रायपुर
सम्पर्क: ९४२५५०२२५५

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यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, १८ जनवरी: ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है। इस समय विश्व इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय संधिकाल अथवा संगमयुग चल रहा है। जबकि निराकार परमपिता परमात्मा अपने साकार माध्यम प्रजापिता ब्रह्मा के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर संस्कार परिवर्तन और नई सतोप्रधान दुनिया की पुर्नस्थापना करा रहे हैं।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी आज इस संस्थान के संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की ५० वीं पुण्यतिथि पर शान्ति सरोवर में आयोजित सद्भावना समारोह में अपने विचार रख रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्मा को इस संस्थान में परमात्मा, भगवान अथवा गुरु का दर्जा नहीं दिया जाता है। अपितु वह भी एक इन्सान थे जिन्होंने नारी शक्ति को आगे कर ईश्वरीय सेवा के द्वारा महिला सशक्तिकरण का कार्य किया। उन दिनों समाज में महिलाओं की स्थिति दोयम दर्जे की थी किन्तु ब्रह्माबाबा ने उनमें छिपी नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों को सामने लाकर विश्व में एक नई शुरुआत की।
उन्होंने वैश्विक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि जब सृष्टि प्रारम्भ हुई तो सतोप्रधान थी। उस समय यह दैवभूमि कहलाती थी। सभी प्राणी मात्र दैवी गुणों से सम्पन्न होने के कारण देवी और देवता कहलाते थे। चहुं ओर सुख शान्ति व्याप्त थी। किन्तु द्वापर युग से समाज में नैतिक पतन होने से दु:ख-अशान्ति की शुरुआत हुई। तब विभिन्न धर्म पैगम्बरों ने अपने-अपने धर्मों की शिक्षा देकर नैतिक और सामाजिक गिरावट को रोकने का कार्य किया। इससे अधोपतन की गति में कमी जरुर आयी लेकिन पूरी तरह से उस पर रोक नही लग सकी।
कमला दीदी ने कहा कि आज विश्व में भौतिक चकाचौंध बहुत है लेकिन दु:ख, अशान्ति, तनाव, बिमारी आदि की भी कमी नहीं है। अब यह सृष्टि इतनी पुरानी और जर्जर हो चुकी है कि इसका विनाश ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय न तो राजनीतिक नेता विश्व का उद्घार कर सकते हैं, न ही कोई वैज्ञानिक अथवा धार्मिक नेता ही यह कार्य करने में सक्षम हैं। यह परमपिता परमात्मा का कार्य है। जो कि वह वर्तमान संगमयुग पर आकर कर रहे हैं।

ब्रह्मा बाबा महामानव थे जिन्होंने समाज को निर्विकारी बनने के लिए प्रेरित किया: डॉ. मानसिंह परमार

कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि ब्रह्मा बाबा एक महामानव थे जिन्होंने समाज को सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। आजकल दुनिया में चारों ओर अशान्ति का महौल है। प्रतिस्पर्धा का जमाना है। ऐसे समय पर उन्होंने लोगों को काम, कोध, लोभ, मोह और अहंकार को छोड़कर निर्विकारी पवित्र और राजयोगी बनने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नारी शक्ति को आगे करके महिला सशक्तिकरण का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। आज यह संस्था विश्व के एक सौ तीस देशों में नौ हजार से अधिक सेवाकेन्द्रों के माध्यम से सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने बतलाया कि पहले उन्हें गुस्सा बहुत आता था किन्तु राजयोग मेडिटेशन से उन्हें इस पर नियंत्रण प्राप्त करने में सफलता मिली।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी अदिति बहन ने कहा कि वर्तमान संसार में कोई सार नहीं बचा है। जीवन में दिनों-दिन बढ़ रही चिन्ता, तनाव, दु:ख और अशान्ति ने समाज को नर्कतुल्य बना दिया है। ऐसे समय प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के द्वारा समाज को एक नई राह दिखाई है। समारोह का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।

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मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे प्रजापिता ब्रह्मा की ५० वीं पुण्यतिथि पर १७ जनवरी को सद्भावना समारोह

प्रेस विज्ञप्ति
मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे
प्रजापिता ब्रह्मा की ५० वीं पुण्यतिथि पर १७ जनवरी को सद्भावना समारोह

रायपुर, १७ जनवरी: अन्तर्राष्टï्रीय संगठन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सदस्य १८ जनवरी २०१९ को अपने संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की ५० वीं पुण्य तिथि को विश्व शान्ति दिवस के रूप में मनाएंगे। इस अवसर पर विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में कल (१७ जनवरी को) सद्भावना समारोह आयोजित किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल होंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा जारी विज्ञप्ति में बतलाया गया है कि कार्यकम के विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव और कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे होंगे। अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी करेंगी। चर्चा का विषय होगा – सामाजिक सद्भावना का आधार आध्यात्मिकता।
उल्लेखनीय है कि पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने १८ जनवरी १९६९ को अथक पुरूषार्थ से सम्पूर्ण अवस्था को प्राप्त कर पार्थिव देह का कलेवर त्यागा था। इसलिए यह दिवस मानव जाति के लिए दिव्यता सम्पन्न जीवन बनाने का सन्देश लेकर आता है। विश्व के पांचों महाद्वीपों में १३० देशों में विस्तारित ८५०० (साढ़े आठ हजार) से भी अधिक सेवाकेन्द्रों और उपसेवाकेन्द्रों में इस अलौकिक संस्थान के दस लाख सदस्य १८ जनवरी को सारा दिन आत्म चिन्तन में बिताएंगे तथा राजयोग के अभ्यास के द्वारा विश्व में शान्ति के प्रकम्पन फैलायेंगे।
राजधानी रायपुर में यह आयोजन ब्रह्माकुमारी संस्थान के सभी पन्द्रह सेवाकेन्द्रों में किया जाएगा। सुबह से ही सेवाकेन्द्रों में मेडिटेशन सभाओं का दौर शुरू हो जाएगा। इसके पश्चात ब्रह्मा बाबा को श्रद्घाजंलि अर्पित की जाएगी एवं परमात्मा को भोग स्वीकार कराया जाएगा। संस्था के मुख्यालय माउण्ट आबू में भी व्यापक स्तर पर श्रद्घाजंलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भाग लेने के लिए विभिन्न देशों से लाखों लोग माउण्टआबू में पहुँचे हुए हैं।

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर नये वर्ष का स्वागत किया।

छोटे-छोटे बाल कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया
१. अच्छा चलता हूँ, दुवाओं में याद रखना… गीत के साथ पुराने वर्ष को दी विदाई…
२. ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाएं सराहनीय… विकास उपाध्याय, विधायक

रायपुर, ३० दिसम्बर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वर्ष २०१८ को विदाई एवं नये वर्ष का स्वागत किया। अटल नगर (नया रायपुर) के सेक्टर-२० में निर्माणाधीन शान्ति शिखर परिसर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि विधायक विकास उपाध्याय थे।
नये वर्ष के स्वागत में बाल कलाकारों ने कव्वाली के साथ-साथ गीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से अटल नगर एक चमकता सितारा नामक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर बोलते हुए विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि आजकल दुनिया में तनाव, दुख और अशान्ति बढ़ती जा रही है। समस्याएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे समय पर ब्रह्माकुमारी संगठन लोगों को मेडिटेशन सिखाकर सुख और शान्ति की अनुभूति कराने का सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे विश्व कल्याण के कार्य में वह भी सहभागी बनना चाहते हैं। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ का वातावरण किसी मन्दिर से कम नहीं है। उसी की तरह पवित्र है। बड़ी बात यह है कि यह संगठन पूरे विश्व में हमारी भारतीय संस्कृति को फैलाने की सेवा कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। इसे जानने के लिए लोग विदेशों से यहाँखींचे चले आते हैं। उनके लायक कोई भी कार्य होगा तो वह जरूर मदद करना चाहेंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की स्थापना के सफलतापूर्वक ८२ वर्ष पूरे होने पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी को बधाई देते हुए नये वर्ष में पुरूषार्थ में भी नवीनता लाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो समय बीत रहा है वह वापस नहीं आ सकता। इसलिए अपने संस्कारों में परिवर्तन लाकर सम्पूर्ण बनने के लिए भरसक पुरूषार्थ करने की जरूरत है। उन्होंने सभा में पहली बार पधारे विधायक विकास उपाध्याय का स्वागत करते हुए शान्ति शिखर में हो रहे निर्माण कार्याें से उन्हें अवगत कराया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४


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Felicitation to Hon’ble CM Bhupesh Baghel Ji

रायपुर (छ. ग.): छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने के बाद माननीय भ्राता भूपेश बघेल जी को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी। साथ में उपस्थित हैं- ब्रह्माकुमारी सविता एवं रश्मि दीदी।   Continue reading

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया संवाद 

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया संवाद
मीडिया मनोरंजन के साथ ही मानवीय मूल्यों को जागृत करने में योगदान दे…
ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी
रायपुर, ४ दिसम्बर: माउण्ट आबू से प्रकाशित ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने कहा कि समाज में मीडिया का बहुत प्रभाव है। मीडिया द्वारा प्रसारित बातों का हमारे मन पर गहरा असर होता है। इसी से व्यक्तित्व का निर्माण होता है और समाज को भी दिशा मिलती है। आज समय की मांग है कि मीडिया ऐसी सामग्री दे जो मानवीय मूल्यों को जागृत करे। तब ही समाज में बदलाव आएगा।
ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी आज विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में बोल रही थीं। चर्चा का विषय था सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका।
उन्होंने आगे कहा कि मीडिया दुव्र्यसनों से होने वाली बुराइयों को उजागर कर लोगों को उससे दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकता है। समाज में उँचे पदों पर बैठे लोग भी निराश और हताश होकर नशे का सहारा लेने लगते हैं। अत: लोगों को व्यसनों से दूर रहने के लिए सचेत करने की आवश्यकता है।
कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी को श्रद्घाजंलि देते हुए कहा कि उन्होंने मूल्यनिष्ठ मीडिया के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने आगे बतलाया कि नैतिक मूल्यों की पुर्नस्थापना से ही समाज में बदलाव आएगा। पत्रकारिता के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी मूल्यों का समावेश होना चाहिए।
माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि मीडिया को वर्तमान सामाजिक जरूरत के अनुरूप अपना एजेण्डा पुन: निर्धारित करने की जरूरत है। यदि लोगों के जीवन में सुख शान्ति नहीं है तो ऐसे विकास का कोई महत्व नहीं है। नैतिक मूल्यों में गिरावट आने से समाज में निराशा और हताशा बढ़ रही है। आज मीडिया में अस्सी प्रतिशत सामग्री राजनीतिक समाचारों पर केन्द्रित होती हैं। शेष बाजार से प्रभावित सामग्री होती है। अब उसे आम आदमी से जुड़ी सामग्री देने के बारे में सोचना चाहिए।
दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने कहा कि मीडिया और समाज एक दूसरे के पूरक हैं। समाज में बदलाव आता है तो मीडिया में भी परिवर्तन आता है। इसीलिए समाज में जो नकारात्मक बातें आ रही हैं उसे ही मीडिया अपने ढंग से दिखाता है। इन सबसे अलग जिन्होंने अपने विचार समाज में लादने की कोशिश की वह आज परिदृश्य से गायब हो गए हैं। इसलिए जैसे जैसे समाज में बदलाव आएगा वैसे वैसे मीडिया में भी परिवर्तन आएगा।
वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में व्यवसायियों के आ जाने से पेन तो पत्रकारों का है लेकिन स्याही मालिक की हो गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति इलेक्ट्रानिक मीडिया की है। वह अपना ज्यादा समय विवादों में चर्चा पर लगाने की बजाए समाज की विसंगतियों को उठाने पर दे तो अच्छा होगा।
आकाशवाणी के समाचार सम्पादक विकल्प शुक्ला ने कहा कि मीडिया को समाज का दर्पण कहा जाता है लेकिन क्या आज मीडिया समाज का सही बिम्ब दिखाने में सक्षम सिद्घ हो रहा है? बाजारवाद और पूंजीवाद के प्रभाव में आकर हम आज समाज से दूर हो गए हैं। समाज को उठाना भी मीडिया की जिम्मेदारी होती है।
आई.बी.सी.२४ न्यूज चैनल के संपादक रविकान्त मित्तल ने कहा कि वर्तमान मीडिया सिर्फ मनोरंजन और ग्लैमर तक सिमट कर रह गया है। इसी कारण उद्देश्य से दूर हो गए हैं। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझकर बैलेन्स बनाकर चलना होगा। फेक न्यूज समाज को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसे हमें पहचानना होगा।
प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया के सदस्य प्रदीप जैन ने कहा कि सामाजिक बदलाव एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान समय संचार क्रान्ति के युग में एक सेकण्ड में देश-विदेश की खबरों को हम जीवन्त देख लेते हैं। तार्किक और सतत् इन बातों का ध्यान रखकर मीडिया सामग्री को तैयार करें तो समाज की प्रगति में योगदान कर सकते हैं। समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को देखते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी अपने तर्कपूर्ण विचारों की सहायता से न्यूज बनाएं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी मीडिया कर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया समाज का महत्वपूर्ण इकाई है। मीडिया की विश्वसनीयता के कारण उसकी बातों को समाज महत्व देता है। इसलिए उसे सामाजिक परिवर्तन के कार्य में मददगार अवश्य बनना चाहिए।
मीडिया संवाद कार्यक्रम में पायोनियर के सम्पादक गंगेश द्विवेदी, बंसल न्यूज के स्टेट हेड जयप्रकाश पाराशर, क्लीपर टाइम्स २८ के सम्पादक श्याम वेताल, इण्डिया न्यूज के सम्पादक संजय शेखर, मुख्यमंत्री के पीआरओ उमेश मिश्रा, अमृत सन्देश के स्थानीय सम्पादक संजीव वर्मा, हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, ग्लीब्स न्यूज पोर्टल की सम्पादिका प्रियंका कौशल, वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, रवि भोई, भाग्योत्कर्ष के सम्पादक आशुतोष मिश्रा, केटीयू में सहायक प्राध्यापक नरेन्द्र त्रिपाठी, मितान एक्सप्रेस के सम्पादक के. वी. टी. श्रीधर राव, नव प्रदेश के सम्पादक यशवन्त धोटे आदि ने भाग लिया।
प्रेषक : मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर

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ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर शान्ति सरोवर में ४ दिसम्बर को मीडिया संवाद कार्यक्रम

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर

शान्ति सरोवर में ४ दिसम्बर को मीडिया संवाद कार्यक्रम

रायपुर, २ दिसम्बर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इन्दौर जोन के क्षेत्रीय निदेशक और मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई जी की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर ४ दिसम्बर को सुबह ११.३० बजे विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। चर्चा का विषय होगा सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका।
कार्यक्रम में माउण्ट आबू से ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी, कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार, प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया के सदस्य प्रदीप जैन, वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी, शिव दुबे, रमेश नैय्यर, राजेश लोहोटी, राजेश जोशी, बालमुकुन्द वर्मा, रविकान्त मित्तल, दीपक लाखोटिया, श्याम वेताल, समीर दीवान, दिवाकर मुक्तिबोध, आसिफ इकबाल, सनत चतुर्वेदी, राजेश दुबे, संजीव वर्मा, दामू आम्बेडारे, शंशांक शर्मा, के. के. शर्मा, प्रियंका कौशल, मधुकर द्विवेदी, प्रफुल्ल पारे, उमेश शुक्ला आदि भाग लेंगे। मूल वक्तव्य माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता वि.वि. के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित का होगा।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने बतलाया कि मीडिया संवाद में भाग लेने के लिए राजधानी के मीडिया कर्मियों को सस्नेह निमंत्रण है। भाग लेने वालों को मीडिया प्रभाग की ओर से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। कार्यक्रम के पश्चात शान्ति सरोवर में भोजन की भी व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश का २५ दिसम्बर, २०१५ को ८० वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इन्दौर जोन के क्षेत्रीय निदेशक होने के साथ ही इस संस्थान के मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। छत्तीसगढ़ से उनको विशेष लगाव था। राजधानी रायपुर में नौ एकड़ भूमि पर निर्मित दर्शनीय स्थल शान्ति सरोवर एवं बस्तर अंचल में संचालित आदिवासी उत्थान परियोजना के भी वह निदेशक थे। उनकी सराहनीय सेवाओं को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र से सम्बद्घ संस्थानों इन्टरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वल्र्ड पीस और कामन वेल्थ एसोसिएशन एण्ड ट्रेनिंग फॉर एडल्ट्स ने उनको इन्टरनेशनल अवार्ड इन मीडिया फॉर स्पीरिचुअलिटी से सम्मानित किया था।

प्रेषक : मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर


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मानसिक तनाव और लापरवाही से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं… – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

 

प्रेस विज्ञप्ति

मानसिक तनाव और लापरवाही से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं…
– ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, १९ नवम्बर, २०१८: ब्रह्माकुमारी संगठन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं वाहन चालक की लापरवाही से होती है। उसे यह समझ ही नहीं होती है कि उसका एक कृत्य कितने लोगों को बेसहारा बना देगा? सजगता के अभाव में दुर्घटनाओं पर काबू पाना सम्भव नहीं है। इसके साथ ही तनाव और तेज गति से वाहन चलाने से भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विश्व शान्ति भवन चौबे कालोनी रायपुर में सड़क दुर्घटना में पीडि़त लोगों की याद में आयोजित विश्व यादगार दिवस के अवसर पर बोल रही थीं। विषय था -आध्यात्मिकता से सुरक्षा। उन्होंने सर्वे भवन्तु सुखिन: का उल्लेख करते हुए कहा कि गाड़ी चलाते समय दूसरों को भी अपने समान मानकर उनकी असुविधा का ध्यान रखें, अधिक गति से और शराब पीकर गाड़ी न चलाएँ तो दुर्घटना में कमी हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि वाहन चालक को कितनी भी शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाए, यदि उसका अपने मन पर नियंत्रण नही होगा तो उसका गाड़ी के स्टियरिंग पर नियन्त्रण होना संभव नहीं है। इसलिए वाहन चालकों को योग की शिक्षा देना बहुत जरूरी है। उन्होने मुम्बई का उदाहरण देते हुए बतलाया कि वहॉं पर शासकीय परिवहन विभाग बेस्ट के ड्राइवर और कण्डक्टर को नियमित रूप से ब्रह्मïाकुमारी संस्थान द्वारा राजयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा इससे उनके आचरण और व्यवहार में जबर्दस्त परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होने तनाव को भी दुर्घटनाओं का एक कारण बतलाते हुए कहा कि योग से तनाव को दूर किया जा सकता है।
यातायात प्रशिक्षक टी. के. भोई ने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं युवाओं द्वारा लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण होती हैं। इसका प्रमुख कारण बच्चों में नैतिक और चारित्रिक शिक्षा का अभाव होना है। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए बतलाया कि उन्हें बचपन से ही घर और परिवार मेें माँ से नैतिकता की शिक्षा और अच्छे संस्कार मिले। जिससे कारण भविष्य में उन्हें आगे बढऩे में बहुत मदद मिली। उन्होंने सभी माताओं से अपील की कि जब बच्चा गाड़ी लेकर घर से निकले तो उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और धीरे वाहन चलाने के लिए प्रेरित अवश्य करें।
उन्होंने बतलाया कि विश्व में प्रतिवर्ष दस लाख लोग दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। अकेले भारत में पिछले वर्ष एक लाख छियालिस हजार पांच सौ तैतीस लोग दुर्घटनाओं में मारे गए। इनमें से अधिकांश लोग युवा थे। इसके अलावा पांच लाख लोग अपंग हो गए। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहायता करने की सलाह देते हुए बतलाया कि शासन के द्वारा वर्ष १९१६ में बनाए गए नए कानून के अनुसार आपको पुलिस अथवा अस्पताल द्वारा कोई पूछताछ या परेशान नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि सुरक्षित यात्रा के लिए मानसिक एकाग्रता बहुत जरूरी है। जो कि मेडिटेशन द्वारा ही संभव है। आध्यात्मिकता से हमें सुरक्षित यात्रा करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि गाडिय़ों की क्षतिपूर्ति तो इन्श्योरेन्स द्वारा हो जाता है लेकिन शारीरिक क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती। नियम और संयम ही यात्रा को सुरक्षित बनाते हैं।
संचालन ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने किया। अन्त में दो मिनट मौन रखकर पीडि़तों को आत्म सम्बल प्रदान करने के लिए मेडिटेशन किया गया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
सम्पर्क: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४



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कला एवं संस्कृति सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम…

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प्रेस विज्ञप्ति
शीर्षक : १. कला एवं संस्कृति सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम…
२. सामाजिक विषमताओं को दूर करने में कला एवं संस्कृति की अहम भूमिका…
रायपुर, १८ नवम्बर: अतिरिक्त पुलिस निदेशक अरूण देव गौतम ने कहा कि कला एवं संस्कृति सामाजिक परिवर्तन का बहुत ही सशक्त माध्यम है। सामाजिक विषमताओं को दूर करने में यह अहम भूमिका निभा सकता है। स्वर्णिम संस्कृति से ही स्वर्णिम संसार बनेगा।
श्री गौतम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा शान्ति सरोवर में आयोजित अखिल भारतीय सांस्कृतिक महासम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विषय था स्वर्णिम संस्कृति से स्वर्णिम संसार।
उन्होंने आगे कहा कि सृष्टि का प्र्रारम्भ ही नाद (ध्वनि) से हुआ है। ओम में पूरी सृष्टि समायी हुई है। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और साहित्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। वास्तव में आपके अन्दर मन के जो भाव है उसको सशक्त ढंग से दूसरों के आगे अभिव्यक्त करना ही कला कहलाता है। कलाकार यदि ठान ले कि समाज की सोच को मुझे बदलना है तो यह सहज ही सम्भव हो सकता है।
मुम्बई की कला एवं संस्कृति प्रभाग की क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी नेहा दीदी ने कहा कि वर्तमान समाज में कलाकारों का बहुत महत्व है। कलाकारों की एक-एक बातों का समाज अनुसरण करता है। कलाकारों में इतनी ताकत है कि वह समाज को दिशा देने का कार्य कर सकता है। उन्होंने सभी से अपनी वाणी में मिठास लाने की सलाह देते हुए कहा कि हमारे बोल मीठे होंगे तो इससे हमें लोगों की दुआएं प्राप्त होंगी। फलस्वरूप हमें शान्ति, सुख और सन्तोष मिलेगा जो कि सामाजिक बदलाव के कार्य में मददगार सिद्घ होगा।
टेलीविजन एवं फिल्म कलाकार मुम्बई की सुश्री अंजलि अरोरा ने कहा कि वह वर्ष २०१३ में उनके परिवार में हुए दुखद दुर्घटना की वजह से वह शान्ति की तलाश में भटक रही थी तब उनके एक मित्र ने ब्रह्माकुमारी संस्थान का परिचय दिया। इस प्रकार वह ब्रह्माकुमारी संस्थान के सम्पर्क में आयीं। यहाँ राजयोग मेडिटेशन से उन्हें बहुत शान्ति मिली। जब वह माउण्ट आबू गईं तो वहाँ के शान्त, मनोरम और पवित्र वातावरण ने उन्हें बहुत अधिक प्रभावित किया। तब से वह इस संगठन से नियमित रूप से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बतलाया कि वह कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं जैसे कि सुल्तान, आलूचाट, गंगा की सौगन्ध, बाल ब्रह्मचारी आदि। इसके अलावा कई सीरियल्स में भी काम किया है जिनमें से मुख्य हैं-क्राईम पेट्रोल, शक्तिमान, कलर चैनल पर प्रसारित ये प्यार न होगा कम, कश्मीर आजकल, बन्धन, नरगिस, हैप्पी होम, डैडी समझा करो और नव्या आदि।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कला एवं संस्कृति प्रभाग के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया और कहा कि इसी तरह साल में एक बार समय निकालकर यहाँ आकर मीटिंग करें। यहाँ के शान्त और पवित्र वातावरण में उन्हें अच्छी-अच्छी प्रेरणाएं मिलेंगी।
इससे पहले कला एवं संस्कृति प्रभाग के माउण्ट आबू समन्वयक ब्रह्माकुमार सतीश भाई, नितिन भाई और दुर्ग के युगरत्न भाई ने सुमधुर गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। संचालन दिल्ली की ब्रह्माकुमारी रचना और रश्मि दीदी ने किया। समारोह में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, मुम्बई, उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भाग लिया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रायपुर


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युवा अपनी असली ताकत को पहचान कर रचनात्मक कार्य करें …. डॉ. मानसिंह परमार

प्रेस विज्ञप्ति
युवा अपनी असली ताकत को पहचान कर रचनात्मक कार्य करें …. डॉ. मानसिंह परमार

रायपुर, ११ नवम्बर : कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि युवा अपनी असली ताकत को पहचानें और स्वयं को सकारात्मक दिशा दें। इस समय युवाओं में हिंसा, अपराध, नशाखोरी, आतंकवाद, मूल्यहीनता आदि आदि दुर्गुण देखने को मिल रहे हैं। सफलता को जल्दी पाने की इच्छा और सही मार्गदर्शन के अभाव में युवक गलत मार्ग पर चल पड़ते हैं। आज यह सोचने का विषय है कि क्या देश की युवाशक्ति सही दिशा में जा रही है?
श्री परमार आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के युवा प्रभाग द्वारा शान्ति सरोवर में आयोजित मेरा भारत स्वर्णिम भारत युवा बसयात्रा के अन्तर्गत गुजरात से चलकर दस राज्यों का भ्रमण करते हुए बयालिस हजार किलोमीटर की यात्रा कर रायपुर आए युवाओं के अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
डॉ. मानसिंह परमार ने आगे कहा कि युवाओं में अदम्य उत्साह, चुनौतियों का सामना करने की क्षमता, सपनों को पूरा करने का हौसला तथा मानसिक और शारीरिक उर्जा होती है। लेकिन यह दु:ख की बात है कि आज के समय में युवाओं में टूटते हुए सपनों से हताशा, असन्तोष और तनाव दिखाई देता है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मार्ग में इन युवाओं ने लोगों को धार्मिक अन्धविश्वासों, कुरीतियों और व्यसनों आदि का त्याग करने के लिए प्रेरित करने का कार्य किया है।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. एल. वर्मा ने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माता होते हैं। उनकी उर्जा को सकारात्मक दिशा दे दी जाए तो वह स्वर्णिम भ् ाारत के निर्माण में मददगार बन सकते हैं। उन्होंने बतलाया कि शिक्षा मतलब सिर्फ लिखना-पढऩा नहीं होता। लेकिन इसमें आदर्श मनुष्य बनने की प्रक्रिया भी शामिल है। हमारी शिक्षा लोगों को कुशल तो बना रही है किन्तु आदर्श युवा बनाने में सक्षम सिद्घ नहीं हो पा रही है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगठन की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान युवाओं के माध्यम से श्रेष्ठ समाज के निर्माण का कार्य कर रही है।
ब्रह्माकुमारी संगठन के क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि सृजनशील युवाओं की सहभागिता से ही देश में नैतिक मूल्यों की पुनस्र्थापना होगी तथा देहजप्रथा, धार्मिक अन्धविश्वास, कुरीतियों और नशाखोरी जैसी बुराइयों का उन्मूलन होगा। छत्तीसगढ़ की धरती का परम सौभाग्य है कि इतने तपस्वी, निव्यर्सनी और सन्देश वाहक युवकों के कदम छत्तीसगढ़ राज्य में पड़े। बसयात्रा छत्तीसगढ़ में पच्चीस दिन तक रहेगी और विभिन्न शहरों में जाकर आध्यात्मिक सन्देश देने का कार्य करेगी। इन पदयात्राओं का उद्देश्य युवाओं में आध्यात्मिक जागृति लाना है। इसलिए यह बसयात्री युवाओं ने सिर्फ सड़कों को ही नहीं नापा अपितु यह रास्ते में अनेक गॉंवों और विद्यालयों में गए। वहाँ के लोगों को जागृत किया।
बस यात्रा की टीम लीडर अहमदाबाद की ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि यह युवक हजारों किलोमीटर की दूरी चलकर आए वह तो महत्वपूर्ण उपलब्धि है ही लेकिन मार्ग में समाज को दिशा देते चले आ रहे हैं जो कि बड़े ही गौरव की बात है। समाज को जोडऩे के लिए आज ऐसे ही प्रयासों की आवश्यकता है। समारोह को हरियाणा के कम्प्यूटर इन्जीनियर ब्रह्माकुमार कमल भाई ने भी सम्बोधित किया। संचालन रायपुर की राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज शान्ति सरोवर,
रायपुर सम्पर्क: ९४२५५०२२५५



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