Azadi ke amrit mahotsav
अभिनन्दन समारोह…शांति शिखर
-विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री श्री साय
-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
शांति शिखर में आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में हुए शामिल
-कैबिनेट मंत्रीगण, नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा के सदस्य भी रहे मौजूद
-मुख्यमंत्री ने मंत्रीमण्डल सहित आबू जाने का निमंत्रण स्वीकार किया
रायपुर, 23 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री शांति शिखर में आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति शिखर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री श्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।
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तनाव से बचने के लिए खुश रहना सीखना होगा… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
सादर प्रकाशनार्थ
तनाव से बचने के लिए खुश रहना सीखना होगा… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर, ५ अगस्त: तनाव से बचने के लिए हमेशा खुश रहना सीखना होगा। जीवन में कितनी भी बड़ी समस्या क्यों न आए मुस्कुराईए तो तनाव खत्म हो जाता है। इसके लिए हमें हर छोटी बड़ी बातों में छिपी हुई खुशी को ढूढंना होगा। वर्तमान समय दुनिया में तनाव और अवसाद बहुत बड़ी समस्या बनकर उभरे हैं।
यह विचार राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने केन्द्रीय आरक्षित पुलिस बल (ष्टक्रक्कस्न) आरंग के जवानों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से सी. आर. पी. एफ. के जवानों के लिए ओडका गांव में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी कमाण्डेण्ट प्रियरंजन गुप्ता, ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, अदिति दीदी और दीक्षा दीदी उपस्थित थीं। इस अवसर पर जवानों को मुख मीठा कराया गया तथा राखी बाँधी गई।
ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने आगे कहा कि बहुत ज्यादा व्यर्थ सोचने से तनाव पैदा होता है। समस्याएं तो आएंगी वह हमारे बस में नहीं है। लेकिन हम अपने मन को राजयोग मेडिटेशन की सहायता से शान्त रखना सीख लें तो तनाव खत्म हो जाएगा। हमें सकारात्मक सोच रखना होगा।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि यह साल अत्यन्त महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ब्रह्माकुमारी संस्थान में भी ११ से १५ अगस्त तक अमृत महोत्सव पर अनेक कार्यक्रम किए जाएंगे। परन्तु विचार करिए कि क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हुए हैं। अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई किन्तु काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और व्यसनों के हम गुलाम हो गए हैं। इनसे छुटकारा प्राप्त करने पर ही सच्चे अर्थों में स्वतन्त्रता मिल सकेगी। हमारे सम्बन्धों में स्वार्थ घुस गया है। मनुष्य -मनुष्य से ही असुरक्षित हो गया है। ऐसे कठिन समय में लोगों को निर्विकारी और पावन बनाने का दिव्य कार्य परमपिता परमात्मा द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्थान के माध्यम से कराया जा रहा है।
सी.आर.पी.एफ. के डिप्टी कमाण्डेन्ट प्रियरंजन गुप्ता ने बतलाया कि अपने विद्यार्थी जीवन से वह ब्रह्माकुमारी संस्थान के सम्पर्क में हैं। समय-समय पर ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रमों में शामिल भी होते रहते हैं। यहाँपर नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की जो शिक्षा दी जाती है वह बहुत ही उपयोगी है तथा उसे अपनाने पर जीवन सुखमय बन जाता है। तनाव भी खत्म हो जाता है। विशेषकर नये जवानों के लिए यह शिक्षा बहुत ही उपयोगी सिद्घ होगी।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने सी.आर.पी.एफ. के जवानों को आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रतिज्ञा कराई कि सभी मनुष्य आत्माओं के लिए शुभ भावना रखकर व्यवहार करूंगा। व्यसनों से दूर रहूंगा। मुख से सदैव मीठे बोल ही बोलूंगा। हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण रखूंगा। दिन की शुरूआत परमात्मा की याद से करूंगा आदि।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी दीक्षा दीदी ने किया।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४
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योग को अपने दैनिक जीवन का अंग बनाना होगा… डॉ. केसरी लाल वर्मा, कुलपति
सादर प्रकाशनार्थ
शान्ति सरोवर में योग महोत्सव का शुभारम्भ
योग को अपने दैनिक जीवन का अंग बनाना होगा… डॉ. केसरी लाल वर्मा, कुलपति
रायपुर, 19 जून, 2022: पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. एल. वर्मा ने कहा कि सिर्फ एक दिन योग दिवस मनाकर इसे भूल मत जाएं बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर दैनिक जीवन का अंग बनाना होगा। इससे ही सशक्त और मानवतावादी समाज बनाने में मदद मिलेगी।
डॉ. वर्मा आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में आयोजित योग महोत्सव का शुभारम्भ करने के बाद अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। चर्चा का विषय था – मानवता के लिए योग।
उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में कई वर्षों से योग सिखलाया जाता रहा है। आज इसे विश्व ने अपनाया है। उनके विश्वविद्यालय में योग पर शोध किया जा रहा है। योग से सकारात्मक उर्जा मिलती है। मन प्रसन्न हो जाता है। तनाव नहीं होता है। हर काम समय पर और सरलता से सम्पन्न हो जाता है। कोविड ने यह बतला दिया है कि स्वस्थ रहने के लिए योग कितना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बह्माकुमारी संस्थान नैतिक गुणों का विकास करने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस संस्थान में आने से उन्हें सकारात्मक उर्जा मिलती है। सरकार भी नई शिक्षा नीति में नैतिक गुणों का विकास करने पर ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य ऐसा व्यक्ति तैयार करना है जो कि ज्ञानवान, कौशलवान और नैतिक गुणों से सम्पन्न हो।
नगर पालिका निगम के अध्यक्ष प्रमोद दुबे ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने योग का बहुत प्रचार किया। अब वही कार्य ब्रह्माकुमारी संगठन पूरे विश्व के 140 देशों में अपने सेवाकेन्द्रों के माध्यम से कर रही है। उन्होंने इस संस्थान में आकर सीखा कि जीवन में ऐसा कार्य करो जिससे कि आत्मिक सन्तुष्टि मिले। जब हमने कलेक्ट्रेट के पास ऑक्सी जोन बनाने का निर्णय लिया तो अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि उसे अधिकारियों के बंगलों को तोड़कर बनाना था।
इसी प्रकार तालाबों में मूर्तियों का विसर्जन रोकना भी बहुत बड़ी चुनौती थी। लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर यह भी सम्भव हो सका। बाद में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी इसे सराहा और सभी जगह इसी तरह अलग से विसर्जन कुण्ड बनाने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम योग पद्घति है। इससे मनुष्य का तन और मन दोनों स्वस्थ और सात्विक बनता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में पूर्ण सफलता नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन अत्यन्त लाभकारी सिद्घ हुआ है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमारी चित्रलेखा दीदी ने कहा कि राजयोग में सभी योग समाहित हैं। यह सभी योगों का राजा है। क्योंकि इसके द्वारा हम कर्मेन्द्रियों के राजा बन जाते हैं। राजयोग के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। इस योग से तन और मन दोनों के रोगों को ठीक किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
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रायपुर सम्पर्क मो.: 94255-02255
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मन की शान्ति के लिए पर्यावरण का साथ जरूरी… प्रेम कुमार, सचिव वन विभाग
सादर प्रकाशनार्थ
नन्हे बाल कलाकारों ने नृत्य नाटिका के माध्यम से दिया पर्यावरण सरंक्षण का सन्देश…
कल्प तरू योजना के अन्तर्गत देश में चालीस लाख पौधे लगाने का लक्ष्य…
मन की शान्ति के लिए पर्यावरण का साथ जरूरी… प्रेम कुमार, सचिव वन विभाग
मानवता को बचाने के लिए पर्यावरण को बचाना होगा… प्रो. बल्देव भाई शर्मा, कुलपति
पर्यावरण को बचाना, हम सबकी जिम्मेदारी… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी, क्षेत्रीय निदेशिका
रायपुर, 05 जून, 2022: वन विभाग के सचिव प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान समय प्रदूषण इतना विकराल रूप ले चुका है कि हरेक को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। पर्यावरण को सरंक्षित और सवंर्धित करने के लिए जहाँपर भी खाली जगह मिले वहाँ पेड़ लगाकर प्रकृति से जुड़ें।
श्री प्रेमकुमार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यकम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि मैं तो वन यानि पर्यावरण से जुड़ा व्यक्ति हूँ, इसलिए जैसे मेडिटेशन में आत्म अनुभूति होती है। वैसे ही मुझे जब मैं वृक्षों को पानी देता हूँ, घायल जानवरों का ईलाज करवाता हूँ, पेड़ों में बने घोसलों में पक्षियों के कलरव को सुनता हँू तो मुझे खुशी मिलती है। रिसर्च से ज्ञात हुआ है कि जो लोग शान्त रहते हैं। पर्यावरण के बीच काम करते हैं जैसे कि वन विभाग के लोग तो उनका जीवन खुशियों से भरा होता है।
उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान के कल्पतरू योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर जीवन में खुशी चाहते हैं तो अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनका संवर्धन करें।
कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि अगर मानवता को बचाना है तो प्रकृति का सरंक्षण करना ही होगा। इसका और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों ने हमारे जीवन को जहरीला बना दिया है। पहले लोग कहते थे कि दिन में एक सेब खाओ और बिमारी दूर भगाओ। लेकिन आज यह सेब भी पेस्टीसाईड्स के कारण जहरीला हो गया है। उन्होंने उपभोगवादी संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक फसल प्राप्त करने के लिए हमने जमीन को जहरीला बना दिया है। जमीन की उर्वराशक्ति कम हो रही है।
उन्होंने बतलाया कि भारत की संस्कृति लोक कल्याणकारी और समृद्घ है। ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनें इसी संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। यह ऋषि परम्परा की बहनें हैं जो समाज को लोक कल्याण का मार्ग दिखा रही हैं। प्रकृति से उतना जितनी आवश्यकता है उतनी ही लें किसी दूसरे का हिस्सा न छिनें।
क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि बेतहासा जनसंख्या वृद्घि के कारण प्रकृति की दशा दयनीय हो गई है। जंगल कटने से गर्मी बढ़ती जा रही है, पर्यावरण प्रदूषित होता जा रहा है। उन्होंने बतलाया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा सारे विश्व में पर्यावरण जागृति के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने हमारी संस्थान को आब्र्जवर स्टेटस प्रदान किया है। उन्होंने बतलाया कि कल्पतरू योजना के अन्तर्गत आने वाले 75 दिनों में हमारी संस्थान का देश में चालीस लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है।
इससे पहले ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि जल, जमीन, जंगल और जानवरों की सुरक्षा से ही पर्यावरण सरंक्षण संभव है। दुनिया के तीस सबसे प्रदूषित शहरों में से बाईस हमारे देश के हैं।
इस अवसर पर छोटे-छोटे बाल कलाकारों ने सुन्दर नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रकृति को बचाने का सन्देश दिया। बाद में वन सचिव प्रेमकुमार और कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने शान्ति सरोवर में वृक्षारोपण कर कल्पतरू योजना का शुभारम्भ किया।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज फोन: 0771- 2253253, 2254254
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