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ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की आठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया परिसंवाद

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ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की आठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया परिसंवाद

सामाजिक बदलाव लाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका… प्रो. बल्देव भाई शर्मा

रायपुर 08 दिसम्बर 2023: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में मीडिया परिसंवाद का आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्रह्माकुमारी संस्थान के मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की आठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित था। विषय था-सामाजिक परिवर्तन के लिए जागरूक मीडिया।धर्म हमें जीने का मार्ग बतलाता है। सही और गलत की समझ देता है किन्तु अध्यात्म हमें उस मार्ग पर चलना सिखलाता है।

लोक जागरण और लोकोपकार करना मीडिया का प्रमुख दायित्व…कुलपति
मीडिया कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि पत्रकार समाज को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लोक जागरण और लोकोपकार करना मीडिया का प्रमुख कार्य है। जो असहाय हैं, जिनका कोई नहीं है ऐसे रोते हुए लोगों के आंसू पोंछना और उनको हिम्मत देना हमारा पहला कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सजगता, निर्भयता, सत्यान्वेषण और मानवीय संवेदना यह चार चीजें नहीं हो तो मीडिया मूल्यनिष्ठ नहीं रह पाएगा। वह पूरी तरह से मूल्यहीन और व्यावसायिक हो जाएगा।

सोशल मीडिया अनसोशल बन चुकी है इससे अनेक फ्रॉड हो रहे हैं…सतीश श्रीवास्तव
नई दुनिया के सम्पादक सतीश श्रीवास्तव ने कहा कि समाज मीडिया से अपेक्षा रखता है कि वह सामाजिक बदलाव के कार्य में अपनी भूमिका निभाए। मीडिया विचारों का श्रोत है। मीडिया को संवाद का माध्यम बतलाते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के आन्दोलन में भी उसने जागरूकता फैलाने में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। हमारे समाज में जाति और वर्ण व्यवस्था लड़ाई के लिए नहीं है वरन् सामाजिक समरसता के लिए है। आजकल सोशल मीडिया अनसोशल बन चुकी है। इससे अनेक फ्रॉड हो रहे हैं।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अपेक्षा प्रिन्ट मीडिया पर लोगों का ज्यादा भरोसा…प्रो. मानसिंह परमार
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मानसिंह परमार ने कहा कि मैं चार साल बाद रायपुर आया हूँ जिससे सुखद अनुभूति हो रही है। सामाजिक परिवर्तन के लिए मीडिया ने बहुत कार्य किया है। आजकल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अपेक्षा प्रिन्ट मीडिया पर लोगों का ज्यादा भरोसा है। संविधान ने पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार दिया है किन्तु आज स्वनियमन की आवश्यकता है तब ही हम सामाजिक परिवर्तन की ओर आगे बढ़ सकेंगे।

समाज में जागरूकता फैलाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…ई.वी. मुरली
अंग्रेजी दैनिक हितवाद के सम्पादक ई.वी. मुरली ने कहा कि वर्तमान समय मीडिया कितना जागरूक है वह बतलाने की जरूरत नहीं है। चाहे सोशल मीडिया हो, प्रिन्ट मीडिया हो या इलेक्ट्रानिक मीडिया हो सबमें सूचनाओं की सुनामी आयी हुयी है। समाज में जागरूकता फैलाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जब सब लोग अध्यात्म से जुड़ेंगे तब ही सामाजिक परिवर्तन के कार्य मेें तेजी आएगी। सही जानकारी सही समय पर प्रसारित करना मीडिया की जवाबदेही है।

ऐसे कार्यक्रम प्रसारित करना होगा जो कि जनता को जागरूक करें…रविकान्त मित्तल
आई.बी.सी. २४ न्यूज चैनल के सम्पादक रविकान्त मित्तल ने कहा कि मीडिया का काम परिवर्तन लाना नहीं है। मीडिया तो सामाजिक कुरीतियों को सामने लाने का एक माध्यम मात्र है। परिवर्तन लाना ब्रह्माकुमारीज जैसे आध्यात्मिक संगठनों का कार्य है। वर्तमान समय हरेक व्यक्ति जिसके पास स्मार्ट फोन है वह पत्रकार है। हम कोशिश करते हैं कि ऐसे कार्यक्रम प्रसारित करें जो कि जनता को जागरूक करें। हम जागरूक कर सकते हैं। परिवर्तन लाने में हम सक्षम नहीं है।

मीडिया दर्शकों को ऐसा कुछ न परोसे जिनसे समाज में विकृति आए…ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी
मीडिया कर्मियों को अपने आशीर्वचनों से लाभान्वित करते हुए क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि मीडिया समाज का सजग प्रहरी है। मीडिया द्वारा एकता, सदभावना और सदाचार को सारे विश्व में फैलाया जा सकता है। निर्भीकता के साथ समाज की बुराइयों को सामने लाना मीडिया का कार्य है। मीडिया दर्शकों को ऐसा कुछ न परोसे जिनसे समाज में विकृति आए।

मीडिया में हमारी सोच को बदलने की ताकत…ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
इस अवसर पर रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि मीडिया ऐसा प्रभावशाली माध्यम से जिसका प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ता है। मीडिया में हम जैसा देखते, सुनते और पढ़ते हैं वैसा ही हम सोचने लगते हैं। मीडिया हमारी सोच को बदलने की ताकत रखता है।

खबरपालिका पर लोगों का सबसे ज्यादा भरोसा… मधुकर द्विवेदी
वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी ने कहा कि ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी मूल्यनिष्ठ मीडिया के जनक थे। उनका सदैव यह प्रयास रहा कि मीडिया मूल्यनिष्ठ बने। जब लोगों को कहीं न्याय नहीं मिलता है तब वह मीडिया के पास आता है। इससे साबित होता है कि आजकल लोगों का खबरपालिका पर सबसे ज्यादा भरोसा है।

 

 

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महिला दिवस

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ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
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जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

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बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

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द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

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नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

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