Connect with us

Brahma Kumaris News

शान्ति सरोवर में योग महोत्सव का शुभारम्भ

Published

on

सादर प्रकाशनार्थ

शान्ति सरोवर में योग महोत्सव का शुभारम्भ

– योग को आत्मसात किए बिना सुखमय जीवन सम्भव नहीं… ज्ञानेश शर्मा, अध्यक्ष योग आयोग
– बच्चों को बचपन से ही योग करने की आदत डालें… ज्ञानेश शर्मा
– योग हमें तनावमुक्त करता है- … डॉ. अरूणा पल्टा, कुलपति
– मन को शक्तिशाली बनाने के लिए राजयोग लाभकारी… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर, 18 जून, 2023: अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में योग महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा और स्थानीय संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने किया। विषय था- मानवता के लिए योग।

समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि योग को आत्मसात किए बिना सुखमय जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप स्वयंक्षयोग करने के साथ ही अपने परिवारजनों को भी योग करने के लिए प्रेरित करें। खासकर बच्चों को बचपन से ही योग करने की आदत डालें।

उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ की जिन्दगी में हम सुख और शान्ति की चाह में भौतिक सुख के साधनों के पीछे भाग रहे हैं। ऐसे प्रयासों से हम साधन तो प्राप्त कर लेते हैं किन्तु तनाव और अवसाद से भी ग्रसित होते जा रहे हैं। इसलिए सजगता जरूरी है। स्वस्थ रहने का सबसे आसान, सरल और सहज रास्ता है योग। वर्तमान समय योग आयोग के द्वारा अलग-अलग चालीस जगहों पर नियमित रूप से योगाभ्यास कराने का कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी बतलाया कि योग आयोग के समस्त आयोजनों में ब्रह्माकुमारी संस्थान की भागीदारी जरूर होती है। उनका आयोग इस संस्थान के साथ मिलकर काम कर रहा है।
उन्होंने आगे बतलाया कि नवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इक्कीस जून को ग्राम जोरा में इक्कीस हजार लोगों की उपस्थिति में योग दिवस मनाने का लक्ष्य रखा गया है।

विशिष्ट अतिथि हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा ने कहा कि एक बच्चा जो कि तनावमुक्त रहता है। पूरे दिन में अनेक बार हंसता है किन्तु आजकल बड़े लोगों के जीवन से हंसी गायब हो गई है। योग किसी भी प्रकार का हो उसे दिनचर्या में जरूर शामिल करें। वह स्वयं पिछले उन्तीस वर्षों से लाफ्टर योगा कर रही हैं और यह महसूस करती हैं कि उनके पूरे दिन का सबसे अच्छा समय वही होता है जबकि वह योग करती हैं। आजकल बड़े-बड़े कार्पोरेट्स घराने भी अपने कर्मचारियों को योग सिखलाने लगे हैं क्योंकि योग से कर्म में कुशलता आती है। योग हमें अनुशासित बनाता है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्थानीय संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम योग पद्घति है। इससे मनुष्य का तन और मन दोनों स्वस्थ और सात्विक बनता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में पूर्ण सफलता नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन अत्यन्त लाभकारी सिद्घ हुआ है। राजयोग में सभी योग समाहित हैं। सिर्फ एक दिन योग दिवस मनाकर इसे भूल मत जाएं बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर दैनिक जीवन का अंग बनाना होगा। इससे ही सशक्त और मानवतावादी समाज बनाने में मदद मिलेगी।

इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी दीक्षा दीदी ने योग को अन्तर्जगत की यात्रा बतलाते हुए कहा कि आत्मा का सम्बन्ध परमात्मा के साथ जोडऩा ही योग है। योग से मन की नकारात्मक विचारों का निषेध होता है। मन के विचारों का प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है। इसीलिए कहा जाता है कि मन दुरूस्त तो सब दुरूस्त।

कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी वनिषा दीदी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्र्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय,
रायपुर सम्पर्क मो.: 94252-02355, 94074-94674


for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

Brahma Kumaris News

Published

on

By

– मन से पुरानी बातों और स्वभाव-संस्कारों की विदाई के संकल्प के साथ मनाया नया वर्ष…
– नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर में हुआ आयोजन…
– नये वर्ष में परमात्मा को देंगे अच्छाइयों का गिफ्ट… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी…
– परमात्मा को मेरा उपहार प्रोजेक्ट का शुभारम्भ किया गया…
नवा रायपुर (अटल नगर): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित नये भवन एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड-शान्ति शिखर में मन से पुरानी बातें, स्वभाव और संस्कार की विदाई के संकल्प के साथ नया वर्ष मनाया गया। साथ ही नये वर्ष में परमात्मा को मेरा उपहार (My Gift to GOD) नामक अनोखे  प्रोजेक्ट का शुभारम्भ भी किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए संस्थान की रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नये साल में सबमें विशेषताएं और अच्छाईयाँ देखने का संस्कार बना लें तो हम विशेष आत्मा बन ही जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ न कुछ कमियाँतो हरेक व्यक्ति में होती है लेकिन हमें उनके गुणों और विशेषताओं पर ही ध्यान केन्द्रित कर उनकी अच्छाईयों अपने जीवन में धारण करना होगा। इस प्रकार हम अनेक गुणों से सम्पन्न और विशेष आत्मा बन जाएंगे। पुरानी बातों को पुराने वर्ष के साथ विदाई देकर अब नये वर्ष में नवीनता करनी है।
उन्होंने सभी को क्षेत्रीय मुख्यालय से प्राप्त साप्ताहिक चार्ट भरने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रोज रात को सोने से पहले ईमानदारी से अपनी चेकिंग अवश्य करें जिससे कि पूरे दिन हमें अपने कर्मों पर अटेन्शन बना रहे। निगेटिव और व्यर्थ विचारों से दूर रहें क्योंकि इनसे आत्मा की शक्ति कम होती है। हमेशा सबके लिए शुभ सोचें। सबके लिए कल्याण की कामना करें तो आपका भी कल्याण स्वत: होता रहेगा। सभी का चार्ट महाशिवरात्रि के अवसर पर माउण्ट आबू में परमात्मा शिवबाबा को अर्पित किया जाएगा।
अन्त में विश्व कल्याण की कामना के साथ सभी साधकों ने मेडिटेशन किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया। इस दौरान रायपुर की गायिका कु. शारदा नाथ ने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत कर सबको उमंग-उत्साह से भर दिया।
Continue Reading

Brahma Kumaris News

बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

Published

on

By

शांति शिखर में तीन दिवसीय आध्यात्मिक शिविर का समापन: बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

  • स्वयं को पहचानें और परमात्मा से जुड़ें, तभी जीवन में सुख-शांति आएगी: बी.के. श्रेया

  • तीन दिनों तक सुबह और शाम के सत्रों में सैकड़ों लोगों ने लिया राजयोग का लाभ…

  • अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग’ के माध्यम से मानसिक रोगों और तनाव से मुक्ति का मार्ग बताया…

रायपुर, 23 दिसम्बर, 2025: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ‘शांति शिखर’ केंद्र में तीन दिवसीय विशेष आध्यात्मिक शिविर का भव्य समापन हुआ। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी श्रेया

दीदी ने शिविर के दौरान शहरवासियों को तनावमुक्त जीवन जीने और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के गुर सिखाए। यह शिविर प्रतिदिन दो सत्रों में (सुबह 7:00 से 8:30 और शाम 7:00 से 8:30 बजे) आयोजित किया गया था।

तीन दिनों का सफर: स्वयं की खोज से आध्यात्मिक उपचार तक शिविर के पहले दिन का विषय ‘री-कनेक्ट विद योर इनरसेल्फ’ (Reconnect with your Innerself) रहा। दीदी ने बताया कि आज मनुष्य बाहर की दुनिया से तो जुड़ा है, लेकिन स्वयं से दूर हो गया है। जब तक हम अपनी आंतरिक शक्ति को नहीं पहचानेंगे, हम खुश नहीं रह सकते।

दूसरे दिन ‘रीचार्ज द सोल’ (Recharge the Soul) विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोबाइल को चार्ज करने की आवश्यकता होती है, वैसे ही आत्मा को भी राजयोग के माध्यम से परमात्मा से जुड़कर रिचार्ज करना पड़ता है। एकाग्रता और सकारात्मक चिंतन ही आत्मा की बैटरी को चार्ज करने का तरीका है।

शिविर के तीसरे और अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग थ्रू मेडिटेशन’ (Spiritual Healing through Meditation) पर विशेष सत्र हुआ। दीदी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश बीमारियाँ मनोदैहिक (Psychosomatic) हैं, जिनका मूल कारण मन में छिपी चिंता और नकारात्मकता है। मेडिटेशन के माध्यम से हम स्वयं को हील (स्वस्थ) कर सकते हैं और पुराने मानसिक घावों को भर सकते हैं।

राजयोग मेडिटेशन का कराया दिव्य अनुभव:

सत्र की मुख्य विशेषता दीदी द्वारा कराई गई गहन राजयोग कमेन्ट्री रही। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से उपस्थित जनसमूह को शरीर से अलग ‘स्व स्वरूप’ (आत्मा) का अनुभव कराया। परमात्मा के साथ जुड़कर दिव्य किरणों के माध्यम से मन की सफाई और हीलिंग का अभ्यास कराया गया। शिविरार्थियों ने अनुभव किया कि कैसे मेडिटेशन के माध्यम से मन का भारीपन दूर हो गया और शांति का संचार हुआ।

भविष्य के लिए लिया संकल्प:

दीदी ने सभी को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट राजयोग का अभ्यास करने का ‘चैलेंज’ दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिस्थितियाँ कभी भी हमारे हाथ में नहीं होतीं, लेकिन हमारा ‘रिस्पॉन्स’ हमारे हाथ में है। अंत में, शिविर में आए लोगों ने अपने बुरे संस्कारों को छोड़ने और श्रेष्ठ कर्म करने का संकल्प लिया। शांति शिखर के इस आध्यात्मिक उत्सव से लोग नई ऊर्जा और उमंग लेकर विदा हुए।

Continue Reading

Brahma Kumaris News

Soft Skills for Administators : बी.के. श्रेया दीदी

Published

on

By

CG Prashashan Academy

– प्रशासनिक अधिकारियों को मिला आंतरिक सशक्तिकरण का मंत्र…
– छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में हुआ आयोजन…
– बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया…
– बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक स्थिति में छिपा है…ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी, मुम्बई
नवा रायपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय मुम्बई की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी ने कहा कि अपने हर विचार के लिए हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं। मन की शान्ति के लिए जरूरी है कि हम सही सोचें। डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर की हर बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक अवस्था में छिपा हुआ है। इसलिए किसी बात को मन में दबाकर न रखें। उसे किसी के आगे बतलाकर हल्के हो जाएं।
वह ब्रह्माकुमारीज के प्रशासनिक सेवा प्रभाग द्वारा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में शासकीय अधिकारियों के लिए आयोजित वर्कशाप में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था- प्रशासनिक अधिकारियों में आवश्यक व्यक्तिगत कौशल (Soft Skills for Administators)।
ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी ने आगे कहा कि जैसा हमारा चिंतन होगा, वैसा ही हमारा चरित्र और जीवन बनेगा। सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की असली कुंजी है। वर्तमान समय में बाहरी चुनौतियों से अधिक आंतरिक स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम अपने मन को नियंत्रित कर लेते हैं, तो बाहरी परिस्थितियाँ स्वत: ही हमारे अनुकूल होने लगती हैं।
उन्होंने बतलाया कि हमारा मन कमजोर होगा तो छोटी-छोटी समस्याएं भी पहाड़ जैसी महसूस होगी। अपनी कार्यक्षमता और निर्णय शक्ति को बढ़ाने के लिए मेडिटेशन द्वारा आत्मबल को बढ़ाने और उसे मजबूत करने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर बढ़ता दबाव और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना तभी संभव है जब हम प्रतिदिन स्वयं के लिए समय निकालकर मेडिटेशन करेंगे। यदि शासन-प्रशासन में बैठे लोग मानसिक रूप से शांत और प्रसन्न रहेंगे, तो उनकी कार्यक्षमता में न केवल वृद्धि होगी बल्कि समाज को भी एक बेहतर नेतृत्व मिलेगा।
श्रेया दीदी ने विचारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा मन एक उपजाऊ भूमि की तरह है। इसमें हम जैसे विचार बोएंगे, वैसी ही फसल काटेंगे। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी अंतरात्मा की आवाज को पहचानना होगा। यदि हम शान्तचित्त होकर कार्य करेंगे, तो कठिन से कठिन समस्या का समाधान सहजता से मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने वाली चुनौतियों को बाधा मानने के बजाय उन्हें अपनी क्षमता निखारने का अवसर मानना चाहिए। सहनशीलता कमजोरी नहीं, बल्कि एक महान शक्ति है। अच्छा प्रशासक बनने के लिए शान्त रहना जरूरी है। हमने तनाव को नैचुरल समझ लिया है जो कि हमें बीमार कर रहा है। सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करें तो प्रशासन ठीक से चलेगा। सबको सम्मान दें तो आपको भी सम्मान मिलेगा। गुस्से का संस्कार न बनाएं। अपनी उर्जा को व्यर्थ न गवाएं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी को जीवन में स्वच्छता, सादगी और सत्यता को अपनाने का संकल्प दिलाया।
प्रारम्भ में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने गुलदस्ता भेंटकर ब्रह्माकुमारी श्रेया दीदी का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम.के. राउत और अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading

News