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शान्ति सरोवर में न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने फहराया तिरंगा

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सादर प्रकाशनार्थ

 

*शान्ति सरोवर में न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने फहराया तिरंगा*

 

*-भारत माता की झांकी के साथ निकाली तिरंगा यात्रा।*

-पूरे सभागार को तीन रंगों से सजाया गया था।

*-सच्ची आजादी पाने अपने भीतर की बुराइयों को निकालना होगा।*

रायपुर, 15 अगस्तः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान में शान्ति सरोवर रिट्रीट सेंटर में हर्षोल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छ.ग. उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया, समाज सेवी अरूण अग्रवाल और क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने तिरंगा फहराया।

 

न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने स्वतंत्रता आन्दोलन में बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सच्ची आजादी पाने के लिए हमें अपने भीतर की बुराइयों को दूर करना होगा। ऐसा लगता है कि असली आजादी अभी बाकी है। वह तभी मिलेगी जब हम प्रेम और शान्ति से रहना सीखेंगे। घर-घर तिरंगा अभियान से राष्ट्रीयता की भावना सारे देश में फैली है।

 

ब्रह्माकुमारी संस्थान में ओमशांति शब्द का उच्चारण बहुत अच्छा पाजिटिव एनर्जी पैदा करता है। ओम शब्द में सभी धर्मों के ईष्ट का भाव समाहित है। इसे किसी एक धर्म के साथ जोड़ना ठीक नही है।

 

उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान में अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि भारत को शान्तिमय और समृद्ध बनाने के लिए ऐसे ही अनुशासन की जरूरत है। लोगों का जीवन नशामुक्त हो जाए, जीवन में सादगी और सरलता हो और हम एक दूसरे के पूरक बनें टांग खीचने वाले नही तभी देश तरक्की करेगा।

 

क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि बहुत संघर्षों के बाद हमें आजादी मिली थी इसलिए इसके महत्व को समझना होगा। ताकि आजादी के लिए संघर्ष करने वाले नवजवानों का बलिदान व्यर्थ न जाए। अब हमें सारे विश्व में भाई- चारा की भावना को बढ़ाना है। हरेक व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार करना है। काम, क्रोध आदि विकारों से मुक्त होने का पुरूषार्थ करना है।

 

राजयोग शिक्षिका अदिति दीदी ने कहा कि 15 अगस्त को देश अंग्रेजों की गुलामी से तो मुक्त हो गया लेकिन क्या हम विकारों और व्यसनों की गुलामी से मुक्त हो पाए है? सच्चे अर्थों में स्वतंत्र तभी कहलाएंगे जब इन बुराइयों से भी मुक्त होंगे।

 

इस अवसर पर बाल कलाकारों द्वारा सुन्दर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

 

प्रेषकः

मीडिया प्रभाग,

प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़, रायपुर

फोनः 0771-2253 253, 2254 254

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महिला दिवस

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ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।
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जन्मदिन की शुभकामनाये… मुख्यमंत्री

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बी.के सविता दीदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाये दी .

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द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी,नवा रायपुर

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नवा रायपुर में द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी का शुभारंभ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया।

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