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सहीं चिन्तन और सहीं दिशा में किए गए समर्थ प्रयास से सफलता मिलती है…
सादर प्रकाशनार्थ
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट्यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज –
1. सहीं चिन्तन और सहीं दिशा में किए गए समर्थ प्रयास से सफलता मिलती है…
2. सफल होने के लिए जीवन में सहनशीलता नम्रता आदि गुणों को धारण करें…
3. धन वैभव और सम्पत्ति अर्जित करना ही सफलता नही…
– ब्रह्माकुमारी वनिशा दीदी
रायपुर, 22 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी वनिशा दीदी ने कहा कि जीवन में धन वैभव और सम्पत्ति अर्जित कर लेना ही सफलता की निशानी नहीं है। वरन् सफल होने के लिए जीवन में सहनशीलता नम्रता मधुरता और हर्षितमुखता आदि दैवी गुणों का होना जरूरी है। सहीं ज्ञान सहीं चिन्तन और सहीं दिशा में किया गया हमारा समर्थ प्रयास हमें सफलता दिलाकर उँचाइयों तक ले जाता है।
ब्रह्माकुमारी वनिशा दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू-ट्यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन वेबसीरिज एक नई सोच की ओर में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था: सफलता के सूत्र। इस वेबसीरिज का प्रसारण शान्ति सरोवर रायपुर के चैनल पर किया जाता है।
ब्रह्माकुमारी वनिशा दीदी ने आगे कहा कि सफलता एक ऐसा शब्द है जो सभी को प्रिय लगता है। जीवन में सफलता सभी चाहते हैं। लेकिन अधिक से अधिक पद प्रतिष्ठा और धन अर्जित कर लेना ही सफलता नहीं है? जीवन में सफलता प्राप्त कर लेना और सफल जीवन जीना दो अलग बातें हैं। कोई व्यक्ति जीवन में अपनी कामनाओं को पूर्ण करके सन्तुष्ट हो जाता है तो क्या वह सफल कहलाएगा?
उन्होंने कहा कि जीवन में हम छोटी छोटी इच्छाओं को पूरी करके खुश हो जाते हैं। लेकिन यह सफलता हासिल करना नहीं है। महान दार्शनिक अर्ल नाइटेंगल ने कहा है कि मूल्यवान लक्ष्य लेकर हम निरन्तर प्रगति करें यही सफलता है। कठिन परिस्थितियाँ हमारे सामने चुनौति बनकर आएंगी परन्तु लक्ष्य लेकर आगे बढ़ते हैं तो जीवन में सफल होते जाते हैं। जीवन को कठिन गणित नहीं बनाना है अपितु उसे सुन्दर रंगों से भरकर दिव्य संगीत से सुसज्जित करना है। जिससे कि दूसरों के जीवन में भी दिव्य भाव उत्पन्न हो सके।
ब्रह्माकुमारी वनिशा दीदी ने कहा कि सफलता यानि सुफलता को प्राप्त करना। सुफलता अर्थात जीवन में ऐसे प्रयास करना जिससे कि स्वयं के और समाज के अन्दर सुख शान्ति और समृद्घि आए। सभी आत्मिक सन्तुष्टता और प्रसन्नता से भरपूर हो जाएं। कई लोग यह सोचते हैं कि यह हमारे भाग्य में था लेकिन भाग्य का योगदान नाममात्र होता है। सही ज्ञान सही चिन्तन और सही दिशा में किया गया हमारा समर्थ प्रयास ही हमें सफलता दिलाकर उँचाइयों तक ले जाता है। दृढ़ता से सफलता प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि अगर हम छोटी छोटी बातों में जीना सीख लें तो सफलता प्राप्त कर सकते हैं। हमें जीने का तरीका आ जाएगा। कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। बस करने का भाव श्रेष्ठ होना चाहिए। जब हम स्वयं को श्रेष्ठ समझकर दूसरों को निम्न समझने लगते हैं तब हम जीवन की उँचाइयों पर चढ़ नहीं सकते। अभिमान आने से दूसरों को सम्मान नहीं दे सकते। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सहनशीलता नम्रता हर्षितमुखता आदि गुणों का होना जरूरी है। तभी हम सफल कहलाएंगे।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254
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सबका भला हो, सब सुख पाएं
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