Uncategorized
भविष्य में सड़क पर जगह की कमी ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है… – टी. के. भोई, यातायात प्रशिक्षक
भविष्य में सड़क पर जगह की कमी ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है…
– टी. के. भोई, यातायात प्रशिक्षक
रायपुर, ०७ मई :यातायात प्रशिक्षक टी. के. भोई ने दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण मन की अशान्ति को बतलाते हुए कहा कि आने वाले दिनों में सड़कों में जगह की कमी ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है। क्योंकि सड़कों का विकास उस अनुपात में नहीं हो रहा है जिस अनुपात में गाडिय़ों की संख्या बढ़ रही है। दुर्घटनाओं के कारण अकेले छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में चार हजार से अधिक लोग में मारे गए। पूरे देश में यह संख्या एक लाख तीस हजार है। इस प्रकार प्राकृतिक आपदाओं से भी ज्यादा लोग प्रतिदिन दुर्घटनाओं में मारे जा रहे हैं।
उन्होंने बतलाया कि लोगों की मृत्यु का पांचवा सबसे बड़ा कारण सड़क दुर्घटना है। मरने वालों में अस्सी प्रतिशत संख्या युवाओं की होती है। इन दुर्घटनाओं से देश को प्रतिवर्ष लगभग अस्सी हजार करोड़ रूपयों का नुकसान होता है जो कि सकल विकास दर (जीडीपी) के दो प्रतिशत के बराबर है। उन्होंने कहा कि रायपुर में हर महिने हजारों की संख्या में नई गाडिय़ाँ पंजीकृत होती हैं। किन्तु सड़कों की संख्या ज्यों की त्यों बनी हुई हैै। अगर यही हाल रहा तो कुछ दिनों में सड़कों पर चलने के लिए जगह नहीं बचेगी।
उन्होंने बतलाया कि ज्यादातर दुर्घटनाएं चालक की लापरवाही से होती है। यदि चालक अच्छा हो और वह यातायात नियमों का पालन करता हो तो दुर्घटनाओं की सम्भावना कम हो जाती है। दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमें यातायात संकेतों का ज्ञान होना जरूरी है। उन्होंने विस्तार से बच्चों को ÓÓप्रोजेक्टरÓÓ के माध्यम से यातायात संकेतों का परिचय दिया तथा उनका पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने बतलाया कि यह संकेत संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों में एक समान होते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पार करने के लिए जेब्रा कासिंग का ही उपयोग करना चाहिए। आधी सड़क दाँयी ओर देखते हुए और शेष आधी सड़क बाँयी ओर देखते हुए पार करना चाहिए।
उन्होंने बतलाया कि छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार सोलह साल से कम उम्र के लोगों को लाइसेन्स नहीं मिल सकता है। किन्तु वह बिना गियर वाली गाड़ी चला सकते हैं। गियर वाली गाड़ी चलाने के लिए अठारह साल से अधिक का उम्र होना जरूरी है। उन्होंने बतलाया कि अगर आपके पास लाइसेन्स अंगे्रजी में प्रिंटेड है तो आप इण्डिया के लाइसेन्स पर ही दुनिया के कई देशों में निर्र्धारित अवधि तक वाहन चला सकते हैं।
इन्टरनेट का उपयोग जानकारी प्राप्त लेने के लिए करें लेकिन एडिक्ट न बनें…
इसके बाद अन्य सत्र में ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने इन्टरनेट बनाम इनरनेट विषय पर बोलते हुए बच्चों को बहुत ज्यादा इन्टरनेट का उपयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संचारक्रान्ति के युग में जानकारी प्राप्त करने के लिए इन्टरनेट सबसे अच्छा माध्यम है। किन्तु उसमें सारी दुनिया का कचरा भी भरा हुआ है। जो कि हमारे मस्तिष्क को कचरा पेटी बना देंगे। फिर ऐसी गन्दगी के बीच ज्ञान की देवी सरस्वती नहीें बैठ सकेगी। हमारा दिमाग खाली रह जाएगा। अच्छा होगा कि रोजाना थोड़ा सा समय निकालकर अपने अन्तर्मन की सैर करें। मेडिटेशन करने से तो शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहेंगे।
प्रेषक : मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४
—
for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo




