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Brahma Kumaris News

महिला दिवस

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ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला दिवस मनाया गया-
– बच्चों को माताएं बाल्यकाल से सही राह दिखाएं… श्रीमती कौशल्या देवी साय
– मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा…श्रीमती डॉ. वर्णिका शर्मा
– ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है… श्रीमती ज्योति गौतम
– भौतिकता में ही न खो जाएं आध्यात्मिकता को भी जीवन में अपनाएं … श्रीमती श्वेता सिन्हा
– नारी अब अबला नही रही सबला बन गई है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है… शताब्दि पाण्डे
– महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका… ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी
रायपुर: अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में महिला जागृति आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम, पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, बीजेपी प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे और बीके रश्मि दीदी ने दीप प्रज्वलित करके किया। विषय था- वन्दे मातरम् से स्वर्णिम भारत।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि बच्चे का पहला गुरू माता -पिता होते हैं। इसलिए यदि आपने बच्चे को बचपन से ही सही राह दिखा दी तो बहुत बड़ा काम कर लिया। बाहर बहुत शोर है। वह कानों को सुन्न कर रहा है। हम भौतिकता में लिप्त हो रहे हैं। अब इससे दूर रहकर साधना की जरूरत है। कल क्या होगा नहीं मालूम इसलिए वर्तमान को जीना सीखें। अच्छे विचारों को फैलाइए और मानव जीवन को सफल बनाइए। मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो उस मार्ग पर चलना जरूर है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी कठिन नहीं है सहज है। कठिन हम बना लेते हैं। राजयोग को जीवन में अपनाएं औरों को भी प्रेरणा दें। हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है ताकि वह ससुराल में जाकर अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने घोषणा की कि वह जुलाई माह में ब्रह्माकुमारी आश्रम देखने माउण्ट आबू जाएंगी।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यदि मातृशक्ति को आगे बढ़ाना है तो उन्हें शिक्षित करना होगा। मन विजय से रण विजय होगा। शिक्षा हमें डिग्री देती है। पैसा दिलाती है। अर्थपूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है। लेकिन यह अपराविद्या है। लेकिन आज हम बात करेंगे पराविद्या की। यह आत्मावलोकन कराती है। इसके लिए आत्मा और परमात्मा का ज्ञान जरूरी है। योग विद्या से आत्मबोध होगा।
रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि नारी अब अबला नही  रही वह सबला बन गई है। ब्रह्माकुमारी संस्थान पूरे विश्व में एकमात्र ऐसी संस्था है जिसका पूरा संचालन मातृ शक्ति  द्वारा किया जाता है। परमपिता परमात्मा ने ज्ञान का कलश माता-बहनों के सिर पर रखा है। बाहरी चकाचौध में न खो जाएं अपने अन्दर भी झाँक कर देखें। थोड़ा समय निकालकर राजयोग का अभ्यास करें। यह मन को शक्तिशाली और बुद्घि को दिव्य बनाने का अच्छा माध्यम है।
पुलिस महानिदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति गौतम ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में आने से शान्ति मिलती है। उन्होंने अपना निजी अनुभव बतलाते हुए कहा कि जब उन्होंने राजयोग सीखा तो सबसे पहले उनके मन से भय और चिन्ता दूर हो गई। उन्होंने सभा में उपस्थित महिलाओं से आध्यात्मिकता को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने जीवन में परिवर्तन लाकर ही हम स्वर्णिम भारत बनाने के कार्य में मददगार बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने कहा कि सनातन धर्म में पुरूष और नारी को समान दर्जा प्राप्त है। घर परिवार में बच्चे को शिक्षित करने का कार्य माताएं करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए शिक्षा का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। भौतिकता में ही न खो जाएं। आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाएं। कोविड ने हमें दिखा दिया कि कष्ट के समय पैसा आदि कुछ भी काम नहीं आता है। ऐसे समय पर मेडिटेशन और साधना ने लोगों को नया रास्ता दिखलाया है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता श्रीमती शताब्दि पाण्डे ने कहा कि नारी व्यक्ति नहीं शक्ति है। वह बचपन में खेलकूद, पहाड़ पर चढऩे आदि कार्यों में अत्यन्त कुशल थी लेकिन वह बहुत उग्र स्वभाव की थी। जब उन्होंने राजयोग सीखकर उसका अभ्यास करना शुरू किया तो उनका स्वभाव ही बदल गया। अब वह सबके प्रति अपनेपन का भाव रखती है। राजयोग से हमारे अन्दर की शक्तियाँ जागृत हो जाती है।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि महान चरित्रों को गढऩे में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है।
इस अवसर पर नगर के बाल कालाकारों ने नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदीति दीदी ने किया।

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शुभारम्भ समारोह…SEA WING

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वैज्ञानिक, अभियन्ता एवं आर्किटेक्ट प्रभाग का आयोजन…
– पर्यावरण सरंक्षण-आपदा प्रबन्धन अभियान का शुभारम्भ समारोह…
– छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया उद्घाटन…
– शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में आयोजित समारोह में देश भर से आए लोगों ने हिस्सा लिया…
– पर्यावरण सरंक्षण के कार्य में समाज के अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे की जरूरत…

रायपुर, 26 जुलाई 2026 : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोगा एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन के वैज्ञानिक, अभियन्ता एवं आर्किटेक्ट प्रभाग (SEA Wing) द्वारा आयोजित रायपुर से जबलपुर पर्यावरण सरंक्षण-आपदा प्रबन्धन राष्ट्रीय अभियान का शुभारम्भ  राज्यपाल रमेन डेका ने किया। विषय था -प्रकृति का ख्याल रखें और आपदा के लिए तैयार रहें।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पर्यावरण सरंक्षण के इस अभियान में समाज के अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे की जरूरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस अभियान से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागृति आएगी तथा वह आने वाली आपदा के प्रति सचेत हो सकेंगे। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि से शुरू होकर मध्यप्रदेश तक जाने वाला यह जन जागरूकता अभियान दोनों राज्यों के नागरिको में पर्यावरण के प्रति नई चेतना का संचार करने में सफल होगा।

उन्होंने कहा कि आज का हमारा सन्देश कि प्रकृति का ख्याल रखें और आपदा के लिए तैयार रहें केवल एक नारा नहीं है बल्कि यह हमारे अस्तित्व को बचाने का महामंत्र है। वर्तमान समय पेड़ लगाना और जल सरंक्षण करना बहुत जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की चर्चा करते हुए कहा कि यहाँ हमें जल की समस्या के बारे में आज सोचने की जरूरत है अन्यथा पच्चीस साल बाद जो जल की विपदा पैदा होने वाली है, उसे सम्भाल पाना मुश्किल होगा। अगर जल नहीं है तो कुछ नहीं है। उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए बतलाया कि पचास साल पहले कहीं जाते थे तो प्यास लगने पर कहीं का भी पानी पी सकते थे। उन दिनों कोई प्रदूषण के बारे में जानता तक नहीं था।

उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि संकल्प करें कि पानी की एक-एक बूंद बचाएंगे। सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करेंगे। वृक्षारोपण को जन आन्दोलन बनाते हुए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं। आपकी यह छोटी सी पहल आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य का निर्माण करेगी।

माउण्ट आबू से आए वैज्ञानिक, अभियन्ता सेवा प्रभाग के अध्यक्ष इन्जीनियर मोहन सिंघल ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि हमारे देश में पर्यावरण के महत्व को समझते हुए सरकार ने 1990 के दशक को पर्यावरण जागृति दशक घोषित किया था। तब से ही ब्रह्माकुमारी संस्थान इस दिशा में सक्रिय है। पूरे देश में वैज्ञानिक, अभियन्ता सेवा प्रभाग द्वारा पर्यावरण सरंक्षण एवं आपदा प्रबन्धन के लिए छ: राष्ट्रीय अभियान निकाले जाएंगे। उन्हीं में से यह एक अभियान है।

प्रारम्भ में क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने स्वागत भाषण दिया। रायपुर संचालिका बीके सविता दीदी ने माननीय राज्यपाल महोदय का अभिनन्दन किया। वैज्ञानिक, अभियन्ता सेवा प्रभाग की उपाध्यक्ष ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन पानीपत से आए इन्जीनियर ब्रह्माकुमार भारत भूषण भाई ने किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमार पियूश भाई, कुशाभाऊ  ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल, एम्स के डायरेक्टर लेफ्टिनेन्ट जनरल अशोक जिन्दल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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ट्रान्सपोर्ट एण्ड ट्रेवल्स विंग

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शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर रायपुर में ट्रान्सपोर्ट एण्ड ट्रेवल्स विंग की ओर से दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित…

रायपुर (छत्तीसगढ़) 27 जून, 2026: ट्रान्सपोर्ट एण्ड ट्रेवल्स विंग द्वारा यातायात कर्मियों की सेवा करने के लिए नेशनल प्रोजेक्ट यात्री कृपया ध्यान दे-का दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर रायपुर में किया गया है। प्रशिक्षण देने के लिए मुम्बई से यातायात प्रभाग की नेशनल कोआर्डीनेटर ब्रह्माकुमारी कविता दीदी और सुवास भाई रायपुर आए हुए हैं।

आज पहले सत्र में यातायात प्रभाग के ब्रह्माकुमार सुवास भाई ने आदर्श यात्री प्रदर्शनी की व्याख्या करते हुए कर्म एटीएम पर प्रकाश डाला। शाम के सत्र में ब्रह्माकुमारी कविता दीदी सुहाना सफ़र विषय पर प्रशिक्षण देंगी।

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चौथी बटालियन सीएएफ कैंप माना

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– अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चौथी बटालियन सीएएफ कैंप माना रायपुर में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा विशेष योग एवं राजयोग सत्र आयोजित
– गीता युद्घशास्त्र नहीं योगशास्त्र है…ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी

रायपुर, 22 जून 2026: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चौथी बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ कैंप माना) रायपुर में एक विशेष योग एवं राजयोग मेडिटेशन सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस सशस्त्र बल के 110 जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में एडिशनल एसपी श्रीमती रमा पटेल, एडिशनल डीएसपी श्रीमती प्रतिभा चंद्राकर, कमांडर श्री सत्य भूषण सिंह  ब्रह्माकुमारी जागृति दीदी और ब्रह्माकुमार अनुपम भाई उपस्थित रहे।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने कहा कि श्रीमद भगवत गीता में भगवान ने अर्जुन को इसी राजयोग का परिचय दिया था और समझाया था कि इस योग को साधकर मनुष्य स्वयं पर विजय प्राप्त कर सकता है। आत्मबल से संपन्न हो सकता है और अपनी कर्मेन्द्रियों का सच्चा राजा बन सकता है। इसी कारण श्रीमद भगवत गीता को ‘योगशास्त्र’ कहा जाता है ‘युद्धशास्त्र’ नहीं।

उन्होंने वर्तमान समय की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जब पूरी दुनिया तनाव, असंतुलन और मानसिक दबाव से गुजर रही है तब हमें उस योग को अपने जीवन में धारण करना चाहिए जिसे भारत ने विश्व को विरासत के रूप में दिया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन में संतुलन, स्थिरता और आंतरिक शान्ति प्राप्त करने की कला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मानसिक संतुलन की अत्यधिक आवश्यकता है, क्योंकि मानसिक असंतुलन के कारण व्यक्ति के संबंधों, व्यवहार, निर्णय क्षमता और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। मन की दुर्बलता से इम्युनिटी पावर कमजोर होने लगती है।

राजयोग की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि राजयोग एक विज्ञान भी है और एक कला भी। यह कर्मेन्द्रियों को शुद्ध संस्कार देने का विज्ञान है तथा मन को अपना मित्र बनाने की कला भी है। जब हम अपने मन को सकारात्मक विचारों और सकारात्मक ऊर्जा से भरते हैं तो मन हमारा मित्र बन जाता है लेकिन जब मन में नकारात्मक विचारों का प्रवाह बढ़ जाता है तो वही मन व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है।

प्रारम्भ में ब्रह्माकुमार अनुपम भाई द्वारा जवानों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। अन्त में ब्रह्माकुमारी जागृति दीदी ने सभी जवानों को राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूति कराई। कार्यक्रम के बाद कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कुछ ही मिनटों के इस योग और राजयोग अभ्यास से उन्हें अत्यंत शांति, हल्कापन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।

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