Connect with us

Brahmakumaris Raipur

कृषि महाविद्यालय में कुलपति की प्रेरणा से हुआ ब्रह्माकुमारी बहनों का व्याख्यान…

Published

on

कृषि महाविद्यालय में कुलपति की प्रेरणा से हुआ ब्रह्माकुमारी बहनों का व्याख्यान…
– हीन भावना और नकारात्मक सोच से आती है आत्मविश्वास में कमी… बीके अदिति दीदी
– आडिटोरियम में बड़ी संख्या में छात्रगण व फैकल्टी मेम्बर उपस्थित रहे…
– डीन ने आगे भी ऐसे व्याख्यान आयोजित करने की जरूरत बतलाई…

रायपुर, 24अप्रैल 2024: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद सेवा प्रभाग द्वारा कृषि महाविद्यालय में व्याख्यान आयोजित कर आत्म विश्वास बढ़ाने की कला विषय पर छात्रों का मार्गदर्शन किया गया।

अपने उद्बोधन में राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए हमें अपने माईण्ड को सेट करने की जरूरत है। कान्फिडेन्स एक लेटिन शब्द है जिसका अर्थ होता है ट्रस्ट अर्थात विश्वास। स्वयं पर भरोसा करना ही आत्मविश्वास कहलाता है। उन्होंने छात्रों से जानना चाहा कि क्या हम खुद पर विश्वास करते हैं? उन्होंने कहा कि आत्म विश्वास को बढ़ाने के लिए सबसे पहले स्वयं की पहचान जरूरी है। आत्मा का ज्ञान होने पर ही आत्मविश्वास में वृद्घि हो सकेगी। दूसरे लोग हमारे में बारे में क्या सोचते हैं यह हमें जानने की जरूरत नहीं है। बल्कि हमें अपनी योग्यताओं और विशेषताओं पर पूरा भरोसा होना चाहिए।

आत्मविश्वास में कमी होने के कारणों की चर्चा करते हुए उन्होंने बतलाया कि आत्म विश्वास में कमी तीन कारणों से होती है। पहला कारण है हीन भावना, दूसरा है नकारात्मक सोच और तीसरा कारण है -असफलता के लिए स्वयं को दोषी मानना। मैं ही गलत हूँ, मेरे कारण यह असफलता हाथ लगी है आदि। इस तरह की अपराध भावना से हमें नहीं जीना है। हमें ऐसी नकारात्मक सोच को दूर करना होगा। बीती हुयी बातों को भूल जाएं और कभी भी भविष्य में उस गलती को ना दोहराएं।

अगले सत्र में ब्रह्माकुमारी दीक्षा दीदी ने बतलाया कि सदैव याद रखें कि हम इस दुनिया में युनिक हैं। हमारे जैसा दूसरा और कोई नहीं हो सकता। इसलिए हमारी किसी से तुलना नहीं हो सकती। अपने लक्ष्य पर हमारी स्पष्ट नजर हो। बीती बातों का चिन्तन कर दुखी न हों और न ही भविष्य की चिन्ता करें। आज जो हमारे पास है उसका आनन्द लें। वर्तमान में जीना सीखें। उन्होंने अन्त में सभी को कमेन्ट्री करके राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया।

इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. जी.के.दास, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, छात्रावास अधीक्षक डॉ. पी.के. सांगोड़े, डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल, डॉ. सुनील नाग, डॉ. देव प्रकाश पटेल, डॉ. प्रताप टोप्पो, डॉ. एच.के. सिंग, डॉ. रामकुमार ठाकुर आदि उपस्थित थे।

Brahmakumaris Raipur

शिवरात्रि पर्व घूमधाम से मनाया गया

Published

on

By

नवा रायपुर के शान्ति शिखर में
शिवरात्रि पर्व घूमधाम से मनाया गया –
रायपुर, 01 फरवरी 2026: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित एकेडमी फॉर ए पीसफुल वल्र्ड-शान्ति शिखर में आज शिवबाबा की 90 वीं जयन्ती बड़े ही धूमधाम से मनायी गई।
  इस अवसर पर ट्रीपल आई टी के डायरेक्टर भ्राता ओमप्रकाश व्यास जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी और राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी सहित विभिन्न दीदीयों के साथ केक कटिंग कर सभी को जन्मदिन की बधाई दी।
इस दौरान बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमार और ब्रह्माकुमारी भाई-बहनें उपस्थित थे।

Continue Reading

Brahmakumaris Raipur

गणतंत्र दिवस

Published

on

By

गणतंत्र दिवस पर राजभवन में एट होम कार्यक्रम में
माननीय राज्यपाल महोदय और मुख्यमंत्री जी से मुलाकात…
रायपुर, 30 जनवरी 2026: गणतंत्र दिवस की शाम को राजभवन में माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा आयोजित  समारोह में माननीय राज्यपाल भ्राता रमेन डेका जी और माननीय मुख्यमंत्री भ्राता विष्णु देव साय जी से सौजन्य भेंट करने का अवसर मिला। इस अवसर पर इन्दौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के साथ नवा रायपुर की ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी, ब्रह्माकुमारी वनिषा दीदी और ब्रह्माकुमार महेश भाई उपस्थित थे।
इस मुलाकात के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने नवा रायपुर में माननीय प्रधानमंत्री जी के हाथों नवनिर्मित शान्ति शिखर भवन के उद्घाटन कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में शासन से मिले सहयोग के लिए माननीय राज्यपाल और मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देकर उनका आभार व्यक्त किया। बाद में राजभवन में उपस्थित मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सेना के अधिकारीगण, प्रमुख सचिव-सचिवगण, सांसद, विधायक और राजधानी के अनेकानेक गणमान्य नागरिकों से भी मिलने व उनकी सेवा करने का अवसर मिला। इस अवसर के कुछ फोटोज अवलोकनार्थ संलग्न है।
Continue Reading

Brahma Kumaris News

बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

Published

on

By

शांति शिखर में तीन दिवसीय आध्यात्मिक शिविर का समापन: बी.के. श्रेया दीदी ने सिखाया जीवन जीने की कला

  • स्वयं को पहचानें और परमात्मा से जुड़ें, तभी जीवन में सुख-शांति आएगी: बी.के. श्रेया

  • तीन दिनों तक सुबह और शाम के सत्रों में सैकड़ों लोगों ने लिया राजयोग का लाभ…

  • अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग’ के माध्यम से मानसिक रोगों और तनाव से मुक्ति का मार्ग बताया…

रायपुर, 23 दिसम्बर, 2025: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ‘शांति शिखर’ केंद्र में तीन दिवसीय विशेष आध्यात्मिक शिविर का भव्य समापन हुआ। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी श्रेया

दीदी ने शिविर के दौरान शहरवासियों को तनावमुक्त जीवन जीने और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के गुर सिखाए। यह शिविर प्रतिदिन दो सत्रों में (सुबह 7:00 से 8:30 और शाम 7:00 से 8:30 बजे) आयोजित किया गया था।

तीन दिनों का सफर: स्वयं की खोज से आध्यात्मिक उपचार तक शिविर के पहले दिन का विषय ‘री-कनेक्ट विद योर इनरसेल्फ’ (Reconnect with your Innerself) रहा। दीदी ने बताया कि आज मनुष्य बाहर की दुनिया से तो जुड़ा है, लेकिन स्वयं से दूर हो गया है। जब तक हम अपनी आंतरिक शक्ति को नहीं पहचानेंगे, हम खुश नहीं रह सकते।

दूसरे दिन ‘रीचार्ज द सोल’ (Recharge the Soul) विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोबाइल को चार्ज करने की आवश्यकता होती है, वैसे ही आत्मा को भी राजयोग के माध्यम से परमात्मा से जुड़कर रिचार्ज करना पड़ता है। एकाग्रता और सकारात्मक चिंतन ही आत्मा की बैटरी को चार्ज करने का तरीका है।

शिविर के तीसरे और अंतिम दिन ‘स्पिरिचुअल हीलिंग थ्रू मेडिटेशन’ (Spiritual Healing through Meditation) पर विशेष सत्र हुआ। दीदी ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश बीमारियाँ मनोदैहिक (Psychosomatic) हैं, जिनका मूल कारण मन में छिपी चिंता और नकारात्मकता है। मेडिटेशन के माध्यम से हम स्वयं को हील (स्वस्थ) कर सकते हैं और पुराने मानसिक घावों को भर सकते हैं।

राजयोग मेडिटेशन का कराया दिव्य अनुभव:

सत्र की मुख्य विशेषता दीदी द्वारा कराई गई गहन राजयोग कमेन्ट्री रही। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से उपस्थित जनसमूह को शरीर से अलग ‘स्व स्वरूप’ (आत्मा) का अनुभव कराया। परमात्मा के साथ जुड़कर दिव्य किरणों के माध्यम से मन की सफाई और हीलिंग का अभ्यास कराया गया। शिविरार्थियों ने अनुभव किया कि कैसे मेडिटेशन के माध्यम से मन का भारीपन दूर हो गया और शांति का संचार हुआ।

भविष्य के लिए लिया संकल्प:

दीदी ने सभी को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट राजयोग का अभ्यास करने का ‘चैलेंज’ दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिस्थितियाँ कभी भी हमारे हाथ में नहीं होतीं, लेकिन हमारा ‘रिस्पॉन्स’ हमारे हाथ में है। अंत में, शिविर में आए लोगों ने अपने बुरे संस्कारों को छोड़ने और श्रेष्ठ कर्म करने का संकल्प लिया। शांति शिखर के इस आध्यात्मिक उत्सव से लोग नई ऊर्जा और उमंग लेकर विदा हुए।

Continue Reading

News