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लोगों की दुआएं प्राप्त कर अपना जीवन सुखी बनाएं… ब्रह्माकुमारी चन्द्रकला दीदी
सादर प्रकाशनार्थ
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट्यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज –
लोगों की दुआएं प्राप्त कर अपना जीवन सुखी बनाएं… ब्रह्माकुमारी चन्द्रकला दीदी
रायपुर, 24 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी चन्द्रकला दीदी ने कहा कि जितना हम लोगों को सुख देते हैं और उनका सहयोग करते हैं उतनी ज्यादा उनकी दुआएं मिलती है। हमें न सिर्फ लोगों से अपितु प्रकृति से भी दुआएं लेनी है। दुआ को दवा से भी श्रेष्ठ माना गया है। दुआएं देने के लिए हमारा मन शुद्घ और दिल साफ होना चाहिए।
ब्रह्माकुमारी चन्द्रकला दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू-ट्यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन वेबसीरिज एक नई सोच की ओर में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था- दुआएं दो और दुआएं लो। इस वेबसीरिज का प्रसारण शान्ति सरोवर रायपुर के चैनल पर किया जाता है।
ब्रह्माकुमारी चन्द्रकला दीदी ने आगे कहा कि वर्तमान समय मानव जीवन बहुत व्यस्त हो चुका है। जटिलताएं भी बढ़ती जा रही है। सभी लोग सुखी जीवन जीने की इच्छा रखते हैं। कई बार मेहनत थोड़ा सा करने पर सफलता बहुत ज्यादा मिल जाती है। जबकि कभी -कभी मेहनत ज्यादा करते हैं और सफलता कम मिलती है। सफलता प्राप्त करने का आधार है लोगों की दुआएं। हमें श्रेष्ठ कर्म श्रेष्ठ चलन और सकारात्मक सोच से लोगों की दुआएं मिलती है।
उन्होंने कहा कि जितना हम लोगों को सुख देते हैं और उनका सहयोग करते हैं उतना ज्यादा उनकी दुआएं मिलती है। हमें न सिर्फ लोगों से अपितु प्रकृति से भी दुआएं लेनी है। दुआ को दवा से भी श्रेष्ठ माना गया है। दुआएं देने के लिए हमारा मन शुद्घ और दिल साफ होना चाहिए। दुआ कमाल की चीज है।
ब्रह्माकुमारी चन्द्रकला दीदी ने कहा कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता है। उस कार्य के प्रति हमारा पूरा सम्मान हो। जो कार्य हमको मिला है उसे लगन और रूचि के साथ पूरा करें। दूसरी बात सन्तुष्टता का गुण हमारे अन्दर होना जरूरी है। सन्तुष्ट व्यक्ति बिना किसी अपेक्षा के नि:स्वार्थ भाव से दुसरों को दुआएं दे सकता है।
उन्होंने कहा कि सहन करना कमजोरी नहीं है। जो व्यक्ति सहनशील होता है वह दूसरों को दुआएं देता है। सुबह से रात तक लक्ष्य रखें कि मुझे दुआएं देनी है और दुआएं लेनी है। इसके साथ ही हमें क्षमाशील भी बनना होगा। क्षमा करना बहुत अच्छा गुण है। जीवन में उन्नति करना है तो माफ करना और माफी मांगना हमें सीखना चाहिए। कोई गलती हो जाए तो तुरन्त माफी मांग लें।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254
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सबका भला हो, सब सुख पाएं
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