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Brahma Kumaris News

पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र माना में प्रशिक्षुओं की सूनी कलाइयों में ब्रह्माकुमारी बहनों ने राखी बाँधी

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काम, क्रोध आदि विकारों से आत्मा की रक्षा की जरूरत…. ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर, 13 अगस्त, 2024: पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र माना में प्रशिक्षण हेतु अपने घर से दूर विभिन्न जिलों से हुए प्रशिक्षुओं को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहनों ने रक्षाबन्धन का आध्यात्मिक महत्व समझाते हुए राखी बाँधी। कार्यक्रम मेंं पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज, उप पुलिस अधीक्षक राकेश बघेल सहित बस्तर हेतु चयनित विशेष आरक्षक भी शामिल थे।

प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि रक्षाबन्धन का पर्व हमें मन-वचन-कर्म से पवित्रता को अपनाने का सन्देश देता है। हमें काम, क्रोध आदि विकारों से आत्मा की रक्षा की जरूरत है। रक्षाबन्धन में जो तिलक लगाते हैं वह आत्म स्मृति का प्रतीक है। इससे यह याद कराया जाता है कि हम आत्मा हैं शरीर नहीं। मुख मीठा कराना इस बात का सूचक है कि मुख से सदैव मधुर बोल ही निकलें। हमारी जुबान से कभी दूसरों को दु:ख पहुंचाने वाले कटु वचन न निकलें। इसी प्रकार रक्षासूत्र बांधने का मतलब जीवन में आगे बढऩे के लिए कोई न कोई दृढ़ संकल्प करने का सूचक है।

उन्होंने जवानों से अपने समय का सदुपयोग स्वचिन्तन में करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह विचार करने की जरूरत है कि मेरे अन्दर कौन-कौन सी खामियाँ हैं? उन्होने श्रेष्ठï कर्मों को सुख-शान्ति का आधार बतलाते हुए कहा कि जीवन को सुखी बनाना है तो हमें अपने कर्मों को श्रेष्ठï बनाना होगा। ऐसे समय में परमात्मा हमें रक्षा का वचन दे रहे हैं कि हे आत्माओं अब देह से न्यारे बनो और मुझे याद करो तो मैं तुम्हारी सारे विकारों से रक्षा करूंगा।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों की सराहना करते हुए कहा कि अपने घर और परिवार से दूर इन जवानों की सूनी कलाइयों में दैवी बहनों ने राखी बांधकर अपने निर्मल स्नेह को प्रदर्शित किया है।

उप पुलिस अधीक्षक राकेश बघेल ने ब्रह्माकुमारी बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बहनें देवी तुल्य हैं। इनका आगमन सभी के लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। इनके कदम जिस जगह पड़ते हैं वह जगह पावन हो जाता है।

ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने जवानों को जीवन में अच्छाइयों को अपनाने की प्रतिज्ञा कराई। अन्त में ब्रह्माकुमारी बहनों ने सभी को रक्षासूत्र बाँधकर मुख मीठा कराया।