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दिव्य गुणों से निखरता है सच्चा सौन्दर्य… ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी
सादर प्रकाशनार्थ
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा यू-ट््यूब पर प्रतिदिन प्रसारित वेब सीरिज –
दिव्य गुणों से निखरता है सच्चा सौन्दर्य… ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी
रायपुर, 11 अगस्त: राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि अच्छा व्यक्तित्व उसे माना जाएगा, जो कि दिव्य गुणों से ओतप्रोत हो। बहुत से लोग सुन्दर कपड़ों और रूप, रंग के आधार पर व्यक्तित्व का आंकलन करते हैं किन्तु यह स्थायी सौन्दर्य नहीं है।
ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा सोशल मीडिया यू-ट््यूब पर प्रतिदिन शाम को 5.30 से 6.00 बजे प्रसारित होने वाले आनलाईन वेबसीरिज एक नई सोच की ओर में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। विषय था-जीवन की सच्ची सुन्दरता।
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में सुन्दरता की परिभाषा लोगों ने अलग-अलग बतलाई है। लेकिन प्रसिद्घ विचारक इमर्सन ने कहा है कि मैंने कई चमकीले नैन वाले खूबसूरत चेहरे देखे हैं लेकिन ऐसी कोई आत्मा नहीं मिली जो मेरी आत्मा से बात कर सके। कहने का मतलब यह है कि कोई कितना भी सुन्दर क्यों न हो। यदि उसका मन कुण्ठाओं से भरा हुआ हो। तो उसका सौन्दर्य किसी को प्रभावित नहीं कर सकता है। श्रीकृष्ण को मनमोहक छबि का होने के कारण मनमोहन कहा जाता है। उनके चेहरे में पवित्रता और दिव्यता की झलक दिखती है। जीवन में चरित्र की श्रेष्ठता है। यही विशेषता भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
उन्होंने कहा कि हमारा जीवन बहुत कीमती है। हम कई बार हारते हैं, गिरते हैं। कुछ निर्णय ऐसे हो जाते हैं जो हमारी प्रतिष्ठा को धूमिल कर देते हैं किन्तु उससे हमारे जीवन की कीमत कम नहीं हो जाती है। हम विशेष हैं यह बात कभी नहीं भूलना चाहिए। भूतकाल की बातों के आधार पर भविष्य के सपनों को बरबाद मत होने दें।
उन्होंने आगे बतलाया कि जब हम अपने जीवन से सन्तुष्ट नहीं होते हैं तो जीवन व्यर्थ लगने लगता है। यदि हमें जीवन का वास्तविक आनन्द लेना है तो हमें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा। कुछ लोग धन कमाने को ही जीवन का असली मकसद समझ बैठे हैं? अगर हम चाहते हैं कि हमारा जीवन समाज के लिए आदर्श बन जाए तो हमें कुछ सिद्घान्तों को अपनाना होगा।
उन्होंने कहा कि महत्व इस बात का नहीं होता है कि हमने कितनी महंगी चीजें धारण की हैं। वरन् महत्व इस बात का होता है कि हमारे संस्कारों में कितनी दिव्यता है। वर्तमान समय लोग अपने रूप रंग को संवारने में बहुत धन और श्रम जाया करते हैं किन्तु सच्ची आन्तरिक सुन्दरता के प्रति उदासीन बने रहते हैं। आन्तरिक सौन्दर्य को बढ़ाने के लिए चाहिए साइलेन्स पॉवर अर्थात राजयोग मेडिटेशन जिसके आधार पर हम अपने अवगुणों को दूर कर सद्गुणों को धारण कर सकते हैं।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254
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