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जेल में कैदियों की सूनी कलाइयों में ब्रह्माकुमारी बहनों ने राखी बाँधी

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जेल में कैदियों की सूनी कलाइयों में ब्रह्माकुमारी बहनों ने राखी बाँध

काम, क्रोध आदि विकारों ने जीवन को नर्क तुल्य बनाया…. ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर, २५ अगस्त, २०१८: केन्द्रीय कारागार में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित समारोह में कैदियों को रक्षाबन्धन का आध्यात्मिक महत्व समझाते हुए ब्रह्मïाकुमारी सविता दीदी ने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार रूपी मनोविकारों ने जीवन को नर्कतुल्य बना दिया है। यदि इन बुराइयों से आत्मा की रक्षा करनी है तो सबसे पहले देह अभिमान को छोडऩा होगा। नैतिकता के बिना जीवन सुखी नही बन सकता।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्मïाकुमारी सविता दीदी ने अपने प्रेरक उद्ïबोधन में आगे कहा कि दुनिया में जिस तेजी से विज्ञान और तकनीक का विकास हो रहा है, उसी तेजी से नैतिक मूल्यों का पतन भी हो रहा है। पहले इतने भौतिक सुख के साधन नही थे किन्तु लोगों में परस्पर भाई-चारा, स्नेह और अपनापन था। उन्होंने कैदियों से अपने समय का सदुपयोग स्वचिन्तन में करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह विचार करने की जरूरत है कि मेरे अन्दर कौन-कौन सी खामियाँ हैं? उन्होने श्रेष्ठï कर्मों को सुख-शान्ति का आधार बतलाते हुए कहा कि जीवन को सुखी बनाना है तो हमें अपने कर्मों को श्रेष्ठï बनाना होगा। ऐसे समय में परमात्मा हमें रक्षा का वचन दे रहे हैं कि हे आत्माओं अब देह से न्यारे बनो और मुझे याद करो तो मैं तुम्हारी सारे विकारों से रक्षा करूंगा।
इस अवसर पर ब्रह्मïाकुमारी रश्मि दीदी ने बतलाया कि रक्षाबन्धन का पर्व हमें मन-वचन-कर्म से पवित्रता को अपनाने का सन्देश देता है। रक्षाबन्धन में जो तिलक लगाते हैं, वह आत्म स्मृति का प्रतीक है। इससे यह याद कराया जाता है कि हम आत्मा हैं, शरीर नहीं। मुख मीठा कराना इस बात का सूचक है कि मुख से सदैव मधुर बोल ही निकलें। हमारी जुबान से कभी दूसरों को दु:ख पहुंचाने वाले कटु वचन न निकलें। इसी प्रकार रक्षासूत्र बांधने का मतलब जीवन में आगे बढऩे के लिए कोई न कोई दृढ़ संकल्प करने का सूचक है।
अन्त में ब्रह्माकमारी उमा दीदी ने कैदियों को जीवन में अच्छाइयों को अपनाने की प्रतिज्ञा कराई गई। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदिति बहन ने किया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
चौबे कालोनी, रायपुर फोन: २२५३२५३, २२५४२५४

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