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SUMMARY:परिस्थितियों से विचलित न हों\, उन्हेें चुनौती समझकर आगे बढ़ें... - हमारा मस्तिष्क सुपर कम्प्यूटर की तरह है\, उसमें अनन्त शक्तियाँ निहित... - ध्यान अथवा मेडिटेशन से धमनियों के ब्लाकेज खुल जाते हैं...
DESCRIPTION:रायपुर\, 21 मई\, 2023: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर मेंं आयोजित जिन्दगी का उत्सव नामक तीन दिवसीय शिविर के तीसरे दिन पावर ऑफ हीलिंग मेडिटेशन विषय पर व्याख्यान हुआ।\n\nइन्टरनेशनल माइण्ड व मेमोरी मैनेजमेन्ट ट्रेनर ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। परिस्थितियों को चुनौती समझकर आगे बढ़ें। जो चुनौतियों का सामना करते हैं वही जीवन में सफल होकर समाज के आगे लीडर बनकर सामने आते हैं। जो लोग परिस्थितियों के आगे हारकर सरेण्डर हो जाते हैं वह जीवन में सफल नही हो सकते।\n\nउन्होंने आगे कहा कि हमारा ब्रेन एक सुपर कम्प्यूटर की तरह है। ब्रेन हार्डवेयर और मन बुद्घि संस्कार उसके साफ्टवेयर हैं। विचार शक्ति का नाम मन। निर्णय शक्ति का नाम बुद्घि और संस्कार स्टोरेज अर्थात हार्ड डिस्क है। उन्होंने मेमोरी पावर को बढ़ाने के लिए सुपर ब्रेन योगा का अभ्यास भी कराया। इसके अन्तर्गत दाहिने हाथ से बायीं ओर के कान को और बायें हाथ से दायीं कान को पकड़कर उठक-बैठक कराया ताकि कान पर दबाव पड़े।\n\nहम अपनी ब्रेन का दस प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग कर पाते हैं:\nउन्होंने बतलाया कि हमारे अन्दर अनन्त शक्तियाँ छिपी हुई हैं लेकिन हम उन्हें भूल गए हैं। देखा गया है कि मनुष्य अपने मस्तिष्क का सिर्फ पांच से दस प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग कर पाता है। शेष हिस्सा बिना उपयोग के अछूता रह जाता है। आत्मबल बढ़ाने के लिए सदैव अपने को हीरो अथवा लीडर समझें। हम लोग वही करते हैं जो कि हम चाहते हैं परन्तु होता वह है जो परमात्मा की इच्छा होती है। तो क्यों न हम वही कार्य करें जो कि परमात्मा चाहते हैं।\n\nध्यान अथवा मेडिटेशन से धमनियों के ब्लाकेज खुल जाते हैं:\nउन्होंने कहा कि हमारे अन्दर नकारात्मक सोच और विचार से धमनियों में ब्लाकेज बन जाते हैं। इससे शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। जबकि मेडिटेशन से मन में शुभ\, सकारात्मक और श्रेष्ठ विचारों का संचरण करने से सभी तरह के ब्लाकेज खुल जाते हैं। राजयोग मेडिटेशन में परमात्मा के साथ कनेक्ट होने से उनकी शक्तियाँ\, शान्ति और खुशी हमें अनुभव होती है। उन्होंने बतलाया कि राजयोग मेडिटेशन से हम अपने मन से सभी नकारात्मक विचारों को निकालकर उसमें प्रेम\, सुख\, शान्ति आदि सकारात्मक गुणों को भर सकते हैं। यही हीलिंग टेकनीक है।\n\nकल से सात दिवसीय राजयोग अनुभूति शिविर\nब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बतलाया कि 22 मई से ब्रह्माकुमारी संस्थान के विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में सात दिवसीय राजयोग अनुभूति नि:शुल्क शिविर का आयोजन किया गया है। इच्छुक व्यक्ति सुबह अथवा शाम को 7 से 8 बजे में से कोई भी समय निर्धारित कर लाभ उठा सकते हैं।\n   \n
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