ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों ने स्वच्छता अभियान में भाग लिया

 

ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों ने स्वच्छता अभियान में भाग लिया

रायपुर, १७ सितम्बर, २०१८: स्वच्छता ही सेवा अभियान के अन्तर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड पर शान्ति सरोवर के आस-पास सड़क किनारे व नाली की सफाई की गई। नाली में घास उग आने से मिट्टी और अन्य कचरा जमा हो रहा था जिसके कारण पानी का बहाव रूक गया था। अब घास और मिट्टी की सफाई हो जाने से पानी के निकलने का रास्ता साफ हो गया है।

इसके अलावा सड़क से धूल की भी सफाई कर उसे उठाया गया। ताकि गाडिय़ों के आने-जाने से मार्ग में धूल न उड़े। अभियान में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, किरण दीदी और भूमिका दीदी सहित शान्ति सरोवर के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्य में नगर पालिक निगम के कर्मचारियों ने भी काफी सहयोग किया। बाद में निगम की गाड़ी से सारा कचरा उठाकर ले जाया गया।

उल्लेखनीय है कि ब्रह्माकुमारी संगठन की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी को प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता अभियान का ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाया गया है। जिसके अन्तर्गत संस्थान के सदस्यों द्वारा मानसिक स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण की स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शान्ति सरोवर, विधानसभा रोड, रायपुर

शांति सरोवर में तृतीय दिव्य युथ फोरम के शुभारंभ।

 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित शान्ति सरोवर मे आगामी दिनांक ६ से ९ सितम्बर २०१८ तक चलने वाले तृतीय दिव्य यूथ फोरम का शुभारम्भ राजयोगा एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन के युवा प्रभाग की उपाध्यक्ष ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका दीदी, इन्दौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी, जोन की क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, ब्रह्माकुमारी कृति दीदी, सविता दीदी, जनक भाई, रामकृष्ण भाई सहित वरिष्ठ फोरम के वरिष्ठ भाईयों ने दीप प्रज्वलित करके किया।
श्रद्घेय चन्द्रिका दीदी ने शान्ति सरोवर और यहाँ व्याप्त पवित्र प्रकम्पन की प्रशंसा करते हुए परम श्रद्घेय ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई जी और उनकी सेवाओं को श्रद्घापूर्वक याद किया। उन्होंने आगे कहा कि भाई जी ने इस जोन को इतना सुन्दर ढंग से विकसित किया है कि यहाँ के भाई-बहनों को  देखकर बड़ी खुशी होती है। उन्होंने बतलाया कि दादी रतनमोहिनी जी ने इस फोरम की सफलता के लिए के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने अवगत कराया कि वह बचपन में गणेश और हनुमान की पूजा किया करती थी। वह आज भी युवाओं को उन्हीं नजरों से देखती हैं। वह युवाओं की ऐसी १०८ की माला तैयार करना चाहती हैं जो कि बाबा की शिक्षाओं को धारण करने में नम्बर वन हों। चुनौतियों को जो स्वीकार करें। सदैव याद रखो कि इतने बड़े विश्व में भगवान ने मुझे सलेक्ट किया है। उन्होंने अन्त में युवाओं को शपथ दिलाई कि वह बापदादा की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का पूरा-पूरा प्रयास करेंगे।
ब्रह्माकुमारी कृति दीदी ने बतलाया कि अन्तर्राष्ट्रीय यूथ फोरम में भारत के युवाओं को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता है इसलिए परम आदरणीय दादी रतनमोहिनी जी की प्रेरणा से दिव्य यूथ फोरम का गठन किया गया है और यह तीसरा आयोजन है।
इस फोरम का विषय रखा गया है-फुल स्टाप एण्ड फुल स्टाक। इस फोरम का मुख्य उद्देश्य है जिस प्रकार यज्ञ के प्रारम्भ में हमारी युवा दादियों ने यज्ञ की स्थापना में अपना योगदान दिया। उसी प्रकार अब जबकि स्थापना का कार्य पूरा होने जा रहा है और विनाश का समय नजदीक आ रहा है तो युवा ग्रुप अपने पवित्र जीवन से प्रत्यक्षता की भूमिका निभाने आगे आएं।
ओमशान्ति।

अर्जुन बनकर गीता के सन्देश को आत्मसात करने की जरूरत … ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

 

अर्जुन बनकर गीता के सन्देश को आत्मसात करने की जरूरत … ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर, ३ सितम्बर, २०१८: श्रीकृष्ण जयन्ती पर यही ईश्वरीय सन्देश है कि श्रीकृष्ण के दैवी गुणों और विशेषताओं को जीवन में उतारने का प्रयास किया जावे। गीता में बतलाए अनुसार अपने अन्दर छिपे हुए शत्रुओं काम, क्रोधादि विकारों का नाश करने से ही छोटी-मोटी बातों के लिए जो घर-घर में महाभारत चल रहा है, उसे समाप्त कर सकेंगे।

यह विचार ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विश्व शान्ति भवन चौबे कालोनी रायपुर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में व्यक्त किए। ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने आगे कहा कि विज्ञान के इस युग में श्रीकृष्ण की जयन्ती मना लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके द्वारा किए गए महान कार्यों के बारे में गहन चिन्तन कर उसे जीवन में उतारने की जरूरत है।

उन्होंने बतलाया कि अर्जुन का अर्र्थ होता है ज्ञान अर्जन करने वाला। श्रीकृष्ण जयन्ती और गीता की सार्थकता इसी में है कि हरेक मनुष्य अर्जुन बने और गीता का अच्छी तरह से विवेचन कर उसे आत्मसात करने का प्रयास करे। कोई भी मनुष्य किसी का शत्रु नहीं होता है। इसका स्पष्ट उल्लेख भगवतगीता में मिलता है जिसमें लिखा है कि हे अर्जुन मनुष्य के अन्दर व्याप्त काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार ही उसके शत्रु हैं। जब हम इन विकारों पर विजय प्राप्त कर लेंगे तभी हम सुख और शान्ति से रह सकेंगे।

उन्होंने कहा कि गीता के माध्यम से समाज को यह सन्देश दिया गया है कि परमात्मा के साथ प्रीत बुद्घि होकर रहो क्योंकि इससे ही परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने में परमात्मा की मदद मिल सकेगी। काम, क्रोधादि विकार मनुष्य को हैवान बना देते हैं। समाज में जो हिंसा, अत्याचार, लूटपाट और भ्रष्टाचार आदि की घटनाएं घटित हो रही हैं, उसके पीछे इन्हीं मनोविकारों की प्रमुख भूमिका होती है। इन विकारों पर जीत प्राप्त करने के लिए मन की शुद्घता जरूरी है। राजयोग मेडिटेशन से इसमें बहुत मदद मिलती है। राजयोग के द्वारा मनोविकारों पर सहज ही विजय प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यकम के प्रारम्भ में इस परमात्मा को भोग लगाया गया। कार्यक्रम में बहुत बड़ी संख्या में श्रद्घालुगण उपस्थित थे। इस दौरान श्रीकृष्ण की आकर्षक झाँकी का अनावरण भी किया गया। बाद में कु. सुमी, कु. तमन्ना कु. उन्नति, कु. श्रद्घा, कु. परी और कु. समृद्घि ने श्री कृष्ण से सम्बन्धित गीतों पर सुन्दर नृत्य प्रस्तुत कर सबको भाव विभोर कर दिया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय रायपुर
फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४

फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेराय और ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी रायपुर आएंगी…

रायपुर, २३ अगस्त: फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेराय और आस्था, संस्कार एवं पीस ऑफ माइण्ड जैसे आध्यात्मिक चैनलों में प्रसारित होने वाले कार्यक्रम अवेकनिंग विथ ब्रह्माकुमारीज (awakening with brahmakumaris) की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी २८ सितम्बर को रायपुर आएंगी। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान वह ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी।

यह जानकारी देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में बतलाया गया है कि सुरेश ओबेराय और ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी २८ सितम्बर को सुबह रायपुर आएंगी। वह इसी दिन शाम को ६.०० बजे सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इण्डोर स्टेडियम बुढ़ापारा में वाह जिन्दगी वाह नामक पब्लिक कार्यक्रम में भाग लेंगी। कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस कार्यकम का लाभ ले सकता है। प्रवेश निशुल्क रहेगा।
अगले दिन वह सारे देश भर से रायपुर में आए हुए न्यूरो सर्जन के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होंगी। जी.ई. रोड स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करने के लिए विशेष तौर पर उन्हें आमंत्रित किया गया है। इसके तुरन्त बाद वह विमान द्वारा नई दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगी।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४

Rakhi Festival has been celebrated with great enthusiasm at Raipur

 

Rakhi Festival has been celebrated with great enthusiasm at Raipur Chhattisgarh. Our B. K. Sisters including zonal Director Respected Kamla Didi have tied Rakhi to many VVIPS including Hon’ble Chief Minister Dr. Raman Singh, Speaker of Chhattisgarh Assembly Mr. Gourishankar Agrawal Ji, Agriculture & WRD Minister Brijmohan Agrawal Ji, Social Welfare Minister Smt. Ramshila Sahu Ji, PWD Minister Rajesh Munat Ji, Various IAS, IPS & IFS Officers including Chief Secretary, MLAs, MPs etc.

Apart from that they also tied Rakhi to Prisoners of Central Jail, ITBP Jawans, CRPF, BSF, Indian Army, Aerodrome officials, Police training Academy etc. I am sending some of the selected Photos. It is just for your perusal please. Thanks.

B. K. Savita
Raipur (C.G.)
contact: 94255-02255

जेल में कैदियों की सूनी कलाइयों में ब्रह्माकुमारी बहनों ने राखी बाँधी

जेल में कैदियों की सूनी कलाइयों में ब्रह्माकुमारी बहनों ने राखी बाँध

काम, क्रोध आदि विकारों ने जीवन को नर्क तुल्य बनाया…. ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर, २५ अगस्त, २०१८: केन्द्रीय कारागार में प्रजापिता ब्रह्मïाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित समारोह में कैदियों को रक्षाबन्धन का आध्यात्मिक महत्व समझाते हुए ब्रह्मïाकुमारी सविता दीदी ने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार रूपी मनोविकारों ने जीवन को नर्कतुल्य बना दिया है। यदि इन बुराइयों से आत्मा की रक्षा करनी है तो सबसे पहले देह अभिमान को छोडऩा होगा। नैतिकता के बिना जीवन सुखी नही बन सकता।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्मïाकुमारी सविता दीदी ने अपने प्रेरक उद्ïबोधन में आगे कहा कि दुनिया में जिस तेजी से विज्ञान और तकनीक का विकास हो रहा है, उसी तेजी से नैतिक मूल्यों का पतन भी हो रहा है। पहले इतने भौतिक सुख के साधन नही थे किन्तु लोगों में परस्पर भाई-चारा, स्नेह और अपनापन था। उन्होंने कैदियों से अपने समय का सदुपयोग स्वचिन्तन में करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह विचार करने की जरूरत है कि मेरे अन्दर कौन-कौन सी खामियाँ हैं? उन्होने श्रेष्ठï कर्मों को सुख-शान्ति का आधार बतलाते हुए कहा कि जीवन को सुखी बनाना है तो हमें अपने कर्मों को श्रेष्ठï बनाना होगा। ऐसे समय में परमात्मा हमें रक्षा का वचन दे रहे हैं कि हे आत्माओं अब देह से न्यारे बनो और मुझे याद करो तो मैं तुम्हारी सारे विकारों से रक्षा करूंगा।
इस अवसर पर ब्रह्मïाकुमारी रश्मि दीदी ने बतलाया कि रक्षाबन्धन का पर्व हमें मन-वचन-कर्म से पवित्रता को अपनाने का सन्देश देता है। रक्षाबन्धन में जो तिलक लगाते हैं, वह आत्म स्मृति का प्रतीक है। इससे यह याद कराया जाता है कि हम आत्मा हैं, शरीर नहीं। मुख मीठा कराना इस बात का सूचक है कि मुख से सदैव मधुर बोल ही निकलें। हमारी जुबान से कभी दूसरों को दु:ख पहुंचाने वाले कटु वचन न निकलें। इसी प्रकार रक्षासूत्र बांधने का मतलब जीवन में आगे बढऩे के लिए कोई न कोई दृढ़ संकल्प करने का सूचक है।
अन्त में ब्रह्माकमारी उमा दीदी ने कैदियों को जीवन में अच्छाइयों को अपनाने की प्रतिज्ञा कराई गई। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अदिति बहन ने किया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
चौबे कालोनी, रायपुर फोन: २२५३२५३, २२५४२५४

Train The Trainers programme of Shipping Aviation & Tourism Wing Inaugurated.

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पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ देश का सबसे खूबसूरत क्षेत्र… डॉ. संजय सिह
रायपुर, १ जुलाई, २०१८: छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के महाप्रबन्धक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन के लिए देश का सबसे खूबसूरत क्षेत्र है। यह प्राकृतिक दृष्टि से अत्यन्त सम्पन्न है। जरूरत सिर्फ इन क्षेत्रों का विकास कर लोगों के सम्मुख लाने की है।

डॉ. संजय सिंह आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिपिंग एविएशन एण्ड टूरिज्म प्रभाग द्वारा आयोजित ट्रेन द ट्रेनर्स (Train the Trainer) कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बतलाया कि वह देश-विदेश घूम चुके हैं किन्तु उनमें सबसे खूबसूरत उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ही लगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान पर्यटन के माध्यम से लोगों में परस्पर प्रेम और भाई-चारा बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

उन्होंने पर्यटन को जीवन जीने का तरीका बतलाते हुए कहा कि इसे किताबों में नहीं पढ़ाया जा सकता है। बस्तर, सरगुजा ऐसे सुन्दर क्षेत्र हैं जहाँ पर प्रकृति के बीच जाकर रहें तो तनाव और द्वेष आदि सब भूल जाएंगे। चित्रकोट हिन्दुस्तान का सबसे अच्छा जलप्रपात है। पर्यटन मण्डल ने इसे इतना सुन्दर विकसित किया है कि वहाँ जाने पर लगता है कि विदेश में आ गए हों। ऐसा ही एक और क्षेत्र भद्रसाली है। यहाँ पर इन्द्रावती और गोदावरी का संगम होता है। इस जगह पर हर साल आदिवासियों का बहुत बड़ा मेला लगता है जो कि देखने लायक होता है।

मुम्बई से पधारी शिपिंग एण्ड एविएशन विंग की समन्वयक ब्रह्माकुमारी प्रशान्ति दीदी ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को पुर्नजीवित कर देश के गौरव को वापस लौटाना ही इस विंग का मुख्य उद्देश्य है। ताकि भारत देश फिर से महान बन सके। इसके लिए प्रदर्शनी भी बनाई गई है। संसार में सद्भावना फिर से कायम हो और पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों का सशक्तिकरण ही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है।

ब्रह्माकमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि मन के भावों को बदलने के लिए पर्यटन बहुत ही अच्छा माध्यम है। भौगोलिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ सचमुच ही सुन्दर प्रदेश है। उन्होंने कहा कि यहाँ के पर्यटन स्थल मन को लुभाते हैं। लेकिन इनका प्रचार-प्रसार और ज्यादा करने की जरूरत है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रायपुर
सम्पर्क: ९६४४९६४६७४

ब्रह्माकुमारी ओम राधे की पुण्य तिथि श्रद्घापूर्वक मनाई गई…

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FB_IMG_1530021947286आध्यात्म के गहन रहस्यों को मम्मा ने सहज रीति से समाज के सामने प्रस्तुत किया..

रायपुर, २४ जून: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी ओम राधे की ५३ वीं पुण्य तिथि श्रद्घापूर्वक मनाई गई।
चौबे कालोनी स्थित सेवाकेन्द्र विश्व शान्ति भवन में एक सादे समारोह में ब्रह्माकुमारी ओम राधे (मातेश्वरी) के चित्र पर माल्यार्पण कर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने श्रद्घासुमन अर्पित किए। उन्होंने मातेश्वरी जी के जीवन से सम्बन्धित संस्मरण सुनाकर सभी को उनके द्वारा बतलाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। सभा में राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी भावना, ब्रह्माकुमारी रश्मि, ब्रह्माकुमारी चित्रलेखा और ब्रह्माकुमारी सौम्या बहन सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।
ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बतलाया कि मातेश्वरी जी का जीवन अत्यन्त आदर्श होने के कारण सभी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने एक माँ की तरह से ब्रह्मावत्सों की पालना की। उन्होंने अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को अत्यन्त सहज रीति से समाज के सामने प्रस्तुत किया ताकि साधारण से साधारण आदमी भी उसे समझकर जीवन में अपना सके। उनके जीवन में अपनाए गए सिद्घान्त आज संस्था के लिए प्रमुख सूत्र बन चुके हैं। जिसके आधार पर संस्था का संचालन किया जाता है। उन्होंने २४ जून को अपने पार्थिव शरीर का त्याग किया था। तब से ही इस दिन उनकी पुण्यतिथि पर सारे सेवाकेन्द्रों में विशेष आयोजन किया जाता है।
इससे पहले मातेश्वरी जी की पुण्य स्मृति में परमपिता परमात्मा शिवबाबा को भोग स्वीकार कराया गया। जिसे बाद में सभा में उपस्थित सभी लोगों में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। पश्चात उनके प्रवचनों से लिए गए प्रेरणादायक महावाक्यों को भी अलग-अलग वरदान के रूप में लोगों को बांटा गया। जिसे प्राप्त कर सभी ने उसी वरदान के अनुरूप पुरूषार्थ करने का सकंल्प किया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: २२५३२५३, २२५४२५४

ब्रह्माकुमारी संस्थान के साधकों ने शान्ति सरोवर में मनाया योग दिवस

 

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राजयोग से मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, २१ जून, २०१८: आज विश्व योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साधकों ने विधानसभा रोड पर शान्ति सरोवर में योग दिवस मनाया। क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन हेतु मार्गदर्शन किया । साधकों ने राजयोग के माध्यम से शान्ति एवं पवित्रता के प्रकम्पन फैलाकर वायुमण्डल को शुद्घ और पवित्र बनाने में सहयोग दिया। इस दौरान राजयोग मेडिटेशन के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योगासनों का भी अभ्यास किया गया।
क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम जीवन पद्घति है। इससे मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में मदद नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन सभी को करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अस्सी प्रतिशत बीमारियों का मूल कारण व्यर्थ और नकारात्मक सोच ही होता है। राजयोग का अभ्यास करने से हमारे सोच और विचार दोनों समर्थ बनते हैं। इस प्रकार हम मनोविकारों के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों से बच सकते हैं।
इस अवसर पर योग शिक्षक विपुल भट्ट द्वारा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए विभिन्न योगासनों का भी अभ्यास कराया गया। उन्होंने बतलाया कि चूंकि हम लोग नियमित रूप से प्रतिदिन योगाभ्यास नहीं करते हैं इसलिए योग करने से पहले शरीर की स्ट्रेचिंग करना जरूरी है। योग से शरीर के समस्त अंगों तक ऑक्सीजन और खून को पहुँचाने में मदद मिलती है। राजयोग मेडिटेशन के साथ-साथ योगासन भी शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इसलिए इसे अपनी दिनचर्या का अंग बना लेना चाहिए।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय,
रायपुर सम्पर्क मो.: ९६४४९६४६७४

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग महोत्सव का शुभारम्भ

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Photo 2योग मनुष्य को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग… न्यायमूर्ति श्रीवास्तव, प्रमुख लोकायुक्त

रायपुर, १७ जून, २०१८: प्रमुख लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस. एन. श्रीवास्तव ने कहा कि योग मानव मात्र को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग है। यह मन बुद्घि और चित्त को स्वस्थ बनाता है। इससे ही सशक्त और मानवतावादी समाज बनाने में मदद मिलेगी।
न्यायमूर्ति श्रीवास्तव आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में आयोजित योग महोत्सव का शुभारम्भ करने के बाद अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। चर्चा का विषय था – स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और सुखी जीवन का आधार राजयोग। उन्होंने आगे कहा कि योग एक संस्कृत शब्द युज धातु से बना है जिसका अर्थ होता है मिलन। समाज के एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से जोडऩे की कला हमें योग से मिलती है। योग चित्त को अच्छे कार्य में प्रवृत्त करता है। ताकि आगे चलकर पश्चाताप न करना पड़े।
उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थानों के प्रयासों से ही हमारी भारतीय संस्कृति और प्राचीन योग बचा हुआ है। यह संस्थान पूरे विश्व में समर्पित भाव से योग का प्रसार करने में योगदान दे रही है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राजयोग एक सर्वोत्तम योग पद्घति है। इससे मनुष्य का तन और मन दोनों स्वस्थ और सात्विक बनता है। व्यायाम और योगासन करने से शरीर भले ही पुष्ट और बलवान बन जाए लेकिन मन की आन्तरिक शक्तियों को जागृत करने में पूर्ण सफलता नहीं मिलती। मन को तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन अत्यन्त लाभकारी सिद्घ हुआ है।
उन्होंने कहा कि हमारे हर संकल्प से पाजिटिव या निगेटिव एनर्जी उत्पन्न होती है और वो हमारे शरीर में हार्मोन्स पैदा करती है। अस्सी प्रतिशत बीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोच से उत्पन्न उर्जा ही है। राजयोग का अभ्यास करने से हमारे सोच और विचार दोनों पाजिटिव हो जाते हैं। इस प्रकार मनोविकारों के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों से बच सकते हैं।
इससे पहले विषय को स्पष्ट करते हुए इन्दौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि राजयोग में सभी योग समाहित हैं। यह सभी योगों का राजा है। क्योंकि इसके  द्वारा हम कर्मेन्द्रियों के राजा बन जाते हैं। राजयोग के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। इस योग से तन और मन दोनों के रोगों को ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राजयोग एक जीवन पद्घति है। यह कोई सन्यास मार्ग नहीं है। यह हमें कर्मयोगी बनाता है। जिससे हम हर कार्य परमात्मा की याद में रहकर कर सकते हैं। योग से दूर हो जाने के कारण जीवन में तनाव बढ़ रहा है। जिसके परिणामस्वरूप हमारा शरीर अनेक रोगों का शिकार होता जा रहा है।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय,
रायपुर सम्पर्क मो.: ९६४४९६४६७४