Felicitation to Hon’ble CM Bhupesh Baghel Ji

रायपुर (छ. ग.): छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने के बाद माननीय भ्राता भूपेश बघेल जी को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी। साथ में उपस्थित हैं- ब्रह्माकुमारी सविता एवं रश्मि दीदी।   Continue reading

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया संवाद 

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित मीडिया संवाद
मीडिया मनोरंजन के साथ ही मानवीय मूल्यों को जागृत करने में योगदान दे…
ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी
रायपुर, ४ दिसम्बर: माउण्ट आबू से प्रकाशित ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने कहा कि समाज में मीडिया का बहुत प्रभाव है। मीडिया द्वारा प्रसारित बातों का हमारे मन पर गहरा असर होता है। इसी से व्यक्तित्व का निर्माण होता है और समाज को भी दिशा मिलती है। आज समय की मांग है कि मीडिया ऐसी सामग्री दे जो मानवीय मूल्यों को जागृत करे। तब ही समाज में बदलाव आएगा।
ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी आज विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में बोल रही थीं। चर्चा का विषय था सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका।
उन्होंने आगे कहा कि मीडिया दुव्र्यसनों से होने वाली बुराइयों को उजागर कर लोगों को उससे दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकता है। समाज में उँचे पदों पर बैठे लोग भी निराश और हताश होकर नशे का सहारा लेने लगते हैं। अत: लोगों को व्यसनों से दूर रहने के लिए सचेत करने की आवश्यकता है।
कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी को श्रद्घाजंलि देते हुए कहा कि उन्होंने मूल्यनिष्ठ मीडिया के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने आगे बतलाया कि नैतिक मूल्यों की पुर्नस्थापना से ही समाज में बदलाव आएगा। पत्रकारिता के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी मूल्यों का समावेश होना चाहिए।
माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि मीडिया को वर्तमान सामाजिक जरूरत के अनुरूप अपना एजेण्डा पुन: निर्धारित करने की जरूरत है। यदि लोगों के जीवन में सुख शान्ति नहीं है तो ऐसे विकास का कोई महत्व नहीं है। नैतिक मूल्यों में गिरावट आने से समाज में निराशा और हताशा बढ़ रही है। आज मीडिया में अस्सी प्रतिशत सामग्री राजनीतिक समाचारों पर केन्द्रित होती हैं। शेष बाजार से प्रभावित सामग्री होती है। अब उसे आम आदमी से जुड़ी सामग्री देने के बारे में सोचना चाहिए।
दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने कहा कि मीडिया और समाज एक दूसरे के पूरक हैं। समाज में बदलाव आता है तो मीडिया में भी परिवर्तन आता है। इसीलिए समाज में जो नकारात्मक बातें आ रही हैं उसे ही मीडिया अपने ढंग से दिखाता है। इन सबसे अलग जिन्होंने अपने विचार समाज में लादने की कोशिश की वह आज परिदृश्य से गायब हो गए हैं। इसलिए जैसे जैसे समाज में बदलाव आएगा वैसे वैसे मीडिया में भी परिवर्तन आएगा।
वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में व्यवसायियों के आ जाने से पेन तो पत्रकारों का है लेकिन स्याही मालिक की हो गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति इलेक्ट्रानिक मीडिया की है। वह अपना ज्यादा समय विवादों में चर्चा पर लगाने की बजाए समाज की विसंगतियों को उठाने पर दे तो अच्छा होगा।
आकाशवाणी के समाचार सम्पादक विकल्प शुक्ला ने कहा कि मीडिया को समाज का दर्पण कहा जाता है लेकिन क्या आज मीडिया समाज का सही बिम्ब दिखाने में सक्षम सिद्घ हो रहा है? बाजारवाद और पूंजीवाद के प्रभाव में आकर हम आज समाज से दूर हो गए हैं। समाज को उठाना भी मीडिया की जिम्मेदारी होती है।
आई.बी.सी.२४ न्यूज चैनल के संपादक रविकान्त मित्तल ने कहा कि वर्तमान मीडिया सिर्फ मनोरंजन और ग्लैमर तक सिमट कर रह गया है। इसी कारण उद्देश्य से दूर हो गए हैं। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझकर बैलेन्स बनाकर चलना होगा। फेक न्यूज समाज को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसे हमें पहचानना होगा।
प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया के सदस्य प्रदीप जैन ने कहा कि सामाजिक बदलाव एक सतत् प्रक्रिया है। वर्तमान समय संचार क्रान्ति के युग में एक सेकण्ड में देश-विदेश की खबरों को हम जीवन्त देख लेते हैं। तार्किक और सतत् इन बातों का ध्यान रखकर मीडिया सामग्री को तैयार करें तो समाज की प्रगति में योगदान कर सकते हैं। समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को देखते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी अपने तर्कपूर्ण विचारों की सहायता से न्यूज बनाएं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने सभी मीडिया कर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया समाज का महत्वपूर्ण इकाई है। मीडिया की विश्वसनीयता के कारण उसकी बातों को समाज महत्व देता है। इसलिए उसे सामाजिक परिवर्तन के कार्य में मददगार अवश्य बनना चाहिए।
मीडिया संवाद कार्यक्रम में पायोनियर के सम्पादक गंगेश द्विवेदी, बंसल न्यूज के स्टेट हेड जयप्रकाश पाराशर, क्लीपर टाइम्स २८ के सम्पादक श्याम वेताल, इण्डिया न्यूज के सम्पादक संजय शेखर, मुख्यमंत्री के पीआरओ उमेश मिश्रा, अमृत सन्देश के स्थानीय सम्पादक संजीव वर्मा, हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, ग्लीब्स न्यूज पोर्टल की सम्पादिका प्रियंका कौशल, वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, रवि भोई, भाग्योत्कर्ष के सम्पादक आशुतोष मिश्रा, केटीयू में सहायक प्राध्यापक नरेन्द्र त्रिपाठी, मितान एक्सप्रेस के सम्पादक के. वी. टी. श्रीधर राव, नव प्रदेश के सम्पादक यशवन्त धोटे आदि ने भाग लिया।
प्रेषक : मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर

for media content and service news, please visit our website- 
www.raipur.bk.ooo

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर शान्ति सरोवर में ४ दिसम्बर को मीडिया संवाद कार्यक्रम

ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश की तीसरी पुण्यतिथि पर

शान्ति सरोवर में ४ दिसम्बर को मीडिया संवाद कार्यक्रम

रायपुर, २ दिसम्बर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इन्दौर जोन के क्षेत्रीय निदेशक और मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई जी की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर ४ दिसम्बर को सुबह ११.३० बजे विधानसभा रोड स्थित शान्ति सरोवर में मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। चर्चा का विषय होगा सामाजिक बदलाव में मीडिया की भूमिका।
कार्यक्रम में माउण्ट आबू से ज्ञानामृत की सह सम्पादिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी, कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार, प्रेस कौंसिल ऑफ इण्डिया के सदस्य प्रदीप जैन, वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी, शिव दुबे, रमेश नैय्यर, राजेश लोहोटी, राजेश जोशी, बालमुकुन्द वर्मा, रविकान्त मित्तल, दीपक लाखोटिया, श्याम वेताल, समीर दीवान, दिवाकर मुक्तिबोध, आसिफ इकबाल, सनत चतुर्वेदी, राजेश दुबे, संजीव वर्मा, दामू आम्बेडारे, शंशांक शर्मा, के. के. शर्मा, प्रियंका कौशल, मधुकर द्विवेदी, प्रफुल्ल पारे, उमेश शुक्ला आदि भाग लेंगे। मूल वक्तव्य माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता वि.वि. के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित का होगा।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने बतलाया कि मीडिया संवाद में भाग लेने के लिए राजधानी के मीडिया कर्मियों को सस्नेह निमंत्रण है। भाग लेने वालों को मीडिया प्रभाग की ओर से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। कार्यक्रम के पश्चात शान्ति सरोवर में भोजन की भी व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश का २५ दिसम्बर, २०१५ को ८० वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इन्दौर जोन के क्षेत्रीय निदेशक होने के साथ ही इस संस्थान के मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। छत्तीसगढ़ से उनको विशेष लगाव था। राजधानी रायपुर में नौ एकड़ भूमि पर निर्मित दर्शनीय स्थल शान्ति सरोवर एवं बस्तर अंचल में संचालित आदिवासी उत्थान परियोजना के भी वह निदेशक थे। उनकी सराहनीय सेवाओं को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र से सम्बद्घ संस्थानों इन्टरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वल्र्ड पीस और कामन वेल्थ एसोसिएशन एण्ड ट्रेनिंग फॉर एडल्ट्स ने उनको इन्टरनेशनल अवार्ड इन मीडिया फॉर स्पीरिचुअलिटी से सम्मानित किया था।

प्रेषक : मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर


for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

मानसिक तनाव और लापरवाही से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं… – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

 

प्रेस विज्ञप्ति

मानसिक तनाव और लापरवाही से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं…
– ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, १९ नवम्बर, २०१८: ब्रह्माकुमारी संगठन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं वाहन चालक की लापरवाही से होती है। उसे यह समझ ही नहीं होती है कि उसका एक कृत्य कितने लोगों को बेसहारा बना देगा? सजगता के अभाव में दुर्घटनाओं पर काबू पाना सम्भव नहीं है। इसके साथ ही तनाव और तेज गति से वाहन चलाने से भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विश्व शान्ति भवन चौबे कालोनी रायपुर में सड़क दुर्घटना में पीडि़त लोगों की याद में आयोजित विश्व यादगार दिवस के अवसर पर बोल रही थीं। विषय था -आध्यात्मिकता से सुरक्षा। उन्होंने सर्वे भवन्तु सुखिन: का उल्लेख करते हुए कहा कि गाड़ी चलाते समय दूसरों को भी अपने समान मानकर उनकी असुविधा का ध्यान रखें, अधिक गति से और शराब पीकर गाड़ी न चलाएँ तो दुर्घटना में कमी हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि वाहन चालक को कितनी भी शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाए, यदि उसका अपने मन पर नियंत्रण नही होगा तो उसका गाड़ी के स्टियरिंग पर नियन्त्रण होना संभव नहीं है। इसलिए वाहन चालकों को योग की शिक्षा देना बहुत जरूरी है। उन्होने मुम्बई का उदाहरण देते हुए बतलाया कि वहॉं पर शासकीय परिवहन विभाग बेस्ट के ड्राइवर और कण्डक्टर को नियमित रूप से ब्रह्मïाकुमारी संस्थान द्वारा राजयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा इससे उनके आचरण और व्यवहार में जबर्दस्त परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होने तनाव को भी दुर्घटनाओं का एक कारण बतलाते हुए कहा कि योग से तनाव को दूर किया जा सकता है।
यातायात प्रशिक्षक टी. के. भोई ने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं युवाओं द्वारा लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण होती हैं। इसका प्रमुख कारण बच्चों में नैतिक और चारित्रिक शिक्षा का अभाव होना है। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए बतलाया कि उन्हें बचपन से ही घर और परिवार मेें माँ से नैतिकता की शिक्षा और अच्छे संस्कार मिले। जिससे कारण भविष्य में उन्हें आगे बढऩे में बहुत मदद मिली। उन्होंने सभी माताओं से अपील की कि जब बच्चा गाड़ी लेकर घर से निकले तो उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और धीरे वाहन चलाने के लिए प्रेरित अवश्य करें।
उन्होंने बतलाया कि विश्व में प्रतिवर्ष दस लाख लोग दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। अकेले भारत में पिछले वर्ष एक लाख छियालिस हजार पांच सौ तैतीस लोग दुर्घटनाओं में मारे गए। इनमें से अधिकांश लोग युवा थे। इसके अलावा पांच लाख लोग अपंग हो गए। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहायता करने की सलाह देते हुए बतलाया कि शासन के द्वारा वर्ष १९१६ में बनाए गए नए कानून के अनुसार आपको पुलिस अथवा अस्पताल द्वारा कोई पूछताछ या परेशान नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि सुरक्षित यात्रा के लिए मानसिक एकाग्रता बहुत जरूरी है। जो कि मेडिटेशन द्वारा ही संभव है। आध्यात्मिकता से हमें सुरक्षित यात्रा करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि गाडिय़ों की क्षतिपूर्ति तो इन्श्योरेन्स द्वारा हो जाता है लेकिन शारीरिक क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती। नियम और संयम ही यात्रा को सुरक्षित बनाते हैं।
संचालन ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने किया। अन्त में दो मिनट मौन रखकर पीडि़तों को आत्म सम्बल प्रदान करने के लिए मेडिटेशन किया गया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
सम्पर्क: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४



for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

कला एवं संस्कृति सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम…

e

प्रेस विज्ञप्ति
शीर्षक : १. कला एवं संस्कृति सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम…
२. सामाजिक विषमताओं को दूर करने में कला एवं संस्कृति की अहम भूमिका…
रायपुर, १८ नवम्बर: अतिरिक्त पुलिस निदेशक अरूण देव गौतम ने कहा कि कला एवं संस्कृति सामाजिक परिवर्तन का बहुत ही सशक्त माध्यम है। सामाजिक विषमताओं को दूर करने में यह अहम भूमिका निभा सकता है। स्वर्णिम संस्कृति से ही स्वर्णिम संसार बनेगा।
श्री गौतम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा शान्ति सरोवर में आयोजित अखिल भारतीय सांस्कृतिक महासम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विषय था स्वर्णिम संस्कृति से स्वर्णिम संसार।
उन्होंने आगे कहा कि सृष्टि का प्र्रारम्भ ही नाद (ध्वनि) से हुआ है। ओम में पूरी सृष्टि समायी हुई है। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और साहित्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। वास्तव में आपके अन्दर मन के जो भाव है उसको सशक्त ढंग से दूसरों के आगे अभिव्यक्त करना ही कला कहलाता है। कलाकार यदि ठान ले कि समाज की सोच को मुझे बदलना है तो यह सहज ही सम्भव हो सकता है।
मुम्बई की कला एवं संस्कृति प्रभाग की क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी नेहा दीदी ने कहा कि वर्तमान समाज में कलाकारों का बहुत महत्व है। कलाकारों की एक-एक बातों का समाज अनुसरण करता है। कलाकारों में इतनी ताकत है कि वह समाज को दिशा देने का कार्य कर सकता है। उन्होंने सभी से अपनी वाणी में मिठास लाने की सलाह देते हुए कहा कि हमारे बोल मीठे होंगे तो इससे हमें लोगों की दुआएं प्राप्त होंगी। फलस्वरूप हमें शान्ति, सुख और सन्तोष मिलेगा जो कि सामाजिक बदलाव के कार्य में मददगार सिद्घ होगा।
टेलीविजन एवं फिल्म कलाकार मुम्बई की सुश्री अंजलि अरोरा ने कहा कि वह वर्ष २०१३ में उनके परिवार में हुए दुखद दुर्घटना की वजह से वह शान्ति की तलाश में भटक रही थी तब उनके एक मित्र ने ब्रह्माकुमारी संस्थान का परिचय दिया। इस प्रकार वह ब्रह्माकुमारी संस्थान के सम्पर्क में आयीं। यहाँ राजयोग मेडिटेशन से उन्हें बहुत शान्ति मिली। जब वह माउण्ट आबू गईं तो वहाँ के शान्त, मनोरम और पवित्र वातावरण ने उन्हें बहुत अधिक प्रभावित किया। तब से वह इस संगठन से नियमित रूप से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बतलाया कि वह कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं जैसे कि सुल्तान, आलूचाट, गंगा की सौगन्ध, बाल ब्रह्मचारी आदि। इसके अलावा कई सीरियल्स में भी काम किया है जिनमें से मुख्य हैं-क्राईम पेट्रोल, शक्तिमान, कलर चैनल पर प्रसारित ये प्यार न होगा कम, कश्मीर आजकल, बन्धन, नरगिस, हैप्पी होम, डैडी समझा करो और नव्या आदि।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कला एवं संस्कृति प्रभाग के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया और कहा कि इसी तरह साल में एक बार समय निकालकर यहाँ आकर मीटिंग करें। यहाँ के शान्त और पवित्र वातावरण में उन्हें अच्छी-अच्छी प्रेरणाएं मिलेंगी।
इससे पहले कला एवं संस्कृति प्रभाग के माउण्ट आबू समन्वयक ब्रह्माकुमार सतीश भाई, नितिन भाई और दुर्ग के युगरत्न भाई ने सुमधुर गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। संचालन दिल्ली की ब्रह्माकुमारी रचना और रश्मि दीदी ने किया। समारोह में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, मुम्बई, उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भाग लिया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रायपुर


for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

युवा अपनी असली ताकत को पहचान कर रचनात्मक कार्य करें …. डॉ. मानसिंह परमार

प्रेस विज्ञप्ति
युवा अपनी असली ताकत को पहचान कर रचनात्मक कार्य करें …. डॉ. मानसिंह परमार

रायपुर, ११ नवम्बर : कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि युवा अपनी असली ताकत को पहचानें और स्वयं को सकारात्मक दिशा दें। इस समय युवाओं में हिंसा, अपराध, नशाखोरी, आतंकवाद, मूल्यहीनता आदि आदि दुर्गुण देखने को मिल रहे हैं। सफलता को जल्दी पाने की इच्छा और सही मार्गदर्शन के अभाव में युवक गलत मार्ग पर चल पड़ते हैं। आज यह सोचने का विषय है कि क्या देश की युवाशक्ति सही दिशा में जा रही है?
श्री परमार आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के युवा प्रभाग द्वारा शान्ति सरोवर में आयोजित मेरा भारत स्वर्णिम भारत युवा बसयात्रा के अन्तर्गत गुजरात से चलकर दस राज्यों का भ्रमण करते हुए बयालिस हजार किलोमीटर की यात्रा कर रायपुर आए युवाओं के अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
डॉ. मानसिंह परमार ने आगे कहा कि युवाओं में अदम्य उत्साह, चुनौतियों का सामना करने की क्षमता, सपनों को पूरा करने का हौसला तथा मानसिक और शारीरिक उर्जा होती है। लेकिन यह दु:ख की बात है कि आज के समय में युवाओं में टूटते हुए सपनों से हताशा, असन्तोष और तनाव दिखाई देता है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मार्ग में इन युवाओं ने लोगों को धार्मिक अन्धविश्वासों, कुरीतियों और व्यसनों आदि का त्याग करने के लिए प्रेरित करने का कार्य किया है।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. एल. वर्मा ने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माता होते हैं। उनकी उर्जा को सकारात्मक दिशा दे दी जाए तो वह स्वर्णिम भ् ाारत के निर्माण में मददगार बन सकते हैं। उन्होंने बतलाया कि शिक्षा मतलब सिर्फ लिखना-पढऩा नहीं होता। लेकिन इसमें आदर्श मनुष्य बनने की प्रक्रिया भी शामिल है। हमारी शिक्षा लोगों को कुशल तो बना रही है किन्तु आदर्श युवा बनाने में सक्षम सिद्घ नहीं हो पा रही है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगठन की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान युवाओं के माध्यम से श्रेष्ठ समाज के निर्माण का कार्य कर रही है।
ब्रह्माकुमारी संगठन के क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि सृजनशील युवाओं की सहभागिता से ही देश में नैतिक मूल्यों की पुनस्र्थापना होगी तथा देहजप्रथा, धार्मिक अन्धविश्वास, कुरीतियों और नशाखोरी जैसी बुराइयों का उन्मूलन होगा। छत्तीसगढ़ की धरती का परम सौभाग्य है कि इतने तपस्वी, निव्यर्सनी और सन्देश वाहक युवकों के कदम छत्तीसगढ़ राज्य में पड़े। बसयात्रा छत्तीसगढ़ में पच्चीस दिन तक रहेगी और विभिन्न शहरों में जाकर आध्यात्मिक सन्देश देने का कार्य करेगी। इन पदयात्राओं का उद्देश्य युवाओं में आध्यात्मिक जागृति लाना है। इसलिए यह बसयात्री युवाओं ने सिर्फ सड़कों को ही नहीं नापा अपितु यह रास्ते में अनेक गॉंवों और विद्यालयों में गए। वहाँ के लोगों को जागृत किया।
बस यात्रा की टीम लीडर अहमदाबाद की ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने कहा कि यह युवक हजारों किलोमीटर की दूरी चलकर आए वह तो महत्वपूर्ण उपलब्धि है ही लेकिन मार्ग में समाज को दिशा देते चले आ रहे हैं जो कि बड़े ही गौरव की बात है। समाज को जोडऩे के लिए आज ऐसे ही प्रयासों की आवश्यकता है। समारोह को हरियाणा के कम्प्यूटर इन्जीनियर ब्रह्माकुमार कमल भाई ने भी सम्बोधित किया। संचालन रायपुर की राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज शान्ति सरोवर,
रायपुर सम्पर्क: ९४२५५०२२५५



for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

स्वर्णिम भारत बस यात्रा के तपस्वी युवाओं का नगरागमन,  ११ नवम्बर को शान्ति सरोवर में अभिनन्दन समारोह

ब्रह्माकुमारी संस्था के युवा प्रभाग द्वारा पूरे देश में स्वर्णिम भारत युवा बसयात्रा अभियान
स्वर्णिम भारत बस यात्रा के तपस्वी युवाओं का नगरागमन,
११ नवम्बर को शान्ति सरोवर में अभिनन्दन समारोह
रायपुर, १० नवम्बर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के युवा प्रभाग द्वारा आयोजित मेरा भारत स्वर्णिम भारत युवा बस यात्रा के अन्तर्गत मार्ग में जन-जन को अन्धविश्वास, कुरीतियों, दहेज प्रथा उन्मूलन और व्यसनमुक्ति का सन्देश देते हुए युवा बस यात्री कल रायपुर आ रहे हैं।  रविवार, ११ नवम्बर को शाम ६ बजे  विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर में अभिनन्दन समारोह आयोजित किया गया है। चर्चा का विषय है चुनौतियों का सामना।
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा जारी विज्ञप्ति में बतलाया गया है कि यह बस यात्रा अहमदाबाद से प्रारम्भ होकर अनेक राज्यों का भ्रमण करते हुए कल रायपुर आ रही है। कल रविवार, ११ नवम्बर को सुबह ६  बजे तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राईव में महापौर प्रमोद दुबे बस यात्रियों का स्वागत करेंगे। पश्चात इन्दिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में छात्रों को सन्देश देने के बाद बस आरंग जाएगी। रविवार को ही शाम ६ बजे  विधानसभा मार्ग पर स्थित शान्ति सरोवर में बस यात्रियों के सम्मान में अभिनन्दन समारोह आयोजित किया गया है। समारोह के माननीय अतिथि कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. एल. वर्मा होंगे। अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी करेंगी।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने आगे बतलाया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य बस में प्रयुक्त आध्यात्मिक प्रदर्शनी व व्याख्यानों के माध्यम से लोगों को नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न अन्धविश्वासों, कुरीतियों, व्यसनों, दहेजप्रथा, महिला उत्पीडऩ आदि सामाजिक बुराईयों का परित्याग करने के लिए प्रेरित करना है।
मेरा भारत स्वर्णिम भारत बस यात्रा का शुभारम्भ अहमदाबाद से हुआ था। अब तक यह बस दमन, दीव, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश, तेलगांना और उड़ीसा आदि राज्यों का दौरा कर चुकी है। छत्तीसगढ़ में एक माह तक कई शहरों में सन्देश देने के बाद से यह बस झारखण्ड राज्य में जाएगी। इस यात्रा का समापन अगले साल मार्च में अहमदाबाद में किया जाएगा।
प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
शान्ति सरोवर, रायपुर

for media content and service news, please visit our website- 
www.raipur.bk.ooo

नया रायपुर (अटल नगर) स्थित शान्ति शिखर में धूमधाम से दीवाली मनाई गई

  1. नया रायपुर (अटल नगर) स्थित शान्ति शिखर में धूमधाम से दीवाली मनाई गई

छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नया रायपुर, जिसे अब अटल नगर के नाम से जाना जाता है, में हम सबके अतिमीठे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाई जी के ड्रीम प्रोजेक्ट शान्ति शिखर का निर्माण कार्य धीरे-धीरे मूर्त रूप लेता जा रहा है। अट्ठाईस हजार (28000) वर्ग फुट का बेसमेन्ट तो पहले से ही तैयार था, अब ग्राउण्ड फ्लोर भी शनै: शनै: साकार रूप लेता जा रहा है। जो कि किसी भव्य महल से कम नहीं लगता है। बहुत जल्दी ही इसकी भी छत पडऩे वाली है। उसके बाद विशाल सभागार बाल्कनी सहित बनाया जाएगा।

दिवाली के शुभ अवसर पर परम श्रद्घेय ब्रह्माकुमारी कमला दीदी हर वर्ष दीप यहाँपर प्रज्वलित करने जाती थीं। लेकिन इस बार उन्होंने जो भाई-बहन सहजतापूर्वक आ सकते थे उनके लिए पिकनिक रखी थी। शिवबाबा को भोग स्वीकार कराने के उपरान्त केक काटकर दीप प्रज्वलित किया गया। बड़ी बहन जी ने सविता बहन, भूमिका बहन, रश्मि बहन, भावना बहन, अदिति बहन, सौम्या बहन आदि आदि बहनों के साथ शिवध्वज भी फहराया।

इस अवसर पर कमला दीदी ने बड़े ही स्नेह और आदर के साथ मीठे भाई जी को याद किया। उन्होंने बतलाया कि मीठे भाई जी को शान्ति शिखर से बड़ा लगाव था, यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था। जगह चयन करने के साथ-साथ इस केन्द्र का नाम और नक्शा भी उन्हीं के द्वारा तैयार कराया गया था। वह जब भी रायपुर आते थे तो इस जगह को देखने जरूर आते थे। उनके शुभ प्रकम्पन आशीर्वाद के रूप में अभी भी यहाँ सेवा कर रहे हैं। इस बीच उनको याद करते हुए वह काफी भावुक हो गई थीं। फिर अपनी भावनाओं पर नियंत्रण  रखते हुए उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों को दीपावली की हार्दिक बधाई दी। और जिन आत्माओं ने शान्ति शिखर के निर्माण में तन-मन और धन से सहयोग दिया है और दे रहे हैं, उन सभी को धन्यवाद देते हुए बापदादा को भी मदद के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम बहुत ही सुखद और यादगार रहा।

अच्छा जी ओमशान्ति।

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

अन्तर्मन में सद्संकल्पों के दीप जलाएं… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

प्रेस विज्ञप्ति

अन्तर्मन में सद्संकल्पों के दीप जलाएं… ब्रह्माकुमारी कमला दीदी The YouTube ID of Insert video URL or ID here is invalid.

रायपुर, ०८ अक्टूबर: बाहर के अन्धकार को तो मिट्टी के दीपक जलाकर दूर कर सकते हैं किन्तु अन्र्तमन में छाए हुए अन्धकार को दूर करने के लिए हमें शुभसंकल्पों के दीप जलाने होंगे।

यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने दीपावली पर चौबे कालोनी में आयोजित आध्यात्मिक समारोह में व्यक्त किए। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि आओ हम सभी मनुष्य सत्य परमात्मा से सत्य ज्ञान लेकर अपने जीवन को पावन बनाएं। अपनी आत्म ज्योति जगाकर ईश्वरीय मिलन का वास्तविक सुख प्राप्त करें। ऐसे मनोपरिवर्तन से ही पृथ्वी पर स्वर्ग आएगा। जहाँ श्री लक्ष्मी और श्री नारायण का राज्य होगा।

उन्होंने आगे कहा कि आत्मा ही सच्चा दीपक है। विकारों के वशीभूत हो जाने के कारण आत्मा का प्रकाश आज मलिन हो गया है। लागों का अन्तर्मन काम, क्रोध आदि विकारों के अधीन हो गया है। ऐसे विकारी मनुष्यों के बीच श्री लक्ष्मी का शुभागमन भला कैसे हो सकता है? यह कैसी विडम्बना है कि मन-मन्दिर की सफाई करने की जगह बाहरी सफाई से ही हम खुश हो जाते हैं। इस समय परमपिता परमात्मा जो कि जन्म-मरण के चक्र में न आने के कारण सदा ही जागती ज्योति हैं, हम मनुष्य आत्माओं की ज्ञान और योग से ज्योति जगाकर पावन बना रहे हैं। दीपावली का त्यौहार परमात्मा के इन्हीं कर्मों की यादगार है।

दीपावली का त्यौहार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बड़े ही धूमधाम से हर्षोल्लास और उमंग उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेवाकेन्द्र को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। आंगन में रंगोली भी सजायी गयी थी, जो कि बड़ा ही मनोहारी प्रतीत हो रहा था।

प्रारम्भ में इन्दौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने परमपिता परमात्मा के ईश्वरीय महावाक्य पढ़कर सुनाया। पश्चात शिवबाबा को भोग स्वीकार कराया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय चौबे कालोनी, रायपुर फोन : २२५३२५३, २२५४२५४


for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo

शान्ति सरोवर सजाई गई चैतन्य देवियों की झाँकी अद्भुत है… न्यायमूर्ति चन्द्र भूषण बाजपेयी

  1. शान्ति सरोवर सजाई गई चैतन्य देवियों की झाँकी अद्भुत है… न्यायमूर्ति चन्द्र भूषण बाजपेयी

रायपुर, १० अक्टूबर, २०१८: न्यायमूर्ति चन्द्र भूषण बाजपेयी ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विधानसभा मार्ग पर स्थित शान्ति सरोवर में सजाई गई नौ देवियों की चैतन्य झाँकी अद्भुत एवं दर्शनीय है। यहाँ पर माँ दुर्गा के नौ रूपों को अत्यन्त आकर्षक एवं जीवन्त स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है।

न्यायमूर्ति श्री बाजपेयी झाँकी का अवलोकन करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। वह हाल ही में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष होने के साथ ही हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति भी बनाए गए हैं। चैतन्य देवियों की झाँकी का शुभारम्भ न्यायमूर्ति बाजपेयी के साथ ही क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी और वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सविता एवं प्रियंका बहन ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।

श्री बाजपेयी ने आगे कहा कि अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में ऐसी सुन्दर, मनोहारी और जीवन्त झाँकी उन्होने पहली बार देखी है। यह नगरवासियों के लिए गौरव की बात है कि इतना सुन्दर आयोजन राजधानी में किया गया है। यहाँ आने के बाद व्यक्ति स्वयं को तनावमुक्त महसूस करने लगता है। यहाँ सचमुच बहुत अधिक शान्ति है।

उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा के नौ रूपों की जीवन्त प्रस्तुति अत्यन्त सराहनीय है। विशेषकर इन देवियों के महत्व को दर्शाने के लिए की जाने वाली कमेन्ट्री रोचक है। उन्होंने सामाजिक जागृति के कार्यों के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने बतलाया कि शान्ति सरोवर में विगत २० वर्षों से प्रतिवर्ष नवरात्रि पर चैतन्य देवयिों की झाँकी सजायी जाती है। जनता ने इसको खूब पसन्द किया है। यह झाँकी शान्ति सरोवर रायपुर में  १९ अक्टूबर, २०१८ तक रहेगी। इसमें भक्तजन प्रतिदिन शाम को ६ से रात्रि १० बजे तक चैतन्य देवियों के दर्शन कर सकेंगे। झाँकी में संगीतमय कमेन्ट्री के माध्यम से विशाल मंच पर विराजित शिवशक्तियों -मॉं दुर्गा, श्री लक्ष्मी, सरस्वती, काली, गायत्री वैष्णो देवी, मीनाक्षी, सन्तोषी माता और उमादेवी आदि की महिमा का लाइट एण्ड साउण्ड के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केन्द्र होती है।

प्रेषक : मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शान्ति सरोवर, रायपुर फोन: ०७७१-२२५३२५३, २२५४२५४

for media content and service news, please visit our website-
www.raipur.bk.ooo