मानसिक तनाव और लापरवाही से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं… – ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

 

प्रेस विज्ञप्ति

मानसिक तनाव और लापरवाही से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं…
– ब्रह्माकुमारी कमला दीदी

रायपुर, १९ नवम्बर, २०१८: ब्रह्माकुमारी संगठन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं वाहन चालक की लापरवाही से होती है। उसे यह समझ ही नहीं होती है कि उसका एक कृत्य कितने लोगों को बेसहारा बना देगा? सजगता के अभाव में दुर्घटनाओं पर काबू पाना सम्भव नहीं है। इसके साथ ही तनाव और तेज गति से वाहन चलाने से भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
ब्रह्माकुमारी कमला दीदी आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विश्व शान्ति भवन चौबे कालोनी रायपुर में सड़क दुर्घटना में पीडि़त लोगों की याद में आयोजित विश्व यादगार दिवस के अवसर पर बोल रही थीं। विषय था -आध्यात्मिकता से सुरक्षा। उन्होंने सर्वे भवन्तु सुखिन: का उल्लेख करते हुए कहा कि गाड़ी चलाते समय दूसरों को भी अपने समान मानकर उनकी असुविधा का ध्यान रखें, अधिक गति से और शराब पीकर गाड़ी न चलाएँ तो दुर्घटना में कमी हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि वाहन चालक को कितनी भी शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाए, यदि उसका अपने मन पर नियंत्रण नही होगा तो उसका गाड़ी के स्टियरिंग पर नियन्त्रण होना संभव नहीं है। इसलिए वाहन चालकों को योग की शिक्षा देना बहुत जरूरी है। उन्होने मुम्बई का उदाहरण देते हुए बतलाया कि वहॉं पर शासकीय परिवहन विभाग बेस्ट के ड्राइवर और कण्डक्टर को नियमित रूप से ब्रह्मïाकुमारी संस्थान द्वारा राजयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा इससे उनके आचरण और व्यवहार में जबर्दस्त परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होने तनाव को भी दुर्घटनाओं का एक कारण बतलाते हुए कहा कि योग से तनाव को दूर किया जा सकता है।
यातायात प्रशिक्षक टी. के. भोई ने कहा कि ज्यादातर दुर्घटनाएं युवाओं द्वारा लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण होती हैं। इसका प्रमुख कारण बच्चों में नैतिक और चारित्रिक शिक्षा का अभाव होना है। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए बतलाया कि उन्हें बचपन से ही घर और परिवार मेें माँ से नैतिकता की शिक्षा और अच्छे संस्कार मिले। जिससे कारण भविष्य में उन्हें आगे बढऩे में बहुत मदद मिली। उन्होंने सभी माताओं से अपील की कि जब बच्चा गाड़ी लेकर घर से निकले तो उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और धीरे वाहन चलाने के लिए प्रेरित अवश्य करें।
उन्होंने बतलाया कि विश्व में प्रतिवर्ष दस लाख लोग दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। अकेले भारत में पिछले वर्ष एक लाख छियालिस हजार पांच सौ तैतीस लोग दुर्घटनाओं में मारे गए। इनमें से अधिकांश लोग युवा थे। इसके अलावा पांच लाख लोग अपंग हो गए। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त लोगों की सहायता करने की सलाह देते हुए बतलाया कि शासन के द्वारा वर्ष १९१६ में बनाए गए नए कानून के अनुसार आपको पुलिस अथवा अस्पताल द्वारा कोई पूछताछ या परेशान नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि सुरक्षित यात्रा के लिए मानसिक एकाग्रता बहुत जरूरी है। जो कि मेडिटेशन द्वारा ही संभव है। आध्यात्मिकता से हमें सुरक्षित यात्रा करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि गाडिय़ों की क्षतिपूर्ति तो इन्श्योरेन्स द्वारा हो जाता है लेकिन शारीरिक क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती। नियम और संयम ही यात्रा को सुरक्षित बनाते हैं।
संचालन ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने किया। अन्त में दो मिनट मौन रखकर पीडि़तों को आत्म सम्बल प्रदान करने के लिए मेडिटेशन किया गया।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग,
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
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