नकारात्मक विचार तनाव पैदा करते हैं … ब्रह्माकुमारी प्रियंका

नकारात्मक विचार तनाव पैदा करते हैं … ब्रह्माकुमारी प्रियंका
रायपुर, ३० सितम्बर : तनाव का प्रमुख कारण है नकारात्मक विचार। आज जीवन में नकारात्मकता का अंश इतना ज्यादा हो गया है कि हमारे विचार, दृष्टिकोण, भावनाएं और बोल आदि सब कुछ नकारात्मक हो गए हैं। इन्हीं नकारात्मक विचारों ने डायबिटिज, ब्लडप्रेशर, ह्ृदयरोग एवं डिप्रेशन जैसी बीमारियों को जन्म दिया है।

 यह विचार ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में आयोजित राजयोग अनुभूति शिविर के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज जो चीज मनुष्यों के पास है, उसका सुख तो वह लेता नहीं है लेकिन जो चीज नहीं है, उसको वह प्राप्त करने में लगा रहता है।

उन्होंने बतलाया कि जिस व्यक्ति के जीवन में मिठास नहीं है और जो सदैव यह सोचता है कि सब उसी के अनुसार चलें तो ऐसे विचार डायबिटिज को जन्म देते हैं। जिस व्यक्ति ने अपने जीवन से खुशियों को समेट लिया है और जो सदैव ईष्र्या व नफरत की भावना से ग्रसित रहता है, उसे ह्ृदयरोग जकड़ लेता है। जो व्यक्ति बीती हुई बातों का बार-बार चिन्तन करता है और छोटी-छोटी बातों को सोच-सोच कर बड़ा बना देता है, उन्हें ही उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) होने की सम्भावना अधिक होती है। उन्होंने बतलाया कि इस शिविर का उद्देश्य सिर्फ तनावमुक्त अथवा रोगमुक्त होना ही नहीं है बल्कि अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाकर उसे एक नई दिशा देना है।

 इस शिविर के माध्यम से यह बतलाया जाएगा कि विचारों में परिवर्तन करके जीवनशैली में बदलाव कैसे लाया जावे। क्योंकि किसी के विचार ही उसके जीवन की दिशा तय करते हैं। उन्होंने तनाव से बचने के लिए चार सूत्र बतलाए। सकारात्मक चिन्तन, जब कोई विषम परिस्थिति आए तो यह सोचो कि यह समय भी निकल जाएगा, सभी के प्रति शुभ चिन्तन करना और ट्रस्टी होकर रहना।
शुभ भावना दिवस मनाने की जरूरत …
 ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी ने तनाव से बचने के उपायों की चर्चा करते हुए कहा कि अपने विचारों को सकारात्मक बनाएं और साथ ही सभी के प्रति शुभ भावना रखें। इससे हमारे सम्बन्ध तो सुधरेंगे ही, स्वास्थ्य भी अच्छा हो जाएगा। आज संसार में शुभ भावना की बेहद कमी हो गई है। विश्व में अनेक दिवस मनाए जाते हैं जैसे कि पर्यावरण दिवस, महिला दिवस आदि। उसी प्रकार शुभ भावना दिवस मनाने की जरूरत है। कैलिफोर्निया में हुए अनुसंधान में यह पता चला कि संंसार में जितने लोग धूम्रपान तथा शराब के कारण रोगी बनते हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग दूषित भावनाओं के कारण रोगी बन जाते हैं। ईष्र्या और नफरत की भावना ही कैंसर और हृदयरोग का कारण बनते हैं। तो क्यों न हम सबके प्रति  शुभ भावना रखें। मेडिकल साइन्स ने तो शुभ भावनाओं को सबसे अच्छा मेडिसीन (Healing Medicine) माना है।
 ब्रह्माकुमारी प्रियंका दीदी ने शिविरार्थियों को कहा कि सदैव यह याद रहे कि सभी आत्माएं एक परमात्मा की सन्तान हैं। और यह सारा विश्व एक सुन्दर परिवार की तरह है। हमारे सिर पर परमात्मा का कल्याणकारी हाथ है तो हमारी भावनाएं श्रेष्ठ बनी रहेंगी।
 प्रेषक : मीडिया प्रभाग, ब्रह्माकुमारीज, रायपुर
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