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राजयोग सीखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना जरूरी… – प्रो. ई.वी. स्वामीनाथन

प्रेस विज्ञप्ति

१. तनाव से छूटने के लिए राजयोग मेडिटेशन प्राचीन तरीका…
२. राजयोग सीखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना जरूरी…
– प्रो. ई.वी. स्वामीनाथन

रायपुर, 09 सितम्बर: मुम्बई के कार्पोरेट ट्रेनर एवं मेमोरी एक्सपर्ट प्रो. ई.वी. स्वामीनाथन ने कहा कि राजयोग से तनाव दूर हो जाता है। राजयोग से हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा हो जाता है। राजयोग से एकाग्रता की शक्ति बढ़ जाती है। पारिवारिक सम्बन्धों में मधुरता आती है। क्रोध आना कम हो जाता है। लेकिन राजयोग सीखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना जरूरी है।

प्रो. स्वामीनाथन आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रायपुर सेवाकेन्द्र द्वारा शिक्षकों के लिए वेबीनार के माध्यम से आयोजित तनावमुक्ति शिविर में बोल रहे थे। इस पांच दिवसीय वेबीनार का आज दूसरा दिन था। इसका आनलाईन प्रसारण शाम को छ: बजे यूट्यूब पर शान्ति सरोवर रायपुर चैनल के अन्तर्गत किया जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि तनाव से छुटकारा पाने के लिए हम जो तरीका अपनाने जा रहे हैं वह हमारे देश की बहुत ही प्राचीन तकनीक है। इसका नाम है राजयोग। यह ध्यान लगाने का बहुत ही सहज, सरल और आसान तरीका है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसा माना जाता है कि जिसके जीवन में राजयोग आ जाता है, वह बहुत ही भाग्यशाली होता है।

प्रो. स्वामीनाथन ने बतलाया कि राजयोग से तनाव तो दूर होता ही है। साथ ही बीमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है। बिमारियाँ तो आएंगी लेकिन राजयोगी उनका सामना करने में सक्षम हो जाता है। राजयोग से हमारा स्वास्थ्य अच्छा हो जाता है। इससे एकाग्रता की शक्ति बढ़ जाती है। पारिवारिक सम्बन्धों में मधुरता आती है। धीरे-धीरे क्रोध आना कम हो जाता है। लेकिन राजयोग सीखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना होगा। इसमें व्यायाम, स्वास्थ्यवर्धक भोजन और राजयोग का अभ्यास शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यदि हमने मन का प्रबन्धन करना सीख लिया तो हमारे लिए राजयोग का अभ्यास करना सहज हो जाता है। अब सवाल उठता है कि मन को शक्तिशाली कैसे बनाएं? राजयोग में हमें यह शिक्षा मिलती है कि मन को हम अपना दोस्त बना लें।

उन्होंने बतलाया कि यदि मैनेजमेन्ट सीखना हो तो जापान के लोगों से सीखना चाहिए। यहाँ बहुत सारी भूकम्प की घटनाएं होती हैं। लेकिन यहाँ के लोग जल्द ही उन्हें ठीक कर लेते हैं। यह उनकी विशेषता है। यहाँ के उत्पाद अपनी उच्च स्तरीय गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। जब हम किसी उत्पाद में मेड इन जापान अक्षर लिखा हुआ देखते हैं तो मन में सुकून होता है कि जरूर यह अच्छी चीज होगी। जापान के लोगों का मानना है कि रोज जीवन में छोटा-छोटा परिवर्तन करते जाएं। आप देखेंगे इससे एक साल बाद आपके जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन आ गया है।

प्रेषक: मीडिया प्रभाग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
रायपुर फोन: 0771-2253253, 2254254


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